00:00इस्लामिक अर्दु मेवाद के मौजिज नाजरीन
00:04अस्सलामु आलेकूम
00:06बिस्मिल्लाहि रौह्मानि रौहीम
00:09आपके सर में दिमाग है
00:12आपके पाउं में जूते है
00:15तो फिर आप अपने लिए किसी भी सिमत का इंतिखाब कर सकते हैं
00:22एक इंसान का भीड में खड़ा होना आसान है
00:28लेकिन अकेले खड़े होने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है
00:35किसी को चाहना हो तो दिल से चाहो जबान से नहीं
00:42और किसी पर गुसा करना हो तो जबान से करो दिल से नहीं
00:50ये जिन्दगी का दस्तूर है
00:53कि अगर किसी को आप से मतलब ना हो
00:57तो वो आप से बोलना तो दूर की बात है
01:01आप की तरफ देखना भी पसंद नहीं करते
01:05अब तक की सबसे बड़ी दर्याफत ये है
01:10कि इनसान महज अपना रवया बदल करकर
01:15अपना मुस्तक्बिल बदल सकता है
01:18अगर तुम्हे जरा सा भी अंदाजा हो जाए
01:22कि अल्लह अपाक तुम्हारे मामलाद कैसे सीधे करता है
01:28तो यकीन जानो
01:31तुम्हारा दिल अल्लह की महबत से फट जाए
01:34ये आप का रवया ही होता है
01:39जिससे लोग या तो आपके करीब आ जाते हैं
01:44या आपसे दूर हो जाते हैं
01:47आपका अच्छा रवया
01:49आपके इर्द गिर्द लोगों का मेला लगा देता है
01:55एक बात कभी समझ नहीं आती
01:59के हर मुसल्मान मौत ही क्यूं इमान पर मांगता है
02:05जिन्दगी इमान पर क्यूं नहीं गुजारना चाहता
02:09एक सा वकत कभी भी नहीं रह सकता
02:13दिन बिगड़ते हैं समरते हैं
02:17और गुजर जाते हैं
02:20किसी भी फर्द को एक फूल देना मुहबत नहीं होती
02:26बलके किसी दूसरे को फूलों की तरह रखना मुहबत होती है
02:32हम अपनी जूटी अना की वज़ा से
02:37एक दूसरे से रूठे रहते हैं
02:41जबके हमारे अंदर का इंसान
02:43एक दूसरे से सुला और दोस्ती करना चाहता है
02:48आज के इस दोर में
02:52लोग अपनी तरभियत और बद तमीजी छुपाने को
02:58बल्ड परेशर का नाम देते हैं
03:02पेशे के नोट से बड़ा कोई तावीद नहीं
03:08जो सारी दुनिया को आपके सामने जुका देता है
03:13मुहबत पदमों में धेर हो जाती है
03:17मगर यही तल्ख हकीकत है
03:21इसी तरह की वीडियोज देखने के लिए
03:25हमारे चैनल को सबस्क्राइब जरूर करें
03:29शुक्रिया
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