00:00अभिनंदन और स्वागत है आपको अंगवस्त्र देकर डॉक्टर अनिर्वान गांगुली जी मान्ये ग्रिहमंत्री जी आपका संबान करेंगे और साथ ही सम्विधान की एक प्रती भी आपको भेट करेंगे
00:15स