"Qissa-e-Karbala" is a powerful and emotional cinematic depiction of the Battle of Karbala, a pivotal event in Islamic history that took place in 680 AD. The movie narrates the tragic story of Imam Hussain (AS), his family, and his companions who stood against oppression and tyranny under the oppressive rule of Yazid ibn Muawiya.
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#karbala #hussain #yazeed
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Short filmTranscript
00:00:00झाल झाल
00:00:30झाल झाल
00:01:00कोई बात करो मुसा
00:01:06मुझे मार दोगे
00:01:08या आमान दोगे
00:01:10क्यों पोच रहे हो
00:01:12मैंने आमान के वादे पर तल्वार रोकी है
00:01:16वरना मैं तस्लीम ना होता
00:01:18मैदाने जंग में मारा जाना मेरे लिए जाठा बाईज़त नंचलती
00:01:22आश्मियों के सर उठाने से खुदा की अमान
00:01:25असीरी के हालत में भी रज़स खुआनी करते हैं
00:01:28ये लोग इलतमास के लफ़ को ता पहचानते ही नहीं
00:01:31हम सिर्फ खुदा की बारगाह में इलतमास करती हैं
00:01:34तो पिर खुदा से इलतमास करो
00:01:36शायद वो तुम्हारी दूआ सुन ले और
00:01:39मुझे तुम्हारे गतल से रोकते हैं
00:01:42खुदा से तलबे मगफिरत करता हूँ
00:01:44मैंने कहा था न
00:01:47हाश्मियों का गुरूर उने खुदा के आगे भी इलतमास करने नहीं देता
00:01:51तो मैं गतल कर दूँगा मुस्लिम
00:01:54मैं जानता हूँ कि तुम इतने सखी नहीं हूँ कि अपने दुश्मन को बखश दो
00:01:58मैं अपने किसी ऐसे जानने वाले को वसीयत करना चाहता हूँ
00:02:02जो इस वक्क के हम वाजूद हो
00:02:03बिसमिल्ला
00:02:04ऐ अबने साथ
00:02:06मेरे और तुम्हारे बीश विश्ने तारी है
00:02:10मैं तुम्हारे जरीए एक वसीयत करना चाहता हूँ
00:02:14एक राज की तरह
00:02:16मैं गोई अच्छा राजदार नहीं हूँ
00:02:20मुझे माफ रख रख रख
00:02:21एपिसरे साथ
00:02:23मुझाइक अमत करो
00:02:24ये बात मर्दानगी के खिलाफ है
00:02:26तुम्हारा अजीज मौत के दहाने पर खड़ा है
00:02:28उसकी वसीयत तो सुन लो
00:02:30अगर उसकी वसीयत सुन लोगा
00:02:38तो फिर मुझे उस पर अमल करना पड़ेगा
00:02:40कोई बात नहीं
00:02:41अर्चंद दोस जैसे की वसीयत पर अमल करना
00:02:44जो के मुर्तद है
00:02:45सवाब भी नहीं और गुना भी नहीं
00:02:48तुम्हारी गेरतमंदी और मर्दान की बढ़ जाएगी इस तरह
00:02:51वसीयत पर अमल करना
00:02:52आपकी मर्जी के खिलाफ हुआ तो क्या
00:02:54फिर भी इस पर अमल करने को
00:02:56मर्दान की समझते है
00:02:57अब तक तुमने उसकी वसीयत नहीन सुनी बंद है खुदा
00:03:01अगर उसकी दर्खास मेरे ञाकी मुवड़ायत के खिलाफ हो
00:03:05पूरा कर देना कोई बात नहीं
00:03:08लेकिन अगर उसकी दर्खास शर्यात मुच्दस के खिलाफ हो
00:03:12तो अमल नह करना
00:03:13उसका कुफार आदा कर देना
00:03:15वस यह सुनावा मुसलिम
00:03:32मेरे चचताद भाई
00:03:35हुसेन देरी वुडिक्तों के कुफा ना आये लोट जाए
00:03:38मेरे बनने के बाद
00:03:40मेरे जिस्व को दसना देना
00:03:41कि जमीर बढ़ा ना रजाए
00:03:42मैं कुफा में
00:03:45700 दिरम का मख्लूज हूँ
00:03:47व अदा कर देना
00:03:48मेरी जिरो हरख और खुद को बेच के अदा कर देना
00:03:51जानते हो वो मुझसे क्या चाहता है
00:04:10वो तुम्हें अमानत्दार जानता है उमर
00:04:14रास्तार रहो
00:04:16अमानत्दार कभी ख्यानत नहीं करता
00:04:18हर चंद के बाज वकात
00:04:20ख्यानतकार शक्स को अमीन बना दिया जाता है
00:04:23खूब मुस्लिल
00:04:33तुमने वस्यत कर दी?
00:04:36कोई और खौाहिश है?
00:04:41मैं प्यासा हूँ
00:04:42थोड़ा सा पानी देतो
00:04:44बिन हुराइस इसे पानी देतो
00:04:47मगर उस प्याले में जिसमें हराम गोष जानवरों को पाने देते हो
00:04:51वो मुर्तित हो गया और जिस चीज को मुँ लगाएगा जो शरी नजिस उचलेगी
00:04:55है या में?
