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00:00जोगरिया जोगरिया बन गई इश्क चितेरे
00:30आज मेरे भार के दिन तु टेंगी, तो इसकी तुप्चे मुझे ही समय तो
00:34लगता है किसी को बहुत जददचे चाहती है
00:37माज़च चाहती हूं सर, मैं किसी के लिए प्रशात को नहीं बदल सकती
00:43इंसान बदल सकता है, लेकिन उसकी चाहत नहीं
00:46चाहत?
00:46मर्द रोते वे अच्छे दोड़ी लगते है
00:49याद है, तुने काता कि मैं सिर्फ तेरी बेन नहीं, तेरी माँ भी हूँ
00:54और ममाई कैसी चुपने बेटे का दर्ड़नी समझ पा है
00:57मैं जानती हूँ तुझे बहुत रोना आ रहा है
01:00रोले वीरे, जी भर के रोले
01:03रोने से दिल हलका होता है
01:05चाहत नहीं
01:06चाहत तो बादशाओं की भी पूरी नहीं होती वर्जदान
01:09दिला मेरी चाहत नहीं, जिंदगी है मेरी
01:12दो मनसिलों के खाप देखने वाले हमेशा एक से महरूम रच़ए
01:16क्या समझते हैं आप अपने आपको हाँ
01:18आज आपके कपड़े बदलगे तो आपकी सोच बदलगी बहुत बड़ी इंसां मैंगी है
01:23मेरी एक बात ही आद रखिएगा निदी जी
01:27जान अपने कपड़ों से बड़ा आदमी नहीं बगता है
01:32निसोच से बड़ा आदमी बगता है
01:34आमीन जी
01:36तु बोलो
01:38काम की कोई सेटिक बनाओ
01:40अरे नेकी और पूछ पूछ जी
01:43मैं ऐसा गाना बनाओंगा
01:44कि लोग सुन सुन के
01:47सुन सुन के
01:47सुनते ही रहेंगे
01:49हाँ तो बस अब तुम देखो
01:52अब देखो नीली क्या करती है
01:54आप जब तक वापस आएंगे
01:57वो दो निया से जा चिके होंगे
01:59जिती रहिए
02:02हमें यकीन था कि आप हमारा मान
02:05नहीं तोड़ेंगे
02:27मिल चाहे
02:48तो चन्दत
02:50और अगर ना मिले
02:55तो सिंद की भरक अंतिसार
03:00दिल्शाद
03:07दिल्शाद
03:12दिल्शाद
03:15ये आज फेरा गई है
03:19दिल्शाद जब तक डरता रेगा
03:22तब तक मरता रेगा
03:23आज मार दे इस डर को
03:25आज या तो ये चड़ेल नहीं
03:28या दिल्शाद फैसलाबादी नहीं
03:30आज इसे बता दे
03:31कि फैसलाबादी कितने बादर होते हैं
03:34अलिव वीवर्ज लाहूर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
03:37जारा जहीन खुबसूरत और बेहत खुद्दार लड़की थी
03:41वो युनिवर्स्टी में एमबिया कर रही थी
03:43और खुब देखती थी
03:45कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारूबारी खातूं बनेगी
03:48गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी
03:52वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
03:55युनिवर्स्टी में जारा की मुलाकात तेमूर से हुई
03:58तेमूर एक खुश मिजाज और पड़े लिक के खानदान से तालूब रखता था
04:02दोनों एक ही प्राजिक पर काम करने लगी और रहस ताइस एक तुसे को समझने लगे
04:08तेमूर के संजीत कि और इजद देने के आधज ने जारा का दिल जिय दिया
04:13दोनों ने बेख लाकर एक हो अपनी जिन्दगह एक साथ कुशा रही
04:16जब तेमूर ने ने अपने वाले दिन से जारा की बात की
04:19तो पहली पहल उन्होंने मुखालिपत नहीं कि लिखन जैसे ही उन्हें पता चला कि जारे के वालिद नहीं है
04:26और खनादान अजना खुशाल भी नहीं तो तेमुर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मायार की नहीं
04:32शादी बरावदी के खनादान में होती है ये कल को हमरे रसम और रवाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
04:38तेमुर ने बहुत समझाया मगर माने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
04:43या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पिर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
04:47तेमुर ने वक्त मांगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती टूर की मगर फिर इसने तेमुर के कहा
04:55देखो तेमुर महबत अगर रिष्टे को तोड़ने लगे तो वो महबत नहीं होती जित बन जाती है
05:00मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोड़कर में लिए मेरे लिए बगावत करो
05:05तेमुर के हाँ को महास हो आगरे मगर जारा ने अपनी खुद्दारी पर समझोता ना किया
05:10इसने पेसला किया कि वो तेमुर को अज़ात कर देगी
05:12कुछ महीने बाद तेमुर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
05:17लेकिन तेमुर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका
05:21नहीं जिन्दगी शुरू तो होगी मगर खुश्या गायब थी
05:24दूसी तरफ जारा ने अपनी तालीम मुकमल की
05:28और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
05:30वो दिन रात मेहनत करती और आइस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
05:36इसकी मा और बेहन बाई बखर से उसे देखते
05:39एक दिन बिजनेस कानफरेंस में जारा और तिमुर की मुलाकात हो गई
05:42तिमुर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे
05:46जारा को दे कर वो लम्हे बार को मुस्क्राएं मगर पौरन नजरे जुका ली
05:50तिमुर ने एस्ता आवाज में कहा
05:53जारा तुमने सही कहा था
05:55महबत अगर रिष्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
05:58मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते
06:02तो सब कितना मुक्तलिब होता
06:04जारा ने नर्मी से जवाब दिया
06:07अदूरी रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तिमुर
06:10लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोणना हमारी गलती होती है
06:14मैंने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया
