00:01अधिकांच प्राचीन मंदिर उर्जावान स्थलों पर बनाए गए हैं, जहां धर्ती की चुम्बकिय उर्जा अधिक होती है.
00:08पत्थर के फर्ष पर नंगे पैर चलने से यह उर्जा हमारे शरीर में प्रवेश करती है, जिससे हम अधिक उर्जावान
00:15और संतुलित महसूस करते हैं.
00:17यह एक प्राकृतिक ग्राउंडिंग प्रक्रिया है, जो हमारे शरीर के जैव विद्युत शेत्र बायो एलेक्रिक फील्ड को मजबूत करती है.
00:26परिक्रमा करने का रहस्य
00:29मूर्ती या मंदिर के चारो और दक्षिनावर्द घूमना, परिक्रमा, सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है यह एक गहरा वैग्यानिक अभ्यास
00:37है.
00:39बुलाकार चलने से एक केंद्रा भिमुक, सेंट्रिफ्यूगल, बल उत्पन्न होता है, जो हमारे शरीर की उर्जा को मंदिर की उर्जा
00:46के साथ संतुलित करता है.
00:49परिक्रमा के दोरान बार-बार दोहराई जाने वाली गती ध्यान की स्थिती पैदा करती है, जिससे तनाव कम होता है
00:55और मानसिक शांती मिलती है.
00:58इस प्रकार परिक्रमा एक चलती-फिरती ध्यान प्रक्रिया बन जाती है.
01:03मंत्रों की ध्वनी चिकित्सा
01:06मंत्र जब सिर्फ एक आध्यात्मिक क्रिया नहीं है यह ध्वनी चिकित्सा साउंट थेरपी है
01:13उदारण के लिए ओम का उच्चारण करते समय उत्पन होने वाला कमपन हमारे शरीर के वागस तंत्रिका वेगस नर्व को
01:21उत्तेजित करता है जो हमारे तंत्रिका तंत्र को शांत करता है
01:25विज्ञान ने साबित किया है
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