00:04:56मुर्तित तो तुम हो
00:04:58के बगएर एकिसास उस बना खुदा को कतल करते हो
00:05:01के जिसका कतल करना हराम है
00:05:03जो शक्स इफ अपने घुस्य उस वेजन की बिना पर लोगों का कतल आम करता है
00:05:08वो मुर्तित के लाने का ज्यादा हरतार है
00:05:09तुम जैसे शक्स की सांस और पसीना नजिस है
00:05:12जिसने अपने दिल को इबलीज का घर बना लिया
00:05:14इबलीज तुम्हारा मुर्तित की रिजा के लिए गतल करूंगा
00:05:31ना कि घुस्य और सुए जन की बज़ा से
00:05:33खुदा की कसम तु छूट की जड़ हो
00:05:35अगर इस घुरू के पास राई के बदाने के बराबर भी खौफ खुदा होता
00:05:40तो तुम्हारे छूट की गवाई देते
00:05:42अफसोस
00:05:46अफसोस के दुनिया भी तालुखात ने मुसल्मानों को इतना गिरा दिया है
00:05:51तुम्हें इनसाफ शुजात और इमान भी खत्म हो गया है
00:05:54हमने खासिप खलीफा के खिलाव एतिजाज कर रही है
00:05:58हमने अक्कैसर औ कसरा जैसे शक्स के खिलाव तलबार उठाई है
00:06:01हमने निफात नहीं किया इत्तिहाद किया है
00:06:04इराग के लोगों के बारा हजार खतूथ हमारे कवा हैं
00:06:30क्यों पानी नहीं पिया
00:06:31मेरे मूँ का खून माने हो गया
00:06:34देख लिया ना
00:06:36खुदा भी तुम्हें पसंद नहीं करता
00:06:37वो चाहता है प्यासे माँ
00:06:39ये पानी मेरे लिए था ही नहीं
00:06:42वरना खुदा की रह्मत का दर्या बेकरा है
00:06:46शायद प्यासा मरना मेरे जहाद के जर को पूरा कर देगा
00:06:50तुम लोगों का खुदा के बारे में जो गुमान है वो तुम्हारी तरह हाकीर है
00:06:55खुदा को इंसान नुमा कोई चीज समझ रखा है क्या
00:07:01अपने गुमान के फिकर करो मस्लिम खुदा की मारफ़त अपने पास रखो
00:07:04क्या तुम लोग ये गुमान करते हो कि खिलाफत में तुम लोगों का कोई हक है
00:07:07गुमान नहीं है यकिन है
00:07:09सुन लिया आप लोगोंने भाईयो
00:07:10सुल्या
00:07:11अमभी और अलवी के जगड़े की जड़ यही दावा है
00:07:16जब देखो बहाने ढूनते रहते हैं
00:07:19अब दीन का क्या होगा
00:07:20सुन्नत पैंबर का क्या होगा
00:07:22कुरान का क्या होगा
00:07:23एहकाम दीन का क्या होगा
00:07:25वगेरा वगेरा
00:07:26ये रसूल इखुदा का सरी और महुकन कॉल है
00:07:31फरमाये मुझसे कोई भी मिरास नहीं पाएगा
00:07:35रसूल इखुदा के तमाम दूर और नजदिक के अस्थाब
00:07:41इस हदीश नबवी पर मुत्तफिकुल कॉल है
00:07:44ये हज़राच्चों के खुलना इस हदीश शरीक के खिलाब जंग नहीं कर सकते
00:07:49तो खलीफा की टांग खेशते हैं
00:07:52क्या विद्दत ले आया है
00:07:55विद्दत
00:07:57मैंने भी इस हदीश नबवी को सुना है जो तुमने नखल की है
00:08:01अलवियों का कोई विरास्थ का दावा नहीं है
00:08:05इनका खिलाफत में हक है तमाम मुसल्मानों की तरहां
00:08:10खिलाफत उम्मत के में एक साले मुकर्णब और मुमिलों का हक है
00:08:15खुदा की कसम अली और उनकी उलाद उम्मत के मुकर्णब तरीन और बातक्वा तरीन लोग हैं
00:08:21ये मेरे अलफाज नहीं है
00:08:23अली से पहले के खुलफा ने भी अली की त्यानत तक्वा और इल्म की कवाही दी है
00:08:29खामूश जूटे
00:08:31अब ये जूटे बातों खुलफा से मनसूब करते हो
00:08:33तो खुदा की कस्म तुझे रहसे महरूंगा के दीन के आख से लेकर आख तक किसी को भी इस तरह नहीं मारा जाओगा
00:08:40था तुम हो यह हो कि वो बितते दीन में लेकर आओगे जो पहले कभी न थी
00:08:44ना मर्दाना कतल और आजा का कता करना और लाश को बरेने करना और खुडों से पामाल करवाना
00:08:51तुम से कुछ दी बाइद नहीं
00:08:52कोई है जिसने इस मुर्टित से कोई जखम काया हो
00:08:56मैं हूँ अमीर
00:08:57बुकेर इबन हुबरान आहमरी
00:09:00ये वो जखमे जो मुस्लिम इबन अकीर ने मुझे दिया है
00:09:04बुकेर इसे महल के सबसे बलंग जगा से किरा तो
00:09:08और इसके बतन से इसके सर को चिदा कर तो
00:09:10जी अमीर
00:09:11चलो
00:09:30ये उमीर
00:09:32इसके सबसे बलंग जखमीर
00:09:36ऑनसी हाँ
00:09:38चलो
00:09:40जी प्रश्त
00:09:41ओ्लो
00:09:44जी ढुब टूब
00:09:47ऑनसी हाँ
00:09:52जी दॉब
00:09:55गनसी हाँ
00:09:58ऑनसी हाँ
00:10:00झाल झाल
00:10:30वो या दिया
00:10:33जब तक हुसान कूफे की रहा है
00:10:55मैं कूफे की जानी से मुत बाइ नहीं की जानी जान इनके नहीं कुछा हुए
00:10:57इससे पहले कि कुफा के लशकर को रे पर गल्बे के लिए तयार करें, मक्के की तरफ जाओ, और हुसेन और उसके साथ ये विरास्ता रोग तो, हुकूमत रे उस बैत के बदले में है, जो तुम हुसेन से लोगे है, तुम्हारे सारे वादे छूटे थे, तुम उससे वादा क
00:11:27खुदा न करे मेरी जान, तुम्हारी मौत खुली को आ जाए, जानी के लख तैसे बाते न करो मेरी जान, कहा चली मेरी जान?