06:18और तुम भी ये कर सकते हो
06:20ये कि फ़र जारा ने कानफरंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर
06:24तेमुर बस उसे देखते है रहे
06:27अलिव वीवर्ज लाहूर के गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
06:31जारा जहीन खुबसूरत और बेहत खुद्दार लड़की थी
06:35वो इन्वस्टी में एमबी ए कर रही थी
06:37और खुब देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारूबारी खातून बनेगी
06:42गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी
06:46वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
06:49इन्वस्टी में जारा की मुलाकात तेमुर से हुई
06:52तेमुर एक खुश मिज़ाज और पड़े लिक के खानादान से तालूप रखता था
06:56दोनों एक ही प्राजिक्ट पर काम करने लगी और रहस देखती उसे को समझने लगे
07:02तेमुर की संजीत के और इज़त देने के आदद ने जारा का दिल जेत लिया
07:07दोनों ने बेज लागे खे
07:17जिए उन्हें पता चला कई जारा का बालिद नहीं है
07:20और खनादान अजना होशाल भी नहीं तो तेमुर की मा का रवीया
07:23बैटा लड़की तुमारे मेनी यार की नहीं
07:26शायरी बरावए के खनादान में होती है
07:28ये कल को हमारे रसम और रिवाज और खानदान के मताबिक डल नहीं पाएगी
07:32तेमूर ने बहुत समझाया मगर माँ ने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
07:37या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पिर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
07:41तेमूर ने वक्त मांगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती टूर की
07:46मगर फिर इसने तेमूर के कहा देखो तेमूर महबत अगर रिष्टे को तोरने लेगे तो वो महबत नहीं होती जिद बन जाती है
07:54मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोड़कर मेरे लिए बगावत करो तेमूर के आँ को महास हो आगए मगर जारा ने अपनी खुददारी पर समझोता ना किया इसने पेसला किया कि वो तेमूर को अज़ाद कर देगी
08:07कुछ महीने बाद तेमूर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
08:11लेकिन तेमूर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका नहीं जिन्दगी शुरू तो हो गई मगर खुश्या गायब थी
08:18दुसरी तरफ जारा ने अपनी तालीम मकमल की और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
08:25वो दिन रात मेहनत करती और आईस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
08:30इसकी मा और बेहन बाई पहर से उसे देखते एक दिन बिजनेस कांफरेंस में जारा वाती मुई की मुलाकात हो गई
08:36तिमूर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे जारा को देकर वो लम्हे बार को मुश्कराए मगर पौरन नजरे जुका ली
08:44तिमूर ने इस्ता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था महबत अगर रिष्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
08:53मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते तो सब कितना मुक्तलिब होता
08:58जारा ने नर्मी से जवाब दिया अदूरी रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तेमूर लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोड़ना हमारी गलती होती है
09:08मैं ने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया और तुम भी ये कर सकते हो
09:14ये के फिर जारा ने कानफरेंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर तेमूर बस उसे देखते रहे
09:21लिव वीवर्ज लाहूर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
09:26जारा जहीन खुबसूरत और बेहत खुदार लड़की थी
09:29वो युनिवस्टी में एमबिया कर रही थी
09:31और खुब देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारूबारी खातूं बनेगी
09:36गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी
09:40वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
09:43युनिवस्टी में जारा की मुलाकात तेमूर से हुई
09:46तेमूर एक खुश मिजाज और पड़े लिक के खानदान से तालूब रखता था
09:50दोनों एक ही प्राजिक पर काम करने लगी और रहस ताइस एक तुसे को समझने लगे
09:56तेमूर के संजीत के और इजद देने के आदद ने जारा का दिल जेत लिया
10:01दोनों ने बेस लाकिए कि वो अपनी जिन्दगी एक साथ कुजा रही
10:05जब तेमूर ने पने वाले दिन से जारा की बात की तो पहली पहल
10:08उन्होंने मुखालिपत नहीं कि लिखन जैसे ही उन्हें पता चला कि जारे के वालिद नहीं है
10:14और खनादान अजना खुशाल भी नहीं तो तेमुर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मायार की नहीं
10:20शादी बरावदी के खनादान में होती है ये कल को हमरे रसम और वाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
10:27तेमुर ने बहुत समझाया मगर मा ने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
10:32या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पिर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
10:35तेमुर ने वक्त मांगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती टूर की मगर फिर इसने तेमुर के कहा
10:43देखो तेमुर महबत अगर रिष्टे को तोड़ने लगे तो वो महबत नहीं होती जिद बन जाती है
10:48मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोड़कर में लिए मेरे लिए बगावत करो तेमुर के आँको मेहास हो आगर है
