00:00इसलाम अर्दो मेवाद के मुआजिज नाजरीन
00:04असलाम वालीकूम
00:06बिस्मिल्लाहिर्रह्मानिर्रहीम
00:09बेश्मार लोग महनत की चक्की में पीसे जा रहे हैं
00:16और कोई चक्की उनके लिए आटा नहीं पीसती
00:20जिन्दगी के डरामे में इस खेल का मुझसिफ वो होना चाहिए
00:26जो डरामे को तकमील तक पहुँचा दे
00:30आजीब बात है कि जिसे एक इनसान तलाश करता है
00:36दूसरा उसी से निजात चाहता है
00:39समुन्दर में रहने वाली मचली जब तक पानी में है
00:45पानी को नहीं देख सकती पानी से जुदा होके पानी को देखे तो जिन्दा नहीं रह सकती
00:54अलफाज कानों के रास्ते दिल पर असर करते हैं
00:59और दिल पर असर के बाद आजा वो जवारो अपर अमल का हुकम नाजिल होता है
01:07और यूं इनसान का किर्दार बनता रहता है
01:11अगर बातिन में गुस्सा आए
01:14तो जाहिरी वजूद के चहरे पर
01:17तेयोरी और नफरत का इजहार होना लाजमी है
01:22एक आदमी ने एक किताब पढ़ ली
01:26वो एक फिरका बन गया
01:28और दूसरे ने दूसरी कहानी पढ़ ली
01:32तो वो दूसरा फिरका बन गया
01:35जो आज खुशनसीब है
01:39वो कल भी खुशनसीब होगा
01:42लोगों ने सामान को पकड़ रखा है
01:45और सामान ने लोगों को
01:48किसी चीज को रोकने के लिए
01:51खुद रुकना पढ़ता है
01:54इनसान की मलकियत उसकी मालिक हो गई है
01:59मायूसी रास्ता का सबसे बड़ा राह जन है
02:05कोई इनसान अल्लह के बगेर नहीं
02:09और अल्लह हर इनसान के अलावा है
02:12घर वालों को खुश रखो
02:15अल्लहा खुश हो जाएगा
02:18खजाने ला महदूद है
02:20लेकिन इनसान के पास वकत महदूद है
02:24जिसने अल्लह का राज गरियाफत कर लिया
02:29उसने यही कहा
02:32कि उसकी मार्फत यही है
02:34कि उसकी मार्फत नहीं हो सकती
02:37अगर आपकी निगाह बुलंद होने से खासिर है
02:42तो अपने पाउं के पास देखो
02:45कोई ना कोई चीज़ आपकी त�وج्जों की महताज जरूर होगी
02:51काईनात से त�وج्जह तलब करना
02:55इतना एहम नहीं जितना उसको त�وج्जों देना है
03:01लोग दोस्त को तो छोड़ देते हैं
03:05मगर बहस को नहीं छोड़ दे
03:08जब हम अल्लह का जिकर करते हैं
03:11तो उसके अपने इर्शाद के मताबिक
03:15वो हमारा जिकर करता है
03:18नेकी दर असल इनसानों के साथ नेक सुलूक का नाम है
03:25खाली नेकी तो कोई नेकी नहीं
03:29इसी तरह की वीडियोज देखने के लिए
03:33हमारे चैनल को सबस्क्राइब जरूर करें
03:37शुक्रिया
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