00:11:35कश तुम्हे वतन से दूर होने के तकलीफ का अंदाजा होता, वो भी इस शहर में जहां मेरे पर पैट देगा है, मैं अगर नाचने काना ना करूं तो गोया मैं मर गई, अरे मेरे दिल का चैन, गाओ, खुल के गाओ, वो रकास खाना, और वो शाम कमेकदा, और वो नाचने
00:12:05कर ढूंगा, तुम मरदे बस्म हो खुली, ना के मरदे जंग, मैं भी जंग लड़ने नहीं जाना, सिर्फ इसलिए जा रहा हूँ के मालिग अनिमत से महरूम ने रह जाओ, मुझे यकीन है कि इस जंग में वो हिस्ता मिलेगा, कि इससे हम अपनी तुमाम आर्ज में पूरी क
00:12:35के पसले पर, कितना वक लगेगा, ज्यादा से ज्यादा तेन चार दिन, तुम सिर्फ बड़ चप लोगी, मैं परियाद हो तुमारे पास होंगा, बेवकूफी करके पहले सफ में जाके मत खड़े हो जाना, मुझे में नाकावर खबरे सुनने का हौसला नहीं है, मेरा दु�
00:13:05जो जंग पर जाये और ना लड़े तो लड़ने वाले से पहले मारा जाता है, मेरे पास होसला नहीं है कि उस मर्ड के सोग में अपने बाल सा फैद करूं चो किसी जंग में मारा गया हो, अभी तुम्हें मेरे हरवी सलाहियतू की खबर नहीं है, यह जीट है कि मेरा मिजज �
00:13:35तुम रो क्यो रही हो, फुली खुदा का खौफ करो, तुम मुझ से लड़ने चारे हो जो रसले खुदा का जिगर गोशा है, खुदा की कसम, जो कोई भी हुसेन इपने अली से जंग करने जाए का उसको अज़ा ठीक नहीं होगा, अफ़ास बंद करो, किसी नहीं नहीं नह
00:14:05पर तरसाता है, इसलिए तलाक नहीं दे रहा, लादा सिर्फ अपनी रोटे चादी रहो, और अपनी हद में रहा करो, मेरी खेर मोजूद्धी में तुम खुरा की कनीज हो,
00:14:17सरण जाम संदिक सफ हिज्री अमरी में, गुमरे साथ ने रहे की बाशाहत के खाब के तहट, एक इंतहाई बने लश्कर के साथ, इमाम मजलूम उरूं के खलील साथियों के रास्ता रोग दिया,
00:14:47दुनिया का काम बड़ान इरादा है, जिस चीज से मूँ मुरो वो तुम्हारी वगाल हो जाता है, मुझे पता था, अगर मुरा हुसैन समझने कि ये जोहे इतने पैंका काफला है तो मुझसे दस्पर्दान न हो गया,
00:14:59क्या आस्मा तोड़ गया, शेकल कमर हो गया है, ये सूरज का मौत आ गई, शायद को वाजब को होगा है, जब ये पैसिते बज़वाया, वाजब को? उनका वाजब ये होगा कि उनकी दावत को कबोल करूं, और उनके साथ उफ़ा जाओ, अगर बलाते हैं तो कबोल मत करना
00:15:29मेरी जबा जा नमास पर ही ठीक है, तिजारत करता हूँ और नमास पढ़ता हूँ, खुद को अमर के इस इससे में उस जिवरे में मुलविश नहीं करना चाहता जो दुनिया और अखरत के नक्सान का बाइस है, जोहेर, पर जंदे रसूल ने तुमें बुलाया है, खुदा क
00:15:59नहीं रहेगी, मैं अपनी तलवार से किये हुए हैद को तोड़ नहीं सकता, मौला हुसेन के साथ हो जाना यानि उस जंद में पूठ जाना जोस्तो, खुदी ही जानता है कैसा बुरा निचाम है, तुमें की बात को लिए वे क्यों बैचे जोहेर, किसने कहा अपनी तलवार
00:16:29या माल माँने का खौफ, अपनी जिद की फिकर करो, जब लोग सुनेंगे के मौला हुसेन ने जुहेर को बुलाया तो जुहेर नहीं गया, तो लोग तुमें कमजोर दिल और डरपोक कहेंगे, कल से तमाम जुबानों और मैफिनों का वर्द बन जऊओगे तुम,
00:16:50आज के बाद अगर कसी ड़पो की मिसाल देना चाहेंगे
00:16:55तो चुही के जगा जोहर इबने काइन की मिसाल देंगे
00:17:20दुलहन, दुलहन मैं जाने के लिए यह हूँ उस तलगी के साथ जाना और इस मिठास के साथ आना
00:17:40क्या है जोहर, मौला से ने तुम्हार साथ क्या किया है
00:17:43मैं मौला हुसाइन के साथ जाओंगा
00:17:45तो फिर तुम्हारे माल का क्या होगा, तुम्हारी तिजारा ठंडी रह जाएगी
00:17:51सब कुछ तुम्हारा दुहन, मेरी सारे दुनिया तुम हो
00:17:55मेरे पास माले दुनिया से जो कुछ भी हो तुम्हें बख्ष रहो
00:17:58तो मैं तलाव दे दूँगा ताकि मेरे बाद तुम्हें पोई तकलीफ ना
00:18:03तलाव देंगे मुझे
00:18:07यह नमुमकिन है कि मुला हुसान यजीव की बाइट करे
00:18:10मुझे खबर मिली है कि अबने जाद मुला हुसान के कतल पर मामूर है
00:18:14और उसके बदले में बहुत कुछ पाएगा
00:18:16कूफियों के कई इंसान नमा भेडियों के रिवर खरीद लिये गए हैं
00:18:23हुसेन से मकाबले के लिए
00:18:24मौला हुसेन के पास तो कोई लिस्कर ही नहीं
