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  • 4 months ago
उत्तराखंड के देहरादून का कार्लीगाड गांव.. जहां 15 सितंबर की रात एक दो बार नहीं, तीन-तीन बार प्रलय आया. आपदा में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। कई घरों में कीचड़ और मलबा जमा हो गया और उसमें लोगों का सब कुछ तबाह हो गया. जिस कार्लीगाड गांव में इतनी बड़ी तबाही हुई, उस गांव में अब तक ना कोई प्रशासन का अधिकारी और ना ही कोई जनप्रतिनिधि पहुंचा। मदद की बात तो दूर.. प्रधान को छोड़ लोगों से किसी ने हालचाल तक नहीं पूछा. आपदा में गांव को शहर से जोड़ने वाला पुल पूरी तरह ध्वस्त हो गया. आवाजाही को बहाल करने के लिए ग्रामीणों ने खंभे और खूंटों की मदद से एक छोटा सा पुल तैयार किया. इस इलाके में 2011 में भी बादल फटा था और भारी तबाही मची थी, यही वजह है कि अब लोग इस इलाके में नहीं रहना चाहते हैं और सरकार से विस्थापन की मांग कर रहे हैं. कार्लीगाड गांव में 100 परिवार रहता है, जो भीषण आपदा के बाद पांच दिन बाद भी मदद की आस लगाए हुए है.

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00:00ुत्राखंड के देरादून का कालिगार गाउं
00:08जहां 15 सितंबर की रात एक दो बार नहीं तीन तीन बार प्रलाया आया
00:13आपदा में कई घर शतिग्रस्थ हो गए
00:16कई घरों में कीचर और मलबा जमा हो गया
00:20और लोगों का सब कुछ तभा हो गया
00:22जिस कालिगार गाउं में इतनी बड़ी तभाई हुई
00:47उस गाउं में अब तक ना कोई प्रशासन का अधिकारी
00:50और ना ही कोई जन प्रतिनिधी पहुचा
00:52मदद की बात तो दूर
00:53प्रधान को छोड लोगों से किसी ने हाल चाल तक नहीं पूछा
00:57आपदा में गाउं को शहर से जोडने वाला पुल पुरी तरह धोस्त हो गया
01:18अब आजाही को भाहाल करने के लिए ग्रामिनों ने खंबे और खूटों की मदद से एक छोटा सा पुल तयार किया
01:24इस इलाके में 2011 में भी बादल फटा था और भारी तबाही मची थी
01:30यही वजा है कि अब लोग इस इलाके में नहीं रहना चाते हैं और सरकार से विस्तापन की मांग कर रहे हैं
01:37कारलिगार गाओं में 100 परिवार रहता है जो भीशन आबदा के बाद पास दिन बाद भी मदद की आस लगाए है
02:00कारलिगार गाओं वहाँ पर कब तक परसासन के टीप पॉस्ती है और कब तक रहात बचाव कार करती है या फिर उनको कब तक सहुलेत देती है सुब्धाय उपलप कराती है यह देखने माली बात होगी
02:08क्या मैं परिविशन साथ रोजशन इटी भारत देहरदून
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