00:00रात का समय एक यूफती माया अपने पडोसी बुजूर्ग मिसेस कपूर के तालेबन तेहखाने से खरोचनी की आवास सुनती है
00:10हफ्तों से माया सोच रही थी मिसेस कपूर किसी को भी तेहखाने में क्यों नहीं जाने देती
00:16माया तहखाने की खिड़की से जागती है
00:19एक टिम्टिमाती मुम्बती के उजाले में सैकडों गुडिया उसे घूरती दिखाई देती है
00:25माया डर से सहसा कहती है
00:27हे भगवान
00:29अचानक सारी गुडियों के सिर एक साथ माया की तरफ घूम जाते हैं
00:34उस रात माया ने सीखा, कुछ दर्वाजों को कभी नहीं खोलना चाहिए, अगली सुबह माया का मुस्कुराता चहरा अब तहखाने की एक गोडिया बन चुका है, ज्यादा जिग्यासा खतरनाक हो सकती है, कुछ रहस्यों को दफ नहीं रहने दो.
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