00:18:27मौला हुसेन के हमरा हो जाना यानि मौप के घर में अदम रखना
00:18:31मेरे बाद गोया तुम तला की आफ़ता हो
00:18:34क्या ही अच्छा होगा कि अभी तला के ले लो
00:18:38जाओ दुर्षन जाओ
00:18:42अपने बच्चों और मा की खबर लो
00:18:46बच्चे और मा तुम्हारे बिलाए मेरे किस काम की है
00:18:55दुर्षन मौत हर जानदा का मुकदर है
00:19:00आज ना मरूँ तो कल या परसू तो मरूंगा
00:19:04मौत पर सबर करना चाहिए चुच्चरा नहीं
00:19:08तुम्हें तु मौला हुसेर के पाद जाने से ही इंकारता
00:19:12मैंने भी जाता तुम्हें
00:19:14क्या ही अंसाफ है जा के ले चले जाओ
00:19:16मुझे ये रहाई तुम्हारे तुफेल मिली है दुलहन
00:19:19खुदा की कस्वाम अगर और तुम पर जहाद वाजिब होता
00:19:22तो हमें एक साथ मिलकर मौला की नकाब में जाते
00:19:24मौला हुसेन के एले हरम भी हज़र है
00:19:26काश ना होते दुलहन
00:19:28मौला की सारी मजलुमित उनके बाल बच्चों का होना है
00:19:31तुम क्यूं आना जाती हो
00:19:33सिर मत करो दुलहन
00:19:34जैसे तुम इतलाग दीदीगा फिर इक्तियार तुमारा अपना है
00:19:37दुलहन
00:19:38खुदा गवा है कि ये तलाग आशिकों की तलाग है
00:19:43इसके इलावा कुछ और मत समझना
00:19:47चाह हुआ दुलहन
00:19:49अब तुम पुर सिकूर होकर मौला उससाइम की हम सफर बन सकती है
00:19:52नवी मुहर्म की शच्च थी के मौला ने काशने वालों बैत इमामे हुजज़त कर दी
00:20:01और फिरमाया
00:20:02जो भी रुके वो ये जान लेके कल मारा जाएगा
00:20:09बाजा सहाब ने इजहार वफादारी किया
00:20:12जोहेर ने भी खुश आवाज बुल्बुल की तरह आवाज उठाई
00:20:21जब हम बरहक हैं तो फिर मरने से क्या डरना
00:20:24क्योंके हम रसूल खुदा के इतिदार को जा रहे हैं
00:20:27खुदा की कस्म अगर मैं मर जाऊ और जिन्दा हो जाऊ
00:20:34और फिर मर जाऊ और जिन्दा हो जाऊ
00:20:37और इसी तरह हजार बार मरूं और जिन्दा हो जाऊ
00:20:42मौला ने तमाम मशलें बुझवा दी
00:20:49ताकि जोड़ी चाहे चला जोड़ी और रश्मी सुना शर्माए।
00:21:19ओ जिल्टोशन के बेटे मेरे सुनारे फ़संद रसूल से लड़ने के लिए तुम तमाम लेसकर से ज्यादा हित्स रखते हो।
00:21:49जिस भी वादे की उमेद पर इस जंग की आपको भड़काओगे नुकसान ही उठाओगे।
00:21:54खुदा की कसम दुनिया का मालो मकाम खानी है और बरोज क्यामत रुस्वाई के सिवा कुछ नहीं है।
00:22:03वाज अंतरो तुम मेदान जंग मे हो बस्जित के मिंपक पर नहीं है।
00:22:19तुम ठीक कहते हो उन लोगों से बात करना फजूल है जिनकी तर्वाद उनके हाथों में मस्दी कर रही है।
00:22:27ए कुफे वालो ये मैं हूँ जोहर इबन कैने पजली।
00:22:35तुम मेंसे ज्यादा तर मुझे चानते हो या मेरा चर्चा सुन ही चुके होगे।
00:22:40ताजर हूँ और दुनिया के माल से बेन्याज हूँ।
00:22:46मैं रसूल खुदा की खिद्मत में पेश रहा हूँ।
00:22:50और चारो खुलफा के अधवार में कई लड़ायां लर चुका हूँ।
00:22:55तुम लोग ऐसी फद्रफी उम्मत हो जो अपने ही नभी खुदा के नवसे पर पैर खैचते हो।
00:23:04मैं इस से पढ़कर कोई खुना नहीं चानता।
00:23:09ऐ इब्दकैन।
00:23:11तुम तो आले अले से कोई मेलजौर ही नहीं लगते थे।
00:23:14तुम ने अमीरलममनीन यजीत की बैट तोड़ता हुसाइन की तरुफदाई कैसे अक्तियार कर ली।
00:23:19बताओ ना।
00:23:21तुम समझते हो हुसाइन इराग का बादशे बन जाएगा।
00:23:24और तुम उसके वजीर आजम बन जाओगे।
00:23:26फर्ज किया हम को ऐसा ख्याल रखते भी हो।
00:23:30मगर अब तो अलाग हमारे हाथ से बाहर है।
00:23:34तुम कूफियों से पूछता हूँ
00:23:37इराग की बादशाही ज्यादा अजीज है या हमारी जाने।
00:23:43कि खुदा की गश्isstव हुसान तुम्हारी दावत के सिवा किसी और घर से राख RV geen Remें
00:23:50उनकी कोई और नियत नहीं सिवाय तुम्हारी हिदाएक के।
00:23:52उनकी कोई आरजू неंए सिवाय तुम्हारी रहाएक के।
00:23:59मौला घुसान खुन करने वालों में कभी लकी।
00:24:02उनको लगेगे इन जमादी
00:24:04पहमाद के स्वान कुछ नहीं थे
00:24:07और यजीद की बहे कभी नहीं करेंगे
00:24:09खामोश
00:24:10सिदंगर तुम हो
00:24:13और वो तुम्हारे बावी इमाम
00:24:32और वो तुम्हारे बावी इमादी
00:25:02यजीआ के सुपी हाम
00:25:07अ!