10:54मगर जारा ने अपनी खुद्दारी पर समझोता ना किया इसने पेसला किया कि वो तेमुर को अज़ात कर देगी
11:01कुछ महीने बाद तेमुर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
11:05लेकिन तेमुर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका नहीं जिन्दगी शुरू तो होगी मगर खुश्या गायब थी
11:13दुसरी तरफ जारा ने अपनी तालीम मुकमल की और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
11:19वो दिन रात मेहनत करती और आइस्ता इस खंपनी काम्याब होने लेगी
11:24इसकी मा और बेहन बाई बखर से उसे देखते एक दिन बिजनेस कानफरेंस में जारा और तिमुर की मुलाकात हो गई
11:31तिमुर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे जारा को देकर वो लम्हे बार को मुस्किराए मगर पौरण नज़रे जुका ली
11:38तिमुर ने इसता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था महबत अगर रिष्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
11:47मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते तो सब कितना मुक्तलिब होता
11:52जारा ने नर्मी से जवाब दिया अदूरी रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तेमुर लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोड़ना हमारी गलती होती है
12:02मैंने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया और तुम भी ये कर सकते हो
12:08ये कि फिर जारा ने कांफरेंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर तेमुर बस उसे देखते रहे
12:15अलिव वीवर्ज लाहोर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
12:20जारा जहीन खुबसूरत और देहत खुदार लड़की थी
12:23वो युनिवस्टी में एमबिया कर रही थी
12:25और खुआप देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारूबारी खातूं बनेगी
12:30गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी
12:34वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
12:37युनिवस्टी में जारा की मुलाकात तेमोर से हुई
12:40तेमोर एक खुश मिजाज और पड़े लिक के खानदान से तालूब रखता था
12:44दोनों एक ही प्राजिक्ट पर काम करने लगी और रहस देखती उसे को समझने लगे
12:50तेमोर के संजीत के और इजद देने के आतदने जारा का दिल ज다면 धील ज Ger लिया
12:56दोनों ने बेज़ लगे कि वह अपनी जिन्दफित एक साहत को जारे ही
12:59जब तेमोर ने अपने वालिदीन से जारा की बात की तो पहली पहल
13:03उन्होंने मुखालिपत नहीं कि लिखन जेसे ही उन्हें पता चला कि जारे के वालिद नहीं है
13:08और खनादान अजना खुशाल भी नहीं तो तेमूर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मैं यार के नहीं
13:14शारी बरावदी के खनादान में होती है ये कल को हमारे रसम और रवाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
13:21तेमूर ने बहुत समझाया मगर माने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
13:26या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पिर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
13:30तेमूर ने वक्त मांगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती टूर की मगर फिर इसने तेमूर के कहा
13:37देखो तेमूर महबत अगर रिष्टे को तोड़ने लगे तो वो महबत नहीं होती जित बन जाती है
13:42मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोड़कर मेरे लिए बगावत करो तेमूर के हाँ को महास हो आगए
13:49मगर जारा ने अपनी खुददारी पर समझोता ना किया इसने पेसला किया कि वो तेमूर को अजात कर देगी
13:55कुछ महीने बाद तेमूर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
13:59लेकिन तेमूर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका नहीं जिन्दगी शुरू तो होगी मगर खुश्या गायब थी
14:07दुसरी तरफ जारा ने अपनी तालीम मकमल की और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
14:13वो दिन रात मेहनत करती और आईस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
14:18इसकी मा और बेहन बाई बखर से उसे देखते एक दिन बिजनेस कांफरेंस में जारा वाती मुई की मुलाकात हो गई
14:25तिमूर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे जारा को देकर वो लम्हे बार को मुस्क्राएं मगर फौरन नजरे जुका ली
14:33तिमूर ने इसता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था महबत अगर रिष्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
14:41मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते तो सब कितना मुक्तलिब होता
14:46जारा ने नर्मी से जवाब दिया अदूरी रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तेमूर लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोड़ना हमारी गलती होती है
14:56मैंने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया और तुम भी ये कर सकते हो
15:02ये कि फिर जारा ने कान्फरंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर तेमूर बस उसे देखते रहे
15:09अलिव वीवर्ज लाहूर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
15:14जारा जहीन खुबसूरत और देहत खुद्दार लड़की थी
15:17वो युनिवस्टी में एमबिया कर रही थी
15:19और खुब देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारूबारी खातून बनेगी
