00:00शंक बजाने की परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बलकि उर्जा विज्ञान से जुड़ी है. जब हम शंक बजाते हैं, तो उसकी ध्वनी वातावरन की नकारात्मक्ता को समात कर देती है. ये हमारे शरीर में नाडी तंत्र को सक्रिय करती है और मन को शान्त करती है. समुद्र स
00:30करती है और रोगानू को नश्ट करती है, जो घर रोज शंक बजाता है, वहाँ सुक शान्ती और स्वास्थे बना रहता है. इसलिए शंक का नाद केवल पूजा नहीं, बलकि जीवन में सकारात्मक्ता का आहवान है. अगर इस विडियो ने आपके जीवन में कुछ मूल्य �
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