00:25:12प्रेंगर बावी के स्वान के सुपी हावी
00:25:14कर दो कर दो
00:25:44कर दो
00:25:53कराश्ट
00:25:55कर दो
00:26:01कर दो
00:26:03कर दित
00:26:09कर दो कर दो
00:26:39कर दो
00:27:09मेरे मौना हुसेइड ने गस्दे नमास किया है।
00:27:35आसले हद समझ का है।
00:27:37फिलहाल वफ्ती तोर पर जंड रोक देते।
00:27:39मैं भी अपनी नमास पढ़लूँगा।
00:27:41और तुम भी कुछ सांस ले लूँगा।
00:27:43इबने केन, जब दोबारा मेदान में होगे, तो मैं खुद तुम्हारा गरा काटूँगा, बोटी गर्दन को तोड़ दोगा
00:27:51काश एक वार मरतान की दिखा कर अपनी बात की लाज रख लो, मैं नमाज के बात तुम से लर्बे के लिए प्मेदान में आऊँगा
00:28:01बादा खिलाफी करोगे, तो कुछ पैसे बत्तर होगे
00:28:04जएर ने नेसो अटलवारों के हिसार को तोड़ दिया, और किसी परवानी की तरहा, नमाज इश्क का दागनने आ गया
00:28:12गोया उस दिन जएर का मकदर इतना हसीन था कि अपनी आखरी नमाज आलम में मलकूत में रिसालत माप के पीछे पर लेगा
00:28:22शर्म की बात है शर्म की बात है शर्म की बीटा अब तक दंदनाता फिर रहा है
00:28:45वो जंग नहीं कर रहा, मोचे दिखा रहा है, वो बिन बाप का, नजाने कौन सा शर्म का दिल रखता है
00:28:51जीख मारता है, तो लश्कर वाली अपने आप में नहीं रहते
00:28:54तीन का बेटा तो हुसाइन के चूटी हुए है
00:28:56हाश्मी जवानों का क्या करोगे जो हुसाइन के खतरनाग बास हुए है
00:28:59अब बास आजाए तो क्या करोगे, यकिन है अब बास मैदान में आजाए तो सब के सब उसे देख कर ही मर जाओगे
00:29:04कोई बाइद नहीं, अब बास आजाली का सामना करने के लिए शेयर दजगर चाहिए
00:29:09ये एक पर एक की जब बहुत हो गई, जब को तमाम करो
00:29:12मैं कहता हूँ पूरे लशकर के साथ खैमों पे हमला करके हुसाइन के सब को बिढ़ा दो
00:29:16फिलार हुसेन ने नमाज का इरादा किया है, वो चाहते हैं कि हम जंग रूप दे, ताकि वो नमाज अदा कर ले
00:29:22पढ़ने दो शिमर पढ़ने दो, बाद नमाज के उसका काम तबाँ कर दो
00:29:26क्या वागई आँ हुसेन को नमाज पढ़ने देरा चाहते हैं?
00:29:29नमाज एक शरीफ फरीजा है बिटे, हम एक वाज़ फरीजा के अदाई के वो नमाज में पहीं करसे होते हैं
00:29:34तो फिर आप जंग हार चुके हैं
00:29:36कैसे हैं?
00:29:38ये लोग हुसेन को मारने आए हैं
00:29:40क्योंकि ये लोग समझते हैं कि हुसेन दीन से खारज हो चुके हैं
00:29:43जब ये लोग देखेंगे कि हुसेन नमाज पढ़ने के लिए जंग रोकी है तो समझ जाएंगे
00:29:47कि उन्हें धोका दिया गया है
00:29:48क्या पुखता राए है?
00:29:54क्या ऐसा नहीं है शूर?
00:29:56क्या?
00:29:58शेहदादे की राए बहुत जईफ और गहरी है
00:30:01भी ये नहीं के हुसेन इस काम से सोये हुए
00:30:04कुफियों को बेदार करना चाहते हूँ
00:30:06तो पिर हमें हुसेन को नमाज पढ़ने नहीं देने चाहिए
00:30:10है ना?
00:30:12प्यार्ज करूँ
00:30:13आप अमीर है और अन सिपाही?
00:30:17नहीं शेहर नहीं
00:30:18उन्हें नमाज मत पढ़ने दो
00:30:31नहीं शेहर नहीं
00:31:01नहीं शेहर नहीं
00:31:31आ हाँ
00:31:32नहीं शेहर नहीं
00:31:33वाँ
00:31:35वाँ
00:31:37हुस्ट
00:31:40अरे करना चाहते है
00:31:41यह रहन
00:31:43प्यार्ज
00:31:45प्यार्ज
00:31:47प्यार्ज
00:31:49झाल झाल
00:32:19सुहेर लंभी भर के लिए टिकना नहीं चाहता था
00:32:37एदान की तरफ जाने की जुश बच्ची की तरफ था
00:32:40जुमार से ये वाहे पहलाया भौहो
00:32:43झाल झाल
00:33:13झाल
00:33:15झाल
00:33:17झाल
00:33:19झाल
00:33:21झाल
00:33:23झाल
00:33:33झाल
00:33:35झाल
00:33:45झाल
00:33:47झाल
00:33:49झाल
00:33:59झाल
00:34:01झाल
00:34:03झाल
00:34:05झाल
00:34:07झाल
00:34:09झाल
00:34:11झाल
00:34:13झाल
00:34:15झाल
00:34:17झाल
00:34:19झाल
00:34:21झाल
00:34:23झाल
00:34:25झाल
00:34:27झाल
00:34:29झाल
00:34:33झाल
00:34:35मिसमा
00:34:37झाल
00:34:39झाल
00:34:40देख रही हो मेरी दुलाए ये पद्व पामर ये कब्री जवान ये शेर नौजवान
00:35:07ये वही कल का निया दुला है जो एक गौहर शेर नास के नजर पढ़ने से नजरे बत का शिकार हो जाता था
00:35:14देख रही हो इस जंगी लिबास के साथ तो वो पहले से भी ज्यादा हसी हो गया है
00:35:29इस जंगी लिबास में तो मैं तुम्हारी मजीद आशक हो गई हूँ
