00:00आज साल दो हजार चब्वीस का पहला चंदग्रहन लग रहा है।
00:04हिंदु धर्म में चंदग्रहन को सिर्फ खगोलिय घटना नहीं, बलकि धार्मिक द्रिष्टी से भी महत्वपूर माना जाता है।
00:10जब प्रिथवी सूर्य और चंदग्रहन के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंदग्रहन पर पड़ती है, तब चंदग्रहन होता
00:16है।
00:16इस दोरान चंद्रहन का रंग हलका लाल या तामबे जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे बलड मून भी कहा जाता
00:23है।
00:23पंचांग के अनुसार ये ग्रहन सिंग राशी और पूर्वा फालगुली नक्षत्र में लग रहा है।
00:28भरतिय समय के अनुसार ग्रहन दो कहर तीन बच कर बीस मिनट से शुरू होगा, लेकिन उस समय भारत में
00:34चंद्रमा दिखाई नहीं देगा।
00:36भारत में चंद्रमा का उदय शाम लगभग 6 बचकर 26 से 6 बचकर 32 मिनट के बीच होगा, और उसी
00:42समय ग्रहन का अंतिम चरण चल रहा होगा।
00:45ग्रहन करीब 6 बचकर 46 से 6 बचकर 47 मिनट के बीच समाप्त हो जाएगा।
00:51यानि भारत में ये चंद्रग्रहन केवल 15 से 20 मिनट के लिए ही दिखाई देगा।
00:56धार्मिक मानिता के अनुसार चंद्रग्रहन का प्रभाव सभी राशियों और व्यक्तियों पर पढ़ता है।
01:01ग्रहन के समय मंत्र जाप और भगवान का समरन करना शुब माना जाता है, जबकि खाना बनाना, भोजन करना और
01:08शुब कारे शुरू करना वर्जित बताया गया है।
01:11ग्रहन से पहले सूतक काल भी लगता है, जिसे अशुप समय माना जाता है।
01:15सूतक काल में विशेश सावधानी बरतने और भगवान का नाम लेने की सलाह दी जाती है।
01:20जानकारों के मुताबिक जब चंद्रग्रहन शुरू होता है, लेकिन उस समय भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देता और चंद्रमा उदय
01:27होने के बाद ग्रहन का आखरी हिस्सा दिखता है, तो उसे ग्रस्तोदित कहा जाता है।
01:32आज लगने वाले चंद ग्रहन को भी ग्रस्तोधित चंद ग्रहन इसलीए कहा जा रहा है क्योंकि इसका उदय जब होगा
01:38उस समय भारत में चंदरमा दिखाई नहीं देगा
01:41यानि ग्रहन दुपहर 3 बचकर 20 मिनट पर शुरू होगा लेकिन उस समय भारत में चांद आस्मान में नहीं होगा
01:47भारत में चंद्रमा शाम करीब 6 बचकर 26 से 6 बचकर 32 मिनट के पीच उदै होगा
01:53उस समय ग्रहन का अंतिम चरण चल रहा होगा
01:56सवाल ये उठता है कि चंद्र ग्रहन होता क्या है
01:59तो चांद कोई खुद की रोशनी वाला तारा नहीं है
02:02ये एक ठंडा चटानी पिंड है जिसका डायमीटर लगभग 3446 किलोमीटर है
02:07चांद चमकता इसलिए है क्योंकि सूरज की रोशनी उसकी सतह से टकरा कर वापस हमारी आखों तक आती है
02:13चांद हर 29.5 दिन में पृत्वी का एक चक्कर लगाता है
02:17जब सूरज, पृत्वी और चांद एक सीधी लाइन में आ जाते हैं और पृत्वी बीच में आ जाती है तो
02:23पृत्वी की छाया चंद्रमा पर परती है
02:25यही छाया चंद्रग्रहन कहलाती है
02:27ये घटना सिर्फ पूनिमा के दिन ही हो सकती है क्यूंकि पूनिमा पर चांद पृत्वी के ठीक सामने होता है।
02:34फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India Hindi के साथ।
02:57जालोग दूनिया आफनों तो जूना झालोग सिलुग के सामने है।
Comments