15:25गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी
15:28वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
15:31युनिवस्टी में जारा की मुलाकात तेमूर से हुई
15:35तेमूर एक खुश मिजाज और पड़े लिक के खानादान से तालूब रखता था
15:38दोनों एक ही प्राजिक्ट पर काम करने लगी और रहस ताइस एक तुसे को समझने लगे
15:45तेमूर की संजीत की और इजद देने के आदद ने जारा का दिल जित लिया
15:50दोनों ने बेश लगे कि वो अपनी जिन्देगी एक साथ कुजार रही
15:53जब तेमूर ने पने वाले दिन से जारा की बात की तो पहली पहल
15:57उन्होंने मुखालिफत नहीं कि लिखन जेसे ही उन्हें पता चला कि जारे का वालिद नहीं है
16:02और खनादान अचना खुशाल भी नहीं तो तेमूर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मैं यार की नहीं
16:08शारी बरावदी के खनादान में होती है
16:10ये कल को हमरे रसम और रिवाज
16:12और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
16:15तेमूर ने बहुत समझाया
16:17मगर माने एक बात कहकर
16:19सब खतम कर दिया
16:20या तु ये रिश्टा चोड़ दो
16:22या पिर इस गयर से तुम्हारा तालुक खतम
16:24तेमूर ने वक्त मांगा
16:25और जारा को हकीकत बताई
16:27जारा पहले ते टूर की मगर फिर
16:29इसने तेमूर के कहा
16:31देखो तेमूर महबत अगर रिश्टों को तोड़ने लगे
16:34तो वो महबत नहीं होती जिद बन जाती है
16:37मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोड़कर में लिए
16:40मेरे लिए बगावत करो तेमूर के आँको मेहास हो आगए
16:43मगर जारा ने अपनी खुददारी पर समझोता ना किया
16:46इसने पेसला किया कि वो तेमूर को अज़ात कर देगी
16:49कुछ महीने बाद तेमूर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
16:53लेकिन तेमूर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका
16:57नहीं जिन्दगी शुरू तो होगी मगर खुश्या गायब थी
17:01दूसी तरफ जारा ने अपनी तालीम मुकमल की
17:05और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
17:07वो दिन रात मेहनत करती और आइस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
17:12इसकी मा और बेहन बाई बखर से उसे देखते
17:15एक दिन बिजनेस कानफरेंस में जारा वा तीमूर की मुलाकात हो गई
17:19तीमूर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे
17:22जारा को दे कर वो लम्हे बार को मुस्किराए मगर पौरन नजरे जुका आली
17:27तीमूर ने इस्ता आवाज में कहा
17:29जारा तुमने सही कहा था
17:32महबत अगर रिश्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
17:35मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते
17:38तो सब कितना मुक्तलिब होता
17:41जारा ने नर्मी से जवाब दिया
17:43अदूरी रिश्टे हमेशा दिल में रह जाते है तेमूर
17:47लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोणना हमारी गल्ती होती है
17:51मैंने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया
17:54और तुम भी ये कर सकते हो
17:56ये कि फ़र जारा ने कानफरंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर
18:00तेमूर बस उसे देखते है रहे
18:03अलिव वीवर्ज लाहूर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
18:08जारा जहीन खुबसूरत और बेहत खुद्दार लड़की थी
18:11वो इन्वस्टी में एमबिया कर रही थी
18:14और खुब देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारूबारी खातूम बनेगी
18:19गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी
18:23वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
18:25इन्वस्टी में जारा की मुलाकात तेमूर से हुई
18:29तेमूर एक खुश मिज़ाज और पड़े लिक के खानदान से तालूब रखता था
18:32दोनों एक ही प्राजिक्ट पर काम करने लगी और रहस देखती उसे को समझने लगे
18:39तेमूर की संजीत के और इज़त देने के आदद ने जारा का दिल जेत लिया
18:44दोनों ने बेश लगे के वो अपनी जिन्देगी एक साथ कुजा रही
18:47जब तेमूर ने पने वाले दिन से जारा की बात की तो पहली पहल
18:51उन्होंने मुखालिपत नहीं के लिकन जेसे ही उन्हें पता चला के जारा के वालिद नहीं है
18:56और खनादान अचना खुशाल भी नहीं तो तेमूर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मैं यार की नही शारी बरावी के खनादान में होती है
19:05ये कल को हमारे रसम और रिवाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
19:09तेमूर ने बहुत समझाया मगर माने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
19:14या तु ये रिष्टा चोल दो या पिर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
19:18तेमूर ने वक्त मांगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती टूर की
19:23मगर फिर इसने तेमूर की कहा देखो तेमूर महबत अगर रिष्टों को तोड़ने लगे
19:28तो वो महबत नहीं होती जित बन जाती है
19:31मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोल कर में लिए मेरे लिए बगावत करो
19:35तेमूर के आओं को मैहाथ हो आ गरे जारा ने अपनी खुदद़्ारी पर समझोता ना किया
19:40इसने पियस्ता कि तिमूर को अजात कर देगी
19:43कुछ महीने बाद तेमूर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
19:48लेकिन तिमूर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका नहीं जिन्दगी शुरू तो हो गई मगर खुश्या गायब थी