00:35:32इसे मैदान में देखोगी तो तुम्हारे खोश उड़ जाएंगे तुम्हें दीवाना बनाते का
00:35:39आज वहाब मैदान में अपनी नई दुल्हन के साथ के अपनी अदाएं दिखाएगा
00:35:45वो मैदान में अपनी मां को लोरिया सुनाएगा
00:35:49और रक्स तल्वार दिखाएगा
00:35:51उसकी तल्वार का रक्स देखकर सक के हुश उड़ जाएगे
00:35:55मुझे शक नहीं के मेरा जवान बेटा आजमीनो आसमान वालो जेन्डो एंसो मलक सब को मभूत करतेगा
00:36:04ज्यादा तारीफ मत करो माँ
00:36:06मुझे डर एक हादा ना कर सको
00:36:08तुम गाकी शेर हो मेरे बेटे मैं अपने बच्ची को जानती हूँ
00:36:11च्रह तुम्हे आता है वहाद
00:36:13क्या आता है
00:36:14तुम्हे जंग करनी आती है
00:36:16इतनी अच्छी नहीं जितनी मा को तवक्व है
00:36:18तल्वार और घोडा हर अरब की आवरू है
00:36:21मैं भी एक अरब हूँ
00:36:23कोशिश करूँगा कि इसे तो आवरों का भरत रख सकते है
00:36:26जुस्मन हजारों की तादाद में और हमस्तों सभी कम है
00:36:33ऐसे मेडानों में तो माहिर लणा को भी नाबलत लगिया लगते है
00:36:37इस जंग में सिर्फ इश्ग का सहारा है
00:36:40अगर इश्ग हो तो फिर भाद और तलवार अपना काम भाखो भी इंजार दे सकते है
00:36:44मा की जानो जिगर
00:36:47देखो खुदा का शुक्र है कि उसने हमें नभी के नावासे की राह में लाकर खड़ा कर दिया
00:36:51हुसें के हाथों ने तुमें चुना है
00:36:54तुम जाहरा के नूरे चश्म के साथी हो
00:36:57खुश नसीबी यकिनन तुमारे अगरम चुमेगी बेटे
00:37:01तुम आलम में मलाकूत की महफिल में बुलाए गई हो बेटे
00:37:04पच्गाना फैसला करोगे तुमन्जी को ना पासको
00:37:08अमा जाँ आप तो ऐसे बात कर रहे हैं कि जैसे वहाब को आखरी बार देख रहे हैं
00:37:14आज कर्बला में एक के पीछे एक स्माईल खड़े हो गए कि सिपा हो सके
00:37:25मेरा बेटा बीन में से एक है
00:37:29वहाब पुर्बानी के लिए जा रहा है ताके अपने खून को हमारे हाथों की मेंदी बनाते
00:37:35तो पहर मेरा क्या होगा
00:37:37मेरा तुना बाप है ना कोई भाई ना कोई घर बार है
00:37:44मुझे तो आपकी बहु बनके बीस दिन भी पूरे नहीं होगे
00:37:48मेरे सारी उमीद और इश्क माँब है अपने किसके साहर है जियोंगी
00:37:53प्यारी दुलंग कहीं तुभारे आसू श्रेतान का वर्सोसा बनकर तुभारे मिया के कदमों को ना रुकते
00:38:04तुभारा जैसा आशिक अपने महबूद की हमेशा रहने वाले खुश नसीबी के आपने रुकावट मेहीं बढ़ता हूँ
00:38:10ममा जान मैं अपनी नहीं दुलंग को आपके आवाले और आपको खुशेंग के खुदा के आवाले करता हूँ
00:38:15बाता किजी आप इसके लिए वैसी ही शठीक वाबन कर रहेंगी जैसे आप बहाब को पालती थी
00:38:20देख वो खुश कर रहे मेरे बहादर से आज के बाद ये दर्मी से हुर मेरी दुलंगी है और मेरी तुझे की दुलंग करते
00:38:28एक शर्टे में राजी होंगी कि तुम मैदान जाओ आज मौला हुसेन की नुसरत करना जो वाजब काम है जो खुदा ने उम्मत के हर शखस पर लागू किया है
00:38:46खुदा के वाजब की हुए एकामात पर शरायत लगाना महिज नाइसाद लिए
00:38:50मैंने दो टोक बात कर दी है अगर तुमने मेरी शर्ट ना मानी तुम मैं मौला हुसेन और उनकी खुदा की बारता में शिकाहत करूँगी
00:38:56क्या शर्ट है तुमारी खुदा करोगे शर्ट को तुबताओंगी
00:38:59कैसे वादा कर लू जबके तुमारी शर्ट नहीं जानता
00:39:02मत घब रहूँ मत घब रहूँ मत घब रहूँ मुझ जैसी एक नई दुलहन जो अपनी आखों के सामने अपने तमाम असांसे और अर्मानों के खत्म होने पर राजी है
00:39:11उसकी शर्ट पी यकीनां मुंसिफाना होगी
00:39:14बहुत खुब
00:39:16ओ बेटा
00:39:16अगर इसकी शर्ट तुम्हारे इरादे को निशाना बना दे तो फिर भी मांग जाओगी
00:39:23अमा जान
00:39:24अगर मैं अपने महभूब के इरादों में रुकावट बनी तो मुझसे बुरी कोई ना होगी
00:39:29क्या मुझे इस कटिंग वक्त में भी अपने तिसमेट को बचाने और सवाने का हक नहीं है
00:39:34ये कैसे हो सकता है कि आप चाहें और मैं ना चाहूँ
00:39:36आपको घबराने के कोई ज़रूरत नहीं
00:39:40मेरी शर्ट
00:39:40कोई ऐसी नहीं
00:39:43कि जो हमारे वाहब को मलकूती महमान बनने से रोग दे
00:39:46बहुत हो, बहुत खूँ, मुझे मनजूर है
00:39:50तो फिर वादा करो
00:39:51कि तुमने वनिया में जो मुझे नहीं दिया
00:39:54वो आखरत में दोगे
