00:0021 वर्षिय कबीर ने हॉस्टल में नया कमरा लिया
00:03सब ने कहा 304 में मत रहना
00:07रात में पंखा अपने आप चल पड़ा
00:10बिस्तर के नीचे से कदमों की आवाज आई
00:12नीचे जहांका कुछ नहीं
00:16सुबह देखा फर्श पर गीले कीचर भरे पैरों के निशान
00:20वाडन बोला पिछले साल जो लड़का वहां मरा था
00:24वो मिल नहीं पाया
00:26रात को कबीर के कमरे का दर्वाजा अपने आप बंध हो गया
00:30सुबह हॉस्टल खाली था
00:32बस दीवार पर लिखा था
00:34304 में नया किरायदार मिल गया
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