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GST Rates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को दिवाली तोहफा दिया... और जीएसटी में बड़े रिफॉर्म का ऐलान किया... (GST Reforms) अब 22 सितंबर से ये हकीकत होने वाला है... अब जीएसटी के चार स्लैब नहीं केवल 2 ही स्लैब होंगे 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत... (GST New Slab) जिससे आम जरूरतों की चीजें सस्ती हो जाएंगी... केंद्र सरकार के इस फैसले से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है... लेकिन एक सवाल ये है कि क्या पेट्रोल डीजल को भी जीएसटी में शामिल किया जाएगा... (Petrol Diesel Under GST) इसे लेकर सरकार क्या सोचना है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने इसे लेकर ऐसा क्या कहा जो चर्चाओं में...

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00:00प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी ने लाल किले की प्राचिर से देशवासियों को दिवाली तौफा दिया और GST में बड़े रिफॉर्म का एलान किया
00:14अब 22 सितंबर से ये हकीकत होने वाला है अब GST के चार स्लैब नहीं बलकि 12 स्लैब होंगे 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत जिससे आम जरूरतों की चीज़ें सस्ती हो जाएंगी के अंदर सरकार के इस फैसले से आम लोगों को बड़ी रहत मिली है लेकिन एक सवाल ये है कि क्या �
00:44GST 2.0 के बाद सरकार GST 3.0 पर भी विचार कर रही है सब कुछ इस वीडियो में आगे जानेंगे नमश्कार वन इंडिया हिंदी में आपका स्वागत है मैं हूँ राजिश शर्मा
00:56GST रिफॉर्म के बाद क्या-क्या सस्ता होगा ये भी लगभग साफ हो चुका है लेकिन जो लिस्ट सामने आई है उसमें पैट्रोल और डीजल को शामिल नहीं किया गया है
01:12अगर ये शामिल होते हैं तो उमीद है पैट्रोल और डीजल के दामों में भी कटोती होगी अब ऐसा होगा या नहीं ये तो सरकार के हाथ में ही है जब वितमंत्री निर्मला सीता रमन से इंडिया टुड़े की एक कारक्रम में इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्हों
01:42मौजूदा समय में इंधन पर राज्यों की ओर से टैक्स लगाया जाता है जिसमें उतपाद शुलक यानि एकसाइस ड्यूटी केंदर द्वारा और बैट राज्यों द्वारा लगाया जाता है दोनों सरकारें इस राज्यस्व पर बहुत अधिक निर्भर होती है जिससे ज
02:12इस बात के संकेत तो दे दिये कि केंदर तयार है अगर राज्यों सरकारें इस पर हामी भरती है यानि देश्वासियों को खुशकबरी मिल सकती है लेकिन यहां यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर राज्यों सरकारों को मनाने में केंदर को परिश्वानी कहां आ रही है
02:42युक्त कजाने में तकरीवन 6 लाग करोड रुपे जमा हुए थे। अगर इसे GST के दाइरे में लाया गया तो टैक्स में कमी करना होगा। यानि सरकारों को लाखों करोड रुपे का नुखसान उठाना पड़ सकता है।
02:56ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या आने वाले समय में पैट्रोल और डीजल को GST के दाइरे में लाना संभव है या सिर्फ ये हवा हवाई बाते हैं।
03:05यह सब GST परिशत पर निर्भर करता है कि वो इस पर क्या और कब फैसला लेगा।
03:11जुलाई 2017 में जब GST लागो किया गया था तो पांच बस्तों कच्चा तेल, प्राक्रितिक गैस, पैट्रोल, डीजल और एविएशन टर्वाइन फ्यूल को इसके दाइरे से बाहर रखा गया।
03:22CGST Act की धारा 9-2 में लिखा गया है पैट्रोल, कच्चे तेल और डीजल, मोटर, स्पिरिट, प्राक्रितिक गैस और एविएशन टर्वाइन फ्यूल पर GST तभी लागो होगा जब कैंदर सरकार GST काउंसिल की सिफारिश पर कोई नोटिफिकेशन जारी करेगी।
03:40अभी तक तो सरकार ने ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, हालांकि काउंसिल की वैटकों में इस पर चर्चा होती रही है, लेकिन राज्यों की विरोध की वज़ह से इसे GST में नहीं लाय जा पा रहा है।
04:10जिसमें टैक्स की दरें सबसे ज्यादा हों।
04:13अब पैट्रोल डिजल को GST के दाएरे में लाना चाहिए या नहीं, इस पर आपका कैसोचना है, कमेंट बॉक्स में अपनी राएज जरूर दें।
04:20इस वीडियो में फिलहाल इतना ही, खबरों से जुड़े ताज़ अपडेट के लिए बने रहें, OneIndia हिंदी के साथ धन्यवाद।
04:27झाल मुण अपने लिए अपने राएज बने बने टाएज विलहाद, इसोप प्सक्राइब टार्एब यो टार्णियों श्यवाद नहीं, संत्राव कर अबस्ट्राव करने रहें जिलहाद बने लिएवाद, आपका का लिए्यों, आपका के साथ ठाएज़।
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