00:39:55तो फिर वादा करना होगा
00:39:58कि बहुत है, मैं तुम्हारी दियुए होगी
00:40:01और तुम मेरे शाहर
00:40:02सुभार अल्ला, हम किस आलम की सिर कर रही हो
00:40:06वसी जगा जिसको पाने की शौफ में तुम बेचैर हो रही हो
00:40:09अगर मैं दोज़खी गवात हो
00:40:11फिर भी मेरी शर्ट होना चाहूँगी
00:40:13तुम सबकी देवाते सिदाया में सेन पर बंद है
00:40:16अजीव शंट लगाईए तुमने मेरी जान
00:40:20खोब वहाँ, तुफिर मेरी दुलाम की शर्ट पबूल है
00:40:24मानने के लागा और कुई रास्दा नहीं, मान भी
00:40:28तुम्हे किसी की समाना देनी होगी ताके मुझे तसली हो जाए
00:40:36शराफ़स से बेतर कौन सा जामिन हो सकता है
00:40:40वो तो ठीक है
00:40:41मगर मैं चाहती हूँ कि मेरे मौना हुसेन इस पाद के जामिन बने
00:40:58झाहती हूँ कि मेरे मौना हुँ कि अपाद के लागा जाए
00:41:28एक कूफे केस्या, दिल और स्या चेहरे वाले लोगो
00:41:30तुम लोग काम बनीजराइस से भी बत्तर हो
00:41:35जानते हो कि यह क्या कर रहे हो
00:41:39तुम लोगों ने अपने नबी के वसंद कर दोस्ता रोका है
00:41:46क्या हुसेन ने तुम लोगों पर कोई जिल मीक्हा है
00:41:49या तुम मेंसे किसी का हक चीना रहे
00:41:54तुम मेंसे किसी का फूर उनके सर पर है
00:41:58जो उनकी जान के पीछे पढ़ गए हो
00:42:00खुदा की कसम अगर इस दुश्वर इसे दस्वर्दाद ना हुए
00:42:08तो बयावत तक तुम लोगों से सुला ना हो सकेगी
00:42:12सिर्फ खिफ़त और वारी तुमारे हद पर है जाईगी
00:42:15और फुदा की बरकते और नेमते हल्किस को में नसीब भा होंगी
00:42:18और कम सिन बच्चे
00:42:20बन करें अबादो नसीर खट गए हैं हम
00:42:23कान हो तुम
00:42:24नवहाब इतने दुल्ला इतने खुबाब अब्तल भी हूँ
00:42:28अपने आका और माला हुसैन के दीदार से पडल
00:42:32नस्दानी मजब से ताल्युक रखता था
00:42:35अगर हुसैन के अमने को देखकर
00:42:38उनका शिनाई हो गया
00:42:40विदाई बन गया
00:42:42ख़दा की एक गसम
00:42:45इशा वसी
00:42:47आलम मलकूत में हुसैन के दीदार के मुश्टाग है
00:42:51कसम है चांद सूरज और सितारों के इस खालिक की
00:42:55कसम है जमीन और मौच जन दर्याओं की
00:43:01कसम है भारिश को नाजल करने वाले की
00:43:06के मैं रसूल खात्म के नावासे की रह पे
00:43:10अपनी जान अजीज का सौदा करने आया हूँ
00:43:13जब मुसल्मानों ने हुसैन की मदद नहीं की
00:43:15तो तू नस्राणियों से मदद मान रहा है
00:43:18जा बच्चे हम अहल किताब से नहीं लड़ते
00:43:22खुदा तेरा भूँ तोड़े मलाँ
00:43:24तू ने अपकी आस्वानी किताब पर तलवार उठाई है
00:43:29हुसैन के बातल पर होने का सुबूत यही है
00:43:32कि उसने तुझ जैसा नस्राणी बच्चा मैदान में बेजाए
00:43:35तुम्हारे पाद जो अजार है उनके नाम क्या है
00:43:39बच्चे
00:43:41हुँ हुँ हुँ हुँ
00:44:11हुँ हुँ हुँ हुँ हुँ हुँ हुँ
00:44:30जबता तुभेश
00:44:32तब तब इस बच्चे के जादु होएगा वाग्या तमाश रहता प्रहेगा
00:44:36जाओ इसकी माँ को इसके अकंदे रुला दो
00:44:38तुमिला
00:44:40जाओ
00:44:42जाओ
00:44:44जाओ
00:44:46जाओ
00:44:48जाओ
00:44:50जाओ
00:44:52जाओ
00:44:54जाओ
00:44:56जाओ
00:44:58जाओ
00:45:00जाओ
00:45:02जाओ
00:45:04जाओ
00:45:06जाओ
00:45:10जाओ
00:45:22जाओ
00:45:23झालक पो जोड़स का रव कर दोफिक पो जोज़ाओ कर दो एक वार पिंगर तोस्टी और कर दोफिक लिए जटी हर दो जोज़ाओ सफ आर दोज़ाओ कि अज़ाओ
00:45:50अरे ओ, फेड़े चरारे वाली ओहरत के बच्चे, उच्चे से लादीन बंदे की वाद अखिलाबी ताज उप्षिस नहीं है, क्या ये नहीं क्या था कि एक और एकी जंग होगी, अगर वर्थ है तो पुद नदान मिया, जो भी साथ के बच्चे करतंग सहेगा, वो मेरे नस्
00:46:20खड़ी पेट और इसे लादी खड़ी ताईब और ये प्रारे वाली ताईब फ़र्ड़ी उतान मिया कि वाली पारे टावाँ पुद बंदाएब ताईब भी से लाद
00:46:50झाल झाल
00:47:20झाल
00:47:50झाल
00:48:20झाल
00:48:50झाल
00:49:20झाल
00:49:50झाल
00:50:20झाल
00:50:50हमारे केते
00:50:52नावल लागों को
00:50:53खत्म कर दिया इसने
00:50:54इसका सर तन से जुदा करके
00:50:56इसकी माँ के लिए भेज़ दो
00:50:57और हाँ शिम्र
00:50:59हुआ हुआ खत्म झाल
00:51:06झाल
00:51:07तो यह मिल?
00:51:37मुलाओं, यह मिल?