19:55दूसरी तरफ जारा ने अपनी तालीम मुकमल की और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
20:01वो दिन रात मेहनत करती और आइस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
20:07इसकी मा और बेहन बाई बखर से उसे देखते एक दिन बिजनेस कांफरेंस में जारा वातिमूर की मुलाकात हो गई
20:13तिमूर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे जारा को दे कर वो लम्हे बार को मुस्क्राए मगर पौरन नजरे जुका आली
20:21तिमूर ने इस्ता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था महबत अगर रिष्टे तोड़ ले तो वो महबत नहीं रहती
20:29मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते तो सब कितना मुक्तलिब होता
20:35जारा ने नर्मी से जवाब दिया अदूरे रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तिमूर लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोना हमारी गलती होती है
20:45मैंने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया और तुम भी ये कर सकते हो ये कि फ़र जारा ने कान्फरंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर तेमूर बस उसे देखते है रहे
20:57अलेव वीवर्ज लाहोर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
21:02जारा जहीन खुबसूरत और बेहत खुद्दार लड़की थी वो इन्वस्टी में अमबिया कर रही थी और खुआप देखती थी कि अपनी मेहनत से एक कामयाब कारुबारी खातून बनेगी
21:13गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
21:19युनिवस्टी में जारा की मुलाकात तेमोर से हुई तेमोर एक खुश मिजाज और पड़े लिक के खानदान से तालूब रखता था
21:27दोनों एक ही प्राजिक्ट पर काम करने लगी और रहे स्था एस्था एक तुसे को समझने लगे
21:33तेमोर की संजीत के और इजद देने के आदद ने जारा का दिल जेत लिया
21:38दोनों ने बेस लाकिए कि वो अपनी जिन्देगी एक साथ कुजा रही
21:41जब तेमोर ने पुरे वाले देन से जारा की बात की तो पहली पहल
21:45उन्होंने मुखालिपत नहीं की लिखन जेसे ही उन्हें पता चला के जारा का वालिद नहीं है
21:51और खनादान अचना खुशाल भी नहीं तो तेमोर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मैयार की नहीं
21:57शाली बरावड़ी के खनादान में होती है ये कल को हमरे रसम और रवाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
22:03तेमोर ने बहुत समझाए मगर मान एक बात कहकर सब खतम कर दिया
22:08या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पर इस गैर से तुमारा तालुक खतम
22:12तेमोर ने वक्त मांगा और जारा को हकिकत बताई जारा पहले तूर की मगर फिर इसने तेमोर की कहा
22:19देखो तिमूर महबत अगर रिष्टों को तोड़ने लगे तो वो महबत नहीं होती जिर्द बन जाती है
22:25मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी माँ को चोड़कर मेरे लिए बगाबत करो
22:29तिमूर के हाँ को महास हो आगरे मगर जारा ने अपनी खुददारी पर समझोता ना किया
22:35इसने पेसला किया कि वो तिमूर को अजात कर देगी
22:37कुछ महीने बाद तिमूर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
22:42लेकिन तिमूर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका
22:46नहीं जिन्दगी शुरू तो हो गई मगर खुश्या गायब थी
22:49दूसरी तरफ जारा ने अपनी तालीम मुकमल की
22:53और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
22:55वो दिन रात मेहनत करती और आइस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
23:01इसकी माँ और बहिन बाई बखर से उसे देखते
23:04एक दिन बिजनेस कानफरेंस में जारा वातिमूर की मुलाकात हो गई
23:07तिमूर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे
23:11जारा को दे कर वो लम्हे बर को मुश्कराए मगर फोरन नजरे जुका आली
23:15तिमूर ने इस्ता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था
23:20महबत अगर रिष्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
23:23मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते
23:27तो सब कितना मुक्तलिब होता
23:29जारा ने नर्मी से जवाब दिया
23:31अदूर रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तेमूर
23:35लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोड़ना हमारी गलती होती है
23:39मैंने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया
23:43और तुम भी ये कर सकते हो
23:45ये कि फ़र जारा ने कान्फरंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर
23:49तेमूर बस उसे देखते है रहे
23:51अलिव वीवर्ज लाहोर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
23:56जारा जहीन खुबसूरत और बेहत खुद्दार लड़की थी
24:00वो इन्वस्टी में अमबिया कर रही थी
24:02और खुब देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारुबारी खातून बनेगी
24:07गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी
24:11वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
24:14इन्वस्टी में जारा की मुलाकात तेमोर से हुई
24:17तेमोर एक खुश मिज़ाज और पड़े लिक के खानदान से तालूप रखता था
24:21दोनों एक ही प्राजिक्ट पर काम करने लगी
24:25और एस्ट एस्ट एक तुसे को समझने लगे
24:27तेमोर की संजीत के और इज़त देने के आदद ने जारा का दिल जित लिया
