00:00वैदिक पंचांग के नुसार पॉष मास में पॉष पुत्रदा एकादशी व्रत 30 दिसंबर को किया जा रहा है
00:07पॉष माह के शुकलपक्ष की एकादशी तिथी की शुरुवात 30 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 50 मिनट से 31 दिसंबर की सुबह 5 बजे तक रहेगा
00:17यानिकि आप 30 दिसंबर को पूरे दिन पूजा पाठ कर सकते हैं वही अगले दिन पारण का समय होगा
00:23अगर आप वरत रख रहे हैं तो पारण करने का समय दोपहर 1 बजकर 29 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 33 मिनट तक है
00:32इस दोरान किसी भी समय वरत का पारण किया जा सकता है
00:35आईए इस विडियो में आपको बताते हैं कि पौश पुत्रदा एक आदशी के दिन
00:40वरत कैसे करें, साथी वरत में क्या खा सकते हैं और क्या नहीं
00:44इस दन सूर्योदे से पहले स्नानादी से निवरत तो होकर प्राता काल स्नान कर स्वच वस्त्र पहन ले
00:49भगवान विष्णू और माता लक्ष्मी की प्रतिमाय या तस्वीर को
00:53गंगाजल से स्नान करें, उन्हें फूल, तुलसी, दल, पीले, वस्त्र और मिठाई अर्पित करें
00:59वरत रखने का संकल पले
01:01अब आप वरत कथा सुने, इस दिन वरत कथा सुनने और सुनाने का विशेश महत्व है
01:05बात करें भोजन की, तो आप पूजा के बाद ही भोजन ग्रहण कर सकती है
01:10इस वरत में केला, अंगूर, सेब और अनार जैसे ताजे फलों का सेवन किया जा सकता है
01:15बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोड भी खा सकते हैं
01:19दूद दही और पनीर का भी सेवन कर सकते हैं
01:21वरत के दोरान कुट्टू कार्टा, सिंगाडे कार्टा या साबुदाने से बनी चीजे भी हाई जा सकती है
01:27वरत के भोजन में साधार नमक की जगा, केवल सेधा नमक का ही इस्तमाल करें
01:32इस दिन चावल, नह, वरती और नहीं वरती के परिवार जनों को खाना चाहिए
01:36प्याज लैसुन और मांस मदिरा आदी से भी दूरी बनाए
01:39वरत के दोरान शहद और सुपारी का सेवन बिलकुल नहीं करें
01:43बाहर के पैकेट की चीज़ और होटल के खाने से भी बचें
01:47वरत के दिन पूर्ण ब्रह्म चरिका पालन करें
01:49किसी की निंदा या बुराई ना करें
01:51क्रोध पर नियंत्रन करें
01:52एकादशी के दिन तुलसी पत्ता ना तोड़े
01:54पूजा के लिए एक दिन पहले ही
01:56पत्ते तोड़ कर रखतें इस दिन उन्हें
01:58जल भी ना चड़ाएं वो पाए तो एकादशी की रात को
02:01सोई नहीं बल्कि भजन कीरतन करें
02:03फिलहाल इस वीडियो में इतना ही
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