00:51:43जैसाल आमीर हुमारिपने साथ की जानिब जे तौपा है?
00:52:07कर दो कर दो एती दो
00:52:37ओर्णित
00:52:47फ्परण
00:52:57हमारी जीमाच पिशारत पिशारत पिए
00:53:00कि खुदा कि रख रहत थे विदिदि
00:53:03ओफ म से
00:53:05कर दो कर दो
00:53:35कर दो
00:54:05फिर बराबर जंग में इमाम मस्लूम और उनके साजिकों शही उगर दिया
00:54:10मेरी जोली को सोने और चानी से भर दो
00:54:20कि मैंने बहुत बड़े बाक्षा को मारा है
00:54:25मैंने उसे खत्र किया है जिसके मामार सबसे बेतर है
00:54:33मेरी दालन को लालो याकूदो समांग से मर दो
00:54:40कि मैंने उसे इसे बहुत बड़े मारा है
00:54:47लुष बड़े मारा है
00:55:17झाल झाल
00:55:47झाल
00:56:17ये सुनने तो दरीगत के मानने वालो
00:56:20हुसैन इपने अली ने
00:56:22हुकूमत की तलब में खुरूच किया
00:56:24खलीफा के दुश्मन
00:56:25और उठब के प्यासे थे
00:56:27अद्व इंसाफ से मारे गए
00:56:29उनका माल लूट लिया गया
00:56:31उनके एहल बैत को अशीर कर लिया गया
00:56:34ताके उन लोगों के लिए इबरत हो जाए
00:56:37जो बैट तोल कर
00:56:39खलीफा के खिलाफ जसारत करें
00:56:42खुदा अमिर अलमुमनीन यजीत का हापिस है
00:57:04तुम आगे खुली
00:57:18हरे हाथों के साथ आया हूँ
00:57:21या उनका और मौत्यों के साथ आया हूँ
00:57:24तुम्हारी गर्दन में इतनी अशर्पियां पहना हूँ
00:57:28तुम अपना सर जुका लो
00:57:32कहो मा खुली जान
00:57:37खुली मिर जान
00:57:39हाया क्या अप खुल गिरते हैं तुमारे होटों से
00:57:42खुली का नाम तुमारी जबान पर अच्छा लगता है
00:57:45फिर से मेरा नाम लो ना
00:57:47कहो ना
00:57:49खुली खुली पसब काफिया
00:58:02एक ऐसा माली खनीमत लाया हूँ
00:58:19एक तुम लोगों के शामी बाच्छा के एक हजाने के बराबर अगे
00:58:23अब वो दिन गए जब हम बेंताह दौलत की हसरत पे कुड़ते रहते थे
00:58:26अब अगर हम सारी जिन्दगी भी जुआ खेलते रहें और हारते रहें
00:58:32फिर भी हमारी ही जीत होगी
00:58:34जो सर इस तंदूर पे है
00:58:36उसके वजन के बराबर मुझे सोना दिया जाएगा
00:58:39बस इस सर को मुझे इबन जियाद और यजीद के अवाली करने की देर है
00:58:42मुझे यकीन है कि उनके इनाम से हम कुके में एक बहुत बड़ा जुए का ड़ा बना सकते हैं
00:58:49ऐसा जुए का ड़ा जिसके मुकाबले में शाम का वो जुए का ड़ा जोटा नजर आए
00:58:54आउने को कैसा बड़ा सर है
00:59:12ये किसका कटा हुआ सर है
00:59:14ये उसी शाखस का सर है जिसने बड़ी मुद्दत से तुम्हारे शामी बादशाय यजीद पर उसका खाना पीना और सूना हराम कर रखा जा है
00:59:27ऐसा लगता है कि वो अब तक जिन्दा है
00:59:31उसकी आँकों में अजीब सी रानक है
00:59:36क्या तुमने से मारा है
00:59:37नहीं
00:59:38तुमने अपने खुरी को बेवकुष समझा हुआ है
00:59:41मैंने सिर्ट चंका नजारा किया है
00:59:44सर उन लोगोंने काटा है जो अकल की नेमस से महरूम थे
00:59:48मैं चुपा हुआ था
00:59:50जैसे ही मौका मिला
00:59:51मैंने दोस्तों से सर को चुराया
00:59:54और पहा अदाया
00:59:56इस शक्स का कोई नामनुशान नहीं है
01:00:00तुम तो अहमक न थे हुआ
01:00:03यह सरे हुसाइन इबने अली है
01:00:06हुसाइन इबने अली
01:00:08रिस्मले खुदा का नवास हो
01:00:13रिस्मले खुदा का नवास हो
01:00:15अहाँ
01:00:17कही ऐसा तो नहीं कि उस मन्हूस औरत ने
01:00:20तुम्हीं भी गुम्राक कर दिया है
01:00:22हुसाइन इबने अली ने खुलीफा के खिलाब क्याम किया
01:00:27यह कोई छूटा जुर्म नहीं है
01:00:29मुसल्मानों के खुलीफा की बैट शकनी एक लाका बिले बक्षिस तुना है
01:00:34हाँ
01:00:35अब चाहे वो बैट शकनी करने वाला नवास है रसूल ही क्यों नहीं हो
01:00:39हजरत मुह का बेटा भी
01:00:41पैगंबर का बेटा था
01:00:42मगर वो भी जेने रतावाए
01:00:44वो
01:00:46यह कैसा मुझाया वचे रवनार काये तुने
01:01:16बदबखत वरत
01:01:21जानते हो तुम आजरात किसकी मेजबान हो
01:01:26क्या तुम्हारा दिल मानता है कि तुम अपनी नवी के फरसन के सरको तंदूर की खाग पर महमान बनाओ
01:01:32सारे अपना
01:01:48क्या फर्ट है सर हुसैन
01:01:51और उनके जद रसूल खुदा की सर में
01:01:57के उनके सर पर दंदूर की खाग डाली गई
01:02:00और सर हुसैन को तहरूर की खाग पर भेख दिया गया
01:02:05अपना
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