24:32दोनों ने बेसला कि कि वो अपनी जिन्दगी एक साथ कुजा रही
24:35जब तेमोर ने पने वाले दिन से जारा की बात की
24:38तो पहली पहल उन्होंने मुखालिपत नहीं की लिखन जैसे ही उन्हें पता चला के जारा के वालिद नहीं है
24:45और खनादान अचना खुशाल भी नहीं तो तेमोर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मैं यार की नही शारी बरावदी के खनादान में होती है
24:53ये कल को हमारे रसम और रवाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
24:57तेमोर ने बहुत समझाया मगर माने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
25:02या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पिर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
25:06तेमोर ने वक्त मांगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती टूर की
25:11मगर फिर इसने तेमोर के कहा देखो तेमोर महबत अगर रिष्टे को तोड़ने लगे तो वो महबत नहीं होती जिद बन जाती है
25:19मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोड़कर मेरे लिए बगाबत करो तेमोर के आँको मेहास हो आगरे मगर जारा ने अपनी खुददारी पर समझोता ना किया इसने पेसला किया कि वो तेमोर को अज़ात कर देगी
25:31कुछ महीने बाद तेमोर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
25:36लेकिन तेमोर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका नहीं जिन्दगी शुरू तो होगी मगर खुश्या गायब थी
25:43दुसरी तरफ जारा ने अपनी तालीम मकमल की और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
25:49वो दिन रात मेहनत करती और आहिस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
25:55इसकी मा और बेहन बाई पहर से उसे देखते एक दिन बिजनेस कंपरेंस में जारा और तिमूर की मुलाकात हो गई
26:01तिमूर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे जारा को देकर वो लम्हे बर को मुश्कराए मगर पौरन नजरे जुका ली
26:09तिमूर ने इसता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था महबत अगर रिष्टे तोड़ ले तो वो महबत नहीं रहती
26:17मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते तो सब कितना मुखतलिब होता
26:23जारा ने नर्मी से जवाब दिया अदूरी रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तेमूर लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोड़ना हमारी गलती होती है
26:33मैंने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया और तुम भी ये कर सकते हो
26:39ये कि फिर जारा ने कान्फरेंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर तेमूर बस उसे देखते है रहे
26:46अलिव वीवर्ज लाहूर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
26:50जारा जहीन खुबसूरत और देहत खुदार लड़की थी
26:54वो युनिवस्टी में एमबिया कर रही थी
26:56और खुब देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारुबारी खातून बनेगी
27:01गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी
27:05वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
27:08युनिवस्टी में जारा की मुलाकात तेमूर से हुई
27:11तेमूर एक खुश मिजाज और पड़े लिक के खानदान से तालूप रखता था
27:15दोनों एक ही प्राजिक पर काम करने लगी और रहस ताइस ते उसे को समझने लगे
27:21तेमूर के संजीद के और इज़द देने के आदत ने जारा का दिल जा दोनों ने बैसला किये कि व अपनी जिए एक साथ की जाए गी
27:29जब तेमूर ने इपने वाले दिन से जारा की बात की तो पहली पहल
27:33उन्होंने मुखालिपत नहीं कि लिखन जेसे ही उन्हें पता चला कि जारे के वालिद नहीं है
27:39और खनादान अजना खुशाल भी नहीं तो तेमुर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मायार की नहीं
27:45शादी बरावदी के खनादान में होती है ये कल को हमरे रसम और रवाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
27:51तेमुर ने बहुत समझाया मगर मा ने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
27:56या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पिर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
28:00तेमुर ने वक्त माँगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती टूर की मगर फिर इसने तेमुर की कहा
28:08देखो तेमुर महबत अगर रिष्टो को तोड़ने लगे तो वो महबत नहीं होती जिर्द बन जाती है
28:13मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी माँ को चोड़कर मेरे लिए बगाबत करो तेमुर के आँको महास हो आगरे मगर जारा ने अपनी खुददारी पर समझोता ना किया इसने पेसला किया कि वो तेमुर को अज़ात कर देगी
28:26कुछ महीने बाद तुमुर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
28:30लेकिन तुमुर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका नहीं जिन्दगी शुरू तो होगी मगर खुश्या गायब थी
28:37दुसी तरफ जारा ने अपनी तालीम मकमल की और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
28:44वो दिन रात मेहनत करती और आईस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
28:49इसकी मा और बेहन बाई पखर से उसे देखते एक दिन बिजनेस कानफरेंस में जारा वाती मुई की मुलाकात हो गई
