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  • 4 months ago
Aurat Kahani – A platform that shares real stories of women’s lives. Here you will find tales of courage, sacrifice, love, success, and humor — stories that touch the heart and inspire the soul. https://auratkaha.blogspot.com
Transcript
00:00एक समय की बात है एक गाउ में अब्दुल्लाह नाम का एक गयालू व्यापारी रहता था अल्लाह ने उस पर खूब कृपा की थी उसका नियम था कि गाउ का कोई भी गरीब या जरूरत मंद उसके दर्वाजे से खाली हाथ न लोटे धीरे धीरे उसकी उदारता की चर्चा द
00:30पसंद नहीं था एक दिन उसने कहा अब्दुल्लाह अगर तुम इसी तरह दौलत लुटाते रहे तो एक दिन हम भी उनकी तरह भुखे नंगे हो जाएंगे कम से कम अपनी मदद तो अपने गाउं के लोगों तक ही सीमित रखो अब्दुल्लाह मुस्कुराया और बोला पत
01:00जल्द ही जूरतमंद हो जाएंगे अब्दुल्लाह चुप हो गया लेकिन मन ही मन दुआ करता रहा है अल्लाह मुझे नेक काम करने की तौफीक दे और तेरा रोजगार कभी कम न हो समय बीटता गया और अब्दुल्लाह पहले से ज्यादा खच करने लगा आखिरकार एक दि
01:30खर्च न किया होता तो आज ये हाल न होता लेकिन उसने फौरन खुद को संभाला नेक काम करने पर कभी पच्चताना नहीं चाहिए अगर आज मेरे पास एक रुपया भी होता मैं उसे किसी ग्रीब को दे देता गरीबी आई लेकिन अब्दुल्लाह ने हार नहीं मानी उसन
02:00पास सेहत है वो पैसों से ज्यादा कीमती है बीवी व्यंग्यात्मत लहजे में हनसती और कहती मुझे पैसों की भूख है जाओ और कुछ कमाओ वरना मैं ये घर छोड़ दूंगी अब्दुल्ला को कोई फिर्प नहीं पड़ा वह जानता था कि उसकी बीवी को आराम की आ�
02:30उसने दूर से देखा कि एक छोटा सा साप आग में फसा हुआ है उसे अपनी जान पर तरस आया वह आग में कूद गया और उसे बाहर निकाला आश्चर्य की बात यह रही कि साप ने मानव भाशा में कहा मैं कोई साधारन साप नहीं हूँ मैं जिन्नों के राजा की बेटी ह
03:00हम तुम्हें धन नहीं दे सकते क्योंकी हमारे पास वह नहीं है लेकिन हम तुम्हें एक दुरलब ज्यान देंगे आज से तुम जानवरों की भाशा समझ सकोगे लेकिन शर्ट यह है कि तुम यह रहस्य किसी को नहीं बताओगे अन्यथा तुम्हारी मृत्यू निश्चित ह
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04:00but how bad was it!
04:04Abdullah worked right after him,
04:07she was no dangerer and she's Cherry pronouns before she goes on and imputation.
04:12She looked like a secret.
04:15She lasted for a while on the � 41 vue,
04:20she sang for a variety and it sen כל came for days.
