00:00गेंद बाज ने गेंद डाली बल्ले बाज ने बल्ला घुमाया और गेंद बौंडरी के पार ये कोई आम क्रिकेट नहीं है बलकि उससे थोड़ा हटकर है ये दिव्यांगों का क्रिकेट है
00:16मद्य परदेश के जवलपूर के रानी ताल स्टेडियम में सोंबार से नेशनल टी-20 क्रिकेट फौर बलाइंड दो हजार पच्चीस दो हजार चब्वीस यानी नागेश क्रिकेट ट्रॉफी का आगाज हुआ जिसे बलाइंड क्रिकेट में रनजी ट्रॉफी के बराबर का द
00:46लेकिन इसकी खासियत है कि यह चैलेंज ही है क्योंकि हमारे सारे क्रिकेटेस ब्लेंड क्रिकेटेस होते हैं इनमें इनको बॉल के साउंड पर निर्भर करना पड़ता है जिससे अलगली कैटिगरी B1 वह कंप्लेटली साउंड पर डिपेंड करेगा B2 उसको हलका वीजन हो�
01:16जिसमें ओडिशा की टीम ने जीत हासिल की यहां क्रिकेट खेलने आये दिव्यांग खिलाडियों में जवर्दस्त उत्सा है
01:24Blind Cricket टीम में कुल 12 सदस्य होते हैं और इन खिलाडियों की 3 कटेगरी होती है
01:45Blind Cricket की शुरुआत 1822 में आस्ट्रेलिया में हुई थी इसके International Championship 1990 से हो रहे हैं जिसमें भारतिय टीम का दबदबा है
01:57भारत की महला टीम की तरह भारतिय महलों की Blind टीम ने भी इस बार World Cup जिता लेकिन इसकी चर्चा कम हुई
02:06हैरानी की बात है कि सरकार की तरप से भी Blind टीम को कोई मदद नहीं मिलती है
02:12अगर इन्हें भी थोड़ी मदद मिल जाए तो ये भी इंदिया का नाम दुनिया में रौशन करेंगे
02:18ETV भारत के लिए जबलपूर से विशुजीत सिंग की रिपोर्ट
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