28:55तिमूर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे जारा को देकर वो लम्हें बार को मुश्कराए मगर फौरन नजरे जुका ली
29:03तिमूर ने इसता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था महबत अगर रिष्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
29:12मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते तो सब कितना मुक्तलिब होता
29:17जारा ने नर्मी से जवाब दिया अदूरी रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तेमूर लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोड़ना हमारी गलती होती है
29:27मैंने अपने जिन्दगी मुकम्ल करने करास्ता खुद बनाया और तुम भी ये कर सकते हो
29:33ये किफ़र जारा ने कानफरंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर तेमूर बस उसे देखते है रहे
29:40लिव वीवर्ज लाहूर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
29:45जारा जहीन खुबसूरत और देहत खुदार लड़की थी
29:48वो युनिवस्टी में एमबिया कर रही थी
29:50और खुब देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारूबारी खातून बनेगी
29:55गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी
29:59वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
30:02युनिवस्टी में जारा की मुलाकात तेमूर से हुई
30:05तेमूर एक खुश मिजाज और पड़े लिक के खानादान से तालूप रखता था
30:09दोनों एक ही प्राजिक्ट पर काम करने लगी और रहसते इसे को समझने लगे
30:15तेमूर के संजीद के और इजद देने के आदद ने जारा का दिल जित लिया
30:20दोनों ने बेश लगे कि वो अपनी जिन्देगी एक साथ कुजा रही
30:24जब तेमूर ने पने वाले दिन से जारा की बात की
30:26तो पहली पहल उन्होंने मुखालिपत नहीं की लिखन जैसे ही उन्हें पता चला के जारा के वालिद नहीं है
30:33और खनादान अचना खुशाल भी नहीं तो तेमूर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मैं यार की नही शारी बरावदी के खनादान में होती है
30:41ये कल को हमारे रसम और रिवाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
30:46तेमूर ने बहुत समझाया मगर माने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
30:51या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
30:54तेमूर ने वक्त मांगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती टूर की
31:00मगर फिर इसने तेमूर के कहा देखो तेमूर महबत अगर रिष्टे को तोड़ने लगे तो वो महबत नहीं होती जिद बन जाती है
31:07मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोड़कर मेरे लिए बगावत करो तेमूर के आओं को महास हो आगरे मगर जारा ने अपनी खुद्दारी पर समझोता ना किया इसने पेसला किया कि वो तेमूर को अज़ात कर देगी
31:20कुछ महीने बाद तेमूर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
31:24लेकिन तेमूर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका नहीं जिन्दगी शुरू तो हो गई मगर खुश्या गायब थी
31:32दुसी तरफ जारा ने अपनी तालीम मकमल की और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
31:38वो दिन रात मेहनत करती और आहिस्ता इसके इस कंपनी काम्याब होने लेगी
31:43इसकी मा और बेहन बाई बाई बाहर से उसे देखते
31:46एक दिन बिजनेस कानफरेंस में जारा वो तिमूर की मुलाकात हो गई
31:50तिमूर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे जारा को दे कर वो लम्हें बर को मुश्कराएं
31:56मगर पौरन नजरे जुका अली
31:57तिमूर ने हिस्ता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था
32:02महबत अगर रिष्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
32:06मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते तो सब कितना मुक्तलिब होता
32:11जारा ने नर्मी से जवाब दिया
32:14अदूरे रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते हैं तेमूर लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोड़ना हमारी गलती होती है
32:21मैंने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया और तुम भी ये कर सकते हो
32:27ये कि फिर जारा ने कान्फरेंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर तेमूर बस उसे देखते है रहे
32:34अलिव वीवर्ज लाहूर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
32:39जारा जहीन खुबसूरत और बेहत खुदार लड़की थी
32:42वो युनिवर्स्टी में एमबिया कर रही थी
32:44और खुब देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारुबारी खातून बनेगी
32:49गर में वालिदा एक चोटा बाई और एक बहें थी
32:53वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
32:56युनिवर्स्टी में जारा की मुलाकात तेमोर से हुई
32:59तेमोर एक खुश मिजाज और पड़े लिक के खानादान से तालूप रखता था
33:03दोनों एक ही प्राजिक्ट पर काम करने लगी और रहसते एक तुसे को समझने लगे
33:09तेमोर के संजीत के और इजद देने के आदद ने जारा का दिल जित लिया
33:15दोनों ने बेसला किये कि वो अपनी जिन्देगी एक साथ कुजा रही
33:18जब तेमोर ने पुने वाले दिन से जारा की बात की तो पहली पहल
33:22उन्होंने मुखालिपत नहीं के लिखन जेसे ही उन्हें पता चला के जारा के वालिद नहीं है
33:27और खनादान अजना खुशाल भी नहीं तो तेमोर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मायार की नहीं
