दुर्गा पूजा बस कुछ ही दिन दूर है. ऐसे में पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव के आयोजक अपने पंडालों को सबसे बेहतरीन बनाने की तैयारी में जुटे हैं. चलताबागान सर्बोजनिन दुर्गा पूजा समिति अपने पंडाल को 'आमी बांग्ला बोलची' यानी 'मैं बंगाली बोलता हूं' थीम पर डिजाइन कर रही है. इसका मकसद पंडाल में आने वाले लोगों में अपनी भाषा को लेकर जोश और गर्व की भावना भरना है. इस खास पंडाल में बांग्ला भाषा के विकास के अहम पड़ावों की झलक देखने को मिलेगी. इसके जरिए पंडाल देखने आने वाले लोगों को ये जानने का मौका मिलेगा कि बांग्ला भाषा की शुरुआत कब,कहां और कैसे हुई और इस भाषा का संगीत और सांस्कृतिक विरासत पर क्या असर है? आयोजकों का कहना है कि वे सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं और वे अपने इस खास पंडाल के जरिए ये संदेश देना चाहते हैं कि लोग अपनी मातृभाषा के महत्व को समझें.आयोजकों को उम्मीद है कि उनके पंडाल की ये थीम बांग्लाभाषियों में अपनी मातृभाषा के प्रति गर्व की भावना पैदा करेगा और उन्हें अहसास कराएगा कि हर भाषा का सम्मान किया जाना चाहिए.
00:30इस खास पंडाल में बांगला भाशा के विकास के एहम पड़ावों की जलक देखने को मिलेगी।
00:38इसके जरिये पंडाल देखने आने वाले लोगों को ये जानने का मौका मिलेगा कि बांगला भाशा की शुरुवात कब, कहां और कैसे हुई और इस भाशा का संगीत और सांस्कृतिक विरासत पर क्या आसर है
00:51पर आप देखीये का जो बम देख का चल्या के एंडिया और बंगलादेश का जो
Be the first to comment