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  • 4 months ago
Transcript
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00:30It's been a long time for a long time.
01:00मेरा सबसे बड़ा राज यह है कि मैं अपने कबीले के बहादूर नहीं हूँ.
01:04सब समझते हैं कि मैं निडर हूँ.
01:06मगर हकीकत यह है कि मुझे अंधेरों और तनहाई से डर लगता है.
01:11यह सुनते ही महल के दर्वाजे खुल गए.
01:14रेत का फर्श जगमगा उठा.
01:15आवाज भर गुंजी.
01:18सचाई ही सबसे बड़ी बहादूरी है.
01:22लैला उन्ट पर सरवार होकर बाहर निकली.
01:25जैसी ही सुभा की किरने फूटी, महल दुबारा रेत का धेर बन गया.
01:29लेकिन अब लैला के चेहरे पर एतमाद की रोशनी थी.
01:32वो जान चुकी थी कि जादू सिर्फ महल में नहीं, बलकि इंसान के दिल में भी छुपा होता है.
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