33:33शाली बरावदी के खनादान में होती है
33:35ये कल को हमरे रसम और रवाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
33:40तेमोर ने बहुत समझाया मगर माने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
33:45या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पिर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
33:49तेमोर ने वक्त मांगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती टूर की
33:54मगर फिर जिसने तेमोर की कहा देखो तेमोर महबत अगर रिष्टो को तोड़ने लगे तो वो महबत नहीं होती जिद बन जाती है
34:01मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोड़कर मेरे लिए बगाबत करो तेमोर की आँको मेहास हो आगरे मगर जारा ने अपनी खुददारी पर समझोता ना किया इसने पेसला किया कि वो तेमोर को अज़ात कर देगी
34:14कुछ महीने बाद तिमोर की शादिस के खनादान की पसंद से होगी
34:18लेकिन तिमोर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका नहीं जिन्दगी शुरू तो हो गई मगर खुश्या गायब थी
34:26दुसरी तरफ जारा ने अपनी तालीम मकमल की और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
34:32वो दिन रात मेहनत करती और आहिस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
34:37इसकी मा और बेहन बाई पहर से उसे देखते एक दिन बिजनेस कानफरेंस में जारा तिमुर की मुलाकात हो गई
34:44तिमुर बदले बदले और तके हुए लग रहे थे जारा को देकर वो लम्हे बार को मुस्क्राए मगर फौरन नजरे जुका ली
34:52तिमुर ने इसता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था महबत अगर रिष्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
35:00मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते तो सब कितना मुक्तलिब होता
35:06जारा ने नर्मी से जवाब दिया अदूर रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तेमुर लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोड़ना हमारी गलती होती है
35:16मैंने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया और तुम भी ये कर सकते हो
35:21ये के फिर जारा ने कानफरेंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर तेमुर बस उसे देखते है रहे
35:28लिव वीवर्ज लाहूर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रहती थी
35:33जारा जहीन खुबसूरत और बेहत खुद्दार लड़की थी वो ये उन्वस्टी में अमबिया कर रही थी
35:39और खुब देखती थी कि अपनी मेहनत से एक काम्याब कारुबारी खातून बनेगी
35:44गर में वालिदा एक चोटा बाही और एक बहें थी वालिद के साल पहले वपात पाच चुके थे
35:50उन्वस्टी में जारा की मुलाकात तेमोर से हुई तेमोर एक खुश मिज़ाज और पड़े लिक के खानदान से तालूब रखता था
35:57दोनों एक ही प्राजिक्ट पर काम करने लगी और एस्ट एस्ट एक तुसे को समझने लगे
36:04तेमोर की संजीत के और इज़त देने के आदद ने जारा का दिल जेत लिया
36:09दोनों ने बेसला किए कि वो अपनी जिन्दगी एक साथ कुजा रही
36:12जब तेमोर ने पने वाले देन से जारा की बात की तो पहली पहल उन्होंने मुखालिपत नहीं की लिकन जेसे ही उन्हें पता चला के जारा का वालिद नहीं है
36:21और खनादान अचना खुशाल भी नहीं तो तेमूर की मा का रविया बेटा ये लड़की तुमारे मैं यार की नहीं शारी बरावदी के खनादान में होती है
36:29ये कल को हमारे रसम और रवाज और खनादान के मताबिक डल नहीं पाएगी
36:34तेमूर ने बहुत समझाया मगर माने एक बात कहकर सब खतम कर दिया
36:39या तु ये रिष्टा चोड़ दो या पिर इस गयर से तुमारा तालुक खतम
36:43तेमूर ने वक्त मांगा और जारा को हकीकत बताई जारा पहले ती तूर की
36:48मगर फिर इसने तेमूर की कहा देखो तेमूर महबत अगर रिष्टो को तोड़ने लगे तो वो महबत नहीं होती जिद बन जाती है
36:56मैं नहीं चाहती कि तुम अपनी मां को चोड़कर मेलिए मेरे लिए बगाबत करो
37:00तेमूर की हाहु को मिहास ओ अगरे मगर जारा ने अपनी झावदारी पर समझोता ना किया
37:05इसने पेसला कि कि तेमूर को अज़ाथ कर देगी
37:08कच महीने बाद तिमूर की शहादी कि खैनदान की पसंद से होगी
37:13लेकिन तिमूर का दिल में जारा के जगा कोई न ले सका नहीं जिन्दगी शुरू तो हो गई मगर खुश्या गायब थी
37:20दूसी तरफ जारा ने अपनी तालीम मुकमल की और अपनी मेहनत से एक चूटी कंपनी काइम की
37:26वो दिन रात मेहनत करती और आइस्ता इस कंपनी काम्याब होने लेगी
37:31इसकी मा और बेहन बाई बखर से उसे देखते एक दिन बिजनेस कानफरेंस में जारा और तिमूर की मुलाकात हो गई
37:38तिमूर बदले बदले आर्टे के हुए लग रहे थे जारा को दे कर वो लम्हे बर को मुश्कराए मगर पौरन नजरे जुका ली
37:46तिमूर ने इस्ता आवाज में कहा जारा तुमने सही कहा था महबत अगर रिष्टे तोड़ दे तो वो महबत नहीं रहती
37:54मैं आज भी वही सोचता हो कि अगर हम साथ होते तो सब कितना मुक्तलिब होता
38:00जारा ने नर्मी से जवाब दिया अदूरे रिष्टे हमेशा दिल में रह जाते है तिमूर लेकिन जिन्दगी को अदूरा चोड़ना हमारी गलती होती है
38:10मैं ने अपने जिन्दगी मुकमल करने करास्ता खुद बनाया और तुम भी ये कर सकते हो ये कि फ़ जारा ने कानफरंस हाल की तरफ कादम बढ़ा कर तेमूर बस उसे देखते है रहे
38:22अलिव वीवर्ज लाहोर की गरीब गराने में जारा ने में लड़की रह
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