00:00आर्ती केवल दीब घुमाना नहीं, बलकि आत्मा का समर्पण है. जब हम आर्ती करते हैं, तो हम अगनी को साक्षी बना कर भगवान को अपनी भक्ती अर्पित करते हैं. दीपक की लौ हमारी आत्मा का प्रतीख है, जिसे हम इश्वर को समर्पित करते हैं.
00:16शास्त्रों में कहा गया है कि आर्ती देखने मात्र से भी पुन्य मिलता है और घर परिवार में सुक्षान्ती आती है
00:23आर्ती के समय घंटी, शंक और मंत्र का उच्चारण मिलकर ऐसा दिव्य वातावरन बनाते हैं
00:30जिसमें मन पूरी तरह ईश्वर में डूब जाता है
00:33आर्ती हमें ये समरन कराती है कि जीवन का प्रत्यक्षन हमें ईश्वर को समर्पित करना चाहिए
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