00:00कभी जमाने में एक आदमी था जिसका नाम रशीद था वो परिंदो का बहुत शौकीन था एक दिन वो परिंदो की मार्किट गया तो वहाँ एक सब्स रंग का खुबसूरत तोता पिंज्रे में बैठा बार-बार कह रहा था अस्सलाम अलेकुम कैसे हो रशीद हैरान हुआ कि
00:30अवाज सुनकर खुश हो गया बच्चे उसके पास आकर खेलने लगे और तोता भी उनकी बाटों की नकल करने लगा अगर बच्चे कहते हेलो तोते तो वो जवाब देता हेलो बच्चे
00:41रशीद ने तोते को कुछ और अलफाज सिखाने शुरू किये वो रोज सुभा तोते के सामने दुआ पढ़ता तो तोता भी आहिस्ता आहिस्ता दोहराने लगा जल्दी ये बोला करने वाला तोता पूरे महले की तवज्जो का मरकज बन गया जो भी महमान घर आता तोता उ
01:11रशीद को यूँ लगा जैसे कोई उसे होसला दे रहा हो उसकी आखों में आसु आ गए लेकिन दिल हलका हो गया यूँ वो बोला करने वाला तोता सिर्फ एक परिंदा नहीं रहा बलकि रशीद और उसके खानदान का दोस्त बन गया उसकी बातों से घर हमेशा कहकहों और स
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