04:24एक बकरी फुस्फुसाई पिछले हफते जो कुट्ते बच्चों को ले गए थे, वही आज शाम को आएंगे, अब्दुल्ला का सीना उम्मीद से भर गया, वह जानता था कि अब उसके पास एक वर्दान है, जानवरों का ग्यान, लेकिन जिन के निर्देश उसके मन में गू�
04:54पिछले हएंगे, अब्दुल्ला के पास शिपे कुछ सोने के सिक्कों के बारे में बताया, लेकिन जब उसने सिक्कों का जिक्र किया, तब भी उसने कहा कि वे कभी-कभी किसी पुराने पेड के नीचे मिल जाते हैं, यह सब सुनकर अब्दुल्ला ने तुरंट सोना ढू�
05:24उसे यह शक्ती भरोसे के साथ दी है, और लालच उसके कर्मों को बर्बाद कर सकता है, उसने जो पहला व्याभारिक काम किया, वह यह था कि एक दिन जब गाउं के पास एक शेर पहरेदारों को डराने लगा, तो अब्दुल्ला ने चुपके से कुट्टों और पक्षियों
05:54से गायब हो जाती, तो अब्दुल्ला चोरों के निशानों से उनके निशान पहचान लेता और कई बक्रिया लोटा देता, लोग हैरान थे कि यह सब कैसे संभव है, लेकिन अब्दुल्ला सच नहीं बताता था, बस कहता था, मैंने चुपचाप अपना रास्ता बदल लिय
06:24अब्दुल्ला ने खजूर के बागों के पास छिपे रास्तों के अपने ज्यान का इस्तिमाल करते हुए, जानवरों से पूछा और व्यापारी को सुरक्षित रास्ता बताया, और व्यापारी ने कृतग्यता पूर्वक अब्दुल्ला को इनाम में अनाज दुकान खोलने
06:54ुष जो रोजाना मुहले के लोगों को छोटी-छोटी सलाह देता था,
06:58धीरे-धीरे गाउवाले अपने निर्धन प्रेम और छोटे-छोटे उफारों कुछ आटा,
07:03कुछ सूखे मेवे और कुछ रिन के रूप में थोडी पूंजी से उसका साथ देने लगे,
07:09दुकान तो नहीं खुली, लेकिन जिन्दगी फिर से पट्री पर आगई डौट जब पत्नी ने यह सब देखा,
07:15तो उसमें एक बदलाव आया, एक दिन वह दर्वाजे पर बैठी अब्दुल्ला को देखते हुए धीरे से बोली अब्दुल्ला अपनी जिद और डर में मैंने तुम्हें गलत समझा,
07:26तुम जो कर रहे हो, वह मौन पूजा है, अब्दुल्ला मुस्कुराया और बोला बीबी, अल्लाव ने जिसे दिया है, उसे देते रहो, लेकिन मन की शांती पैसे से ज्यादा जरूरी है, गाउ में एक आदमी था जिसे अब्दुल्ला के राज पर शक था,
07:42उसने कई बार चाला की भरे सवाल पूछ कर, उससे राज उगलवाने की कोशिश की एक दिन वह बहस करने लगा, एकिन अब्दुल्ला ने समझदारी से उसे रोक दिया, मैं सब कुछ खुद करता हूँ और कड़ी महंत करता हूँ, और अगर मैं सच बता दूँ, तो जानव
08:12उसके दिल में एक अजीब सी खुशी और डर था, वह बकरियों के बीच बैठ गया और उनकी आवाजे ध्यान से सुनने लगा, पहली बार वह सचमुच उनकी भाशा समझने लगा था, एक बकरी फुसफुसाई पिछले हफते जो कुट्ते बच्चों को ले गए थे, वही �
08:42रहस्य को कभी उजागर न करना, उसने मन ही मन वादा किया और हमेशा की तरह बकरियों के साथ रहने लगा, लेकिन अब वह हर आवाज में अर्थ ढूंडने लगा, यह नया ज्यान सिर्फ बकरियों तक ही सीमित नहीं था, मुर्गिया उसे अपने घोंसलों की समस्याओं के
09:12तब भी उसने कहा कि वे कभी कभी किसी पुराने पेड के नीचे मिल जाते हैं, यह सब सुनकर अब्दुल्ला ने तुरंट सोना धूंडना शुरू नहीं किया, वह जानता था कि जिन्न ने उसे यह शक्ती भरोसे के साथ दी है, और लालच उसके कर्मों को बर्बाद कर सकत
09:42और पता लगाया कि शेर के डर से पहरेदार कहा च्पे हैं, उसने चुपके से रास्ता बदल दिया और गाउं वालों को सुरक्षित रास्ते बताए, इसी तरह, जब बक्रिया बार-बार एक जगह से गायब हो जाती, तो अब्दुल्ला चोरों के निशानों से उनके निश
10:12झालों के जगह से बताए, जब बक्रिया बार एक जगह से बताए, जब बक्रिया बार एक जगह से बताए, जगह से बताए, जगह से बताए, जगह से बताए, जगह से बताए, जगह से बताए, जगह से बताए, जगह से बताए, जगह से बताए, जगह से बताए, जग से �
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