मंडला: पानी के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती. इंसान तो जैसे तैसे अपनी प्यास बुझा ही लेता है, लेकिन मूक जानवरों और पक्षियों का क्या. ऐसे में एक व्यक्ति मानवता की मिसाल पेश कर रहा है. मंडला से महज 18 किलोमीटर दूर है बम्हनी नगर, जहां के रहने वाले वीरेंद्र चौरसिया जो की पेशे से ऑटो पार्ट्स रिपेरिंग का कार्य करते हैं. वीरेंद्र के मन में आया की इंसान तो बोलकर अपनी प्यास बुझा ही लेता है, लेकिन मूक जानवर और पक्षी कैसे बता पायेगा की उसे प्यास लगी है. तभी उन्होंने इन जानवरों और पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए सोचा और मिशन में जुट गए. वह सीमेंट, गिट्टी और रेत से छोटे छोटे कुंड तैयार करने लगे. रिपेरिंग कार्य के दौरान जो समय मिलता उसी वक्त अकेले इन कुंडों को बनाना चालू किया. 200 कुंडों को बनाकर उन्हें पूरे बम्हनी नगर ही नहीं अन्य जिलों में भी पहुंचा रहे हैं. इसे बनाने के लिए अभी तक इन्होंने कोई मदद नहीं ली. उनके कार्य की पूरे जिले में सराहना हो रही है. लोग उनसे कुंड बनवाकर जानवरों के लिए पानी का इंतजाम कर रहे हैं.
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