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  • 6 months ago

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00:01बीलापूर नामक एक सुन्दर गाव में अनील और उत्तेच नामक दो दोस्त रहते थे।
00:08अनील एक निडर आर्मी था, वो जल्द बाजी में फैसले ले रेता था और उत्तेच बहुत बुद्धिमान था, वो स्तिथियों के प्रकार बदलता था।
00:19वो दोनों गाव से शहर जाकर वहाँ एक ही जगा नौकरी करते हुए अपने माबाप को पैसे बिजाते हुए बहुत खुश रहते थे।
00:29छीक उसी समय कोरोना वाइरस नामक एक भयानक व्याधी शुरू हुआ था। वो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को तेजी से फैल रहा था।
00:39अगर किसी को कोरोना वाइरस आया तो उन्हें तीज खासी, बुखार और सांस फूलना होता था।
00:48और सरकार ने ये भी प्रकट किया था कि अगर ये वाइरस बुड़े लोगों को आया तो उनके मर जाने की संभावना ज्यादा होगा।
00:57सरकार ये भी घोशत करती है कि कोरोना वाइरस से बचने के लिए हर एक आदमी को मास्क पहनना होगा और हातों को सैनिटाइज करना होगा और एक दूसरे से करीबन तीन फीट की दूरी रखना ही होगा।
01:13और ये भी कि ज्यादा भीड़ जगाओं से दूर रहे और घर पर रहना ही सुरक्षत रहना है और इतना ही नहीं सरकार ये भी प्रकट करती है कि रेल गारी और विमान के सेवाए तुरंत बंध हो जाएगी ताकि विदेश से कोई यहाँ नहीं आ सके और यहाँ से कोई वि�
01:43घर पे रहने की आदेश देते हैं। ये सुनते ही सारी लोग एक दूसरे से दूर रहते हुए, होटों पे मास्क पहनते हुए और हातों को सैनिटाइज करते हुए, अपने आपको सुरक्षित रखने की कोशिश जारी रखते हैं।
01:58अनील, सभी जगह सब बंध हो चुका है न, और हमारे कार्याले में भी हमें घर पे रहने की आदेश दिया गया है। मैं कह रहा हूँ, यही सही वक्त है, चलो घर निकल जाते हैं, अपने माबाप के साथ रहते हैं, और जब ये लॉकडाउन खतम हो जाएगा, तब वापस आ �
02:28आमी वापस कार्याले को बुलाया गया, तो कैसे आ जाएंगे, वो भी तो सोचो, मुझे तो नहीं आना, तुम्हे जाना है तो तुम जाओ, ठीक है अनिल, मुझे तो ये कुरोना वाइरस के बारे में सुनकर ही बहुत डर लगने लगा है, मैं तो घर चले जा रहा हूँ, �
02:58के वैसे ही रहता है, जैसे कोरोना वाइरस आया ही नहीं हो, सरकार से बार बार सुरक्षित रहने के समाचार आने के बावजूद, अनिल उसकी परवाही नहीं करता है, और ऐसे बहुत दिन बीच जाते हैं, फिर उसके बाद एक दिन, शहर में कोरोना वाइरस की ज्यादा फ
03:28मुझे अपने दोस्त के साथ तभी गाउं चले जाना था अग मैं क्या करूं ऐसे जब वो सोची रहा था उसको उसकी पापा का कॉल आता है और वो फोन उठाके उनसे बात करने लगता है बीटा तुम्हारा दोस्तों यहां आ गया तुम्हें भी उसके साथ आना चाहिए था �
03:58मैं सिर्फ कोरोना वाइरस के डर में घर नहीं आ रहा था मैं अब आपके लिए आ जाओंगा यह कहके सरकार के चेतावनी देने के बावजूद वो बहुत मुश्किल से उसके घर के लिए निकलता है अरे मास्क पहने बिना तुम शहर से यहां तक आये हो यह लो मास्क पहनो
04:28मैं आपकी बात सुनकर बहुत मुश्किल से शहर तक गाव आया हूँ आप सरकार के इन उटपटांग समाचारों को सुनकर मुझे कमरे में बंद रहने के लिए कह रहे हो ठीक है बेटा तुम्हें जो करना है वही करू कि तुम्हारा घर है यह कहके वो वहाँ से चले जाते ह
04:58अपने पापा की बात सुनकर अपने कमरे में ही रहना था पर मैंने तो नहीं सुना और बाहर बहुत खुम लिया कम से कम मुझे अब अस्पताल जाके अपना जांच करवाना होगा यह फैसला करके वो अस्पताल जाके डॉक्टर के पास उसका जांच करवाता है वहां का ड�
05:28फिर उन्हें पता चलता है कि अनील के कारण उसके सारे परिवार को कोरोना वाइरस आया है और उन्स सब को अस्पताल में रहते हुए उसका इलाज करवाना होगा।
05:40जब ये बात उत्तेच को पता चलता है कि उसका दोस्त अनील और उनके सारे परिवारवासी अस्पताल में कोरोना वाइरस के कारण दुखी है, तब वो उन्हें देखने अस्पताल जाता है, मास्क पहन कर उनसे तीन गज दूरी पे उनसे बात करके वहां से चले जाता है.
