00:00इशाकी नमाज का वक्त कब से शुरू होता है और कब खतम होता है और इसका मुस्तहब वक्त क्या है
00:06Assalamu alaykum wa rahmatullahi wa barakatuh
00:15महतरम हुजराद, उम्मीद है आप सब खेरियत से होंगे
00:20आज हम इशाकी नमाज के वक्त के बारे में जानेंगे
00:24कि इशाकी नमाज का वक्त कब से शुरू होता है और कब खतम होता है
00:30और इसका मुस्तहब वक्त क्या है
00:32तो आए जानते हैं
00:35मग्रिब का वक्त खतम होने से फौरण इशाका वक्त शुरू हो जाता है
00:40यानि जब मग्रिब का वक्त खतम हो जाता है
00:43तो फ़्वरान एशा का वक्त शुरू हो जाता है
00:46अगर आपने मगृब के वक्त के बारे में वीडियो नहीं देखा है
00:52तो जाकर वो वीडियो देख लें ताकर आसानी से मालूम हो जाए
00:56कि मगृब का वक्त कब खतम होता है
00:59हमने तफसीली वीडियो बना रखा है
01:01आप जाकर देख ले
01:02अब हम इशा के आखिरी वक्त के बारे में बात करते हैं
01:08तो मग्रिब के वक्त खतम होने के फौरण बात
01:11इशा का वक्त शुरू होता है
01:13और सुबह सादिक तक इशा का वक्त बाकी रहता है
01:18और सुबह सादिक क्या है
01:20इसके बारे में भी हमने तफसीली वीडियो बनाया है
01:23जिसमें सुबह सादिक क्या है
01:25सुबह काजिब क्या है
01:27ये आसान भासा में हमने समझाया है
01:29आप उसे देख ले
01:30तो हमें मालूम हो गया
01:33कि मग्रिब के फुरान बाद
01:34इशा का वक्त शुरू होता है
01:36और सुबह सादिक तक
01:38इशा का वक्त बाकी रहता है
01:40आईए अब हम जानते है
01:42कि इशा का मुस्तहब वक्त क्या है
01:45फुकहाई किराम ने
01:46इशा के पूरे वक्त को
01:49तीन हिस्से में बाड़ दिये
01:51एक हिस्सा मुस्तहब वक्त है
01:53और एक हिस्सा जाइस वक्त है
01:56और एक हिस्सा मक्रूफ वक्त है
01:59यानि मग्रिब के बाद से
02:01सुबह सादिक तक के वक्त को
02:04तीन हिस्सों में बाड़ें
02:06तो पहली तहाई रात
02:08ये मुस्तहब वक्त रहेगा
02:10उसके बाद दूसरी तहाई रात ये जाइज वक्त रहेगा
02:14उसके बाद तीसरी तहाई रात ये मकरूव वक्त होगा
02:19यानि सुबह सादिक तक ये मकरूव वक्त है
02:22इशाका जो पूरा वक्त है पूरे वक्त में नमाज पर सकते है
02:26लेकिन पहली एक तिहाई में नमाज पढ़ना मुस्तहब है
02:30उसके बाद जाइज वक्त रहता है
02:32उसके बाद मक्रूव वक्त शुरू हो जाता है
02:35अब हम इशा का मुस्तहब वक्त के बारे में जानते हैं
02:39कि कब नमाज पढ़ना अबजल है और बहतर है
02:41तो याद रखेगा कि इशा की नमाज का मुस्तहब वक्त पहली तिहाई हिस्सा है
02:47तो पहला हिस्सा जो है उस वक्त तक मौखर करना मुस्तहबी
02:52यहां भी जोहर की तरह सर्दी और गर्मी का फर्क है
02:56यानि सर्दी और ठंडी के मौसम में इशा को थोड़ी देर से पढ़ना मुस्तहब है
03:02और गर्मी में जल्दी जल्दी पढ़ना मुस्तहब है
03:05सबका फुलासा यह है कि इशा का वक्त मगरिब के फौरान बाद शुरू होता है
03:11और सुभे सादिक तक बाकी रहता है
03:14और यह जो पूरा वक्त है इसको तीन हिस्सों में बाटा गया है
03:18और पहली एक तहाई में नमाज पढ़ना मुस्तहब है
03:22दोसरी तहाई में यानि आधी रात तक नमाज पढ़ना जाइज है
03:27इसके बाद जाइज के बाद मकरूव वक्त शुरू हो जाता है
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