00:00जब ये आस्मान में उन्चाई तक उड़ते हैं, तो सिर्फ उड़ान नहीं भरते, बल्कि हमें आजादी का पैगाम भी देते हैं।
00:08ये हमें सिखाते हैं कि जिन्दगी की असली खुबसूरती हरकत में हैं, संगहर्ष में हैं।
00:14और जब सुभस्वेरे ये चहचाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे सारी काइनाथ अपनी जुबा से भगवान की स्तुती कर रही हो।
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