00:00उत्तर प्रदेश के बनारेस की उंच गाउं की ये बहू घुंगट से निकल कर नीतू ड्रोन दीदी बन गई
00:09इनके जीवन में बदलाव ड्रोन उडाने की ट्रेनिंग के बाद आया
00:13डेड़ साल पहले इनके सफर की शुरुवात हुई जब वो गाउं के स्वैम सहायता समू से जुड़ी
00:19इसी दौरान उन्हें नमो ड्रोन दीदी योजना के बारे में पता चला
00:23इस योजना के तहट सेलेक्शन और फिर ट्रेनिंग ली
00:26इनके सफर की सरहाना खुद प्रधान मंत्री नरेंद्र बोधी कर चुके हैं
00:31नीतों के ड्रोन दीदी बनने का सफर आसान नहीं था
00:562009 में शादी हुई, तीन बच्चे हैं, चार दिवारी को लांग कर घर से बाहर का सफर
01:02जब सफर शुरू हुआ तो गाउं वालों के ताने, सब कुछ सहना इतना आसान नहीं था नीतों के लिए
01:09लेकिन आत्म निर्भर बनने के बाद नीतों के जिन्दीगी का सफर समर गया
01:13लेकिन बच्चे होने के बाद जो छे साल के पांच साल के बच्चे मेरे हैं, उनके बाद भी मुझे जौब मिला, मैं इतना चाए काम कर रहे हूँ, उसके लिए मुझे बहुत आनन होता है
01:28अगर मैं फिल्ब में निकल रही हूँ, तो मुझे कम से कम हजार रुपे तो मिलना ही मिलना है
01:32नीतू गाओं गाओं जाकर खेतों में यूरिया, डियेपी और कीट नाशक का छिड़काओ करती हैं। यूपी के गाओं में तो वो छिड़काओ करती ही हैं, साथ ये बिहार तक जाती हैं। एक एकड़ में छिड़काओ के लिए 300 रुपए चार्ज करती हैं। 10 मिनट का समय �
02:02तो नीतू बहतरी नुधारण है महिला सशक्ति करण का, जो दूसरे के लिए भी प्रेणा बनी है।
02:32आज वो इस ड्रोन की कहानी को आगे बढ़ा रही हैं, ड्रोन के जरिये ससक्त हो रही हैं। तो निश्चित रूप से नीतू अब ड्रोन दीदी बन चुकी हैं। और इस ड्रोन ने उनके जीवन को भी एक नई उडान दी है, जो हर किसी के लिए प्रेणा है।
02:47क्यामर पोसं मनोच के साथ, प्रतम अदेवारी, ETV भारत, वारान सी।
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