00:00सिया को अपने जन दिन पर एक पुरानी गुडिया मिली थी। बिलकुल असली इंसान जैसी आखें और अजीब सी मुस्कान। पहली ही रात सिया की मम्मी को जोर से चीक सुनाए दी। लेकिन सिया अपने कमरे में अकेली खेल रही थी। अगले दिन दीवारों पर खुन से हा�
00:30करना चाहती है। और फिर एक रात सिया की आखें लाल हो गई। और उसने कहा अब ये सिर्फ मेरी नहीं, मैं इसकी हूँ।
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