06:00कुछ दिन बाद अनील और उसके परिवारवासीों को कोरोना वाइरस कम होने के कारण वो उनके घर वापस लोटाते हैं, उनके घर आने के तुरंत बाद उस गाव में सारे लोग उनसे दूर रहना शुरू करते हैं, और ऐसे बहुत सारे दिन बीच जाते हैं.
06:18अनील को उसकी गल्ती का एसास होता है. उसे समझ आता है कि उसकी लापरवाही के कारण ही उसे और उसके सारे परिवार को कोरोना वाइरस आया है. ऐसे कुछ महीने बीच जाते हैं.
06:31कुछ दिन बाद सरकार वापस ये समाचार देता है कि कोरोना वाइरस अब एक नए रूप में फैल रही है. उसके खासी और बुखार के वही लक्षन है पर इस बाद ये 70% तेजी से फैल रही है. अनील और उसके परिवार ये समाचार सुनकर बहुत ड़ते हैं. वो तब से
07:01होगा. एक बार मेरी लापरवाही के कारण मुझे और मेरे परिवार वासियों को कोरोना वाइरस आया है. मेरे कारण. और अब समाचार ये कह रहा है कि नए प्रकार का कोरोना वाइरस फैल रहा है. अब अगर मैं कार्याले चले जाओंगा तो नजाने क्या हो जाएगा. मु
07:31इसके बार मैं ऐसे सोच रहे हो इतने में उत्तेज उसके दोस्त अनील को देखने उसके घर जाता है अनील और उसके माबाप को बात करते हुए देख वो वहीं दर्वाजे के पास खड़े होके उनकी बाते सुनने लगता है
07:44पापा मुझे कारियाला इसे कॉल आया है कि मुझे वहाँ तुरंट जाना होगा और जाने के लिए मुझे बहुत डर लग रहा है मुझे समझ में नहीं आ रहा कि अब मैं जाओ की नहीं
07:56बेटा जब तक कुरोना वाइरस चलाना जाए तुम्हारा कही भी जाना सुरक्षित नहीं हो सकता है और तुम शहर जाओगे तो हम यहाँ तुम्हारे बारे में सोचते हुए बहुत तकलीफ लेंगे अगर तुम यही हमारे सामने हो तो हम समल जाएंगे
08:15हाँ बेटा मा ठीक ही तो कह रही है एक बार पहले हमें आ चुका है कुरोना वाइरस अब एक और बार आ गया तो हमें सुरक्षित रहना होगा यह सब सुनते हुए उत्ते जुन के पास जाता है
08:29अनील मैं यहां यह पूछने आये था कि तुम मेरे साथ शहर आओगे की नहीं कि मुझे भी कार्याले से फोन आया है लेकिन तुम यहां बर्डर रहे हो पहले तो तुम लापरवाही से अपने को और अपने परिवार को कोरोना वाइरस लेके आये हो और अब कुछ ज्यादा
08:59बातों को धोते हुए उन्हें सानिटाइस करते हुए लोगों से दूर रहेंगे तो हमें कुछ नहीं होगा हमें बस अपने आपको सुरक्षित रखना सीखना होगा हमें बस हर हाल में स्तितियों के प्रकार बरताव अपना बदलना होगा लेकिन बेटा जानते हुए मुश्
09:29ख्याल रख लेना, मुझे कार्यालाय के लिए जाना ही होगा,
09:32वरना हमारी नौकरी जले जाएगी मा,
09:35ये कहके अनील मास्क पहन कर,
09:39हातों को सैनिटाइज करके,
09:42उसके दोस्त उत्तेज के साथ शहर के ओर बढ़ता है,
09:45अनील के शहर जाने के बाद,
09:47उसके माबाप मास्क पहनते हुए और सैनिटाइज करते हुए,
09:53सिर्फ जरूरी चीजों के लिए बाहर जाते हुए,
09:56घर पे रहते हैं और खुश रहते हैं,
09:59उत्तेज और अनील दोनों शहर चले जाते हैं,
10:02वो कार्याले जाते हुए भी अपने आपको सुरक्षित रखना सीख जाते हैं,
10:07और ऐसे वो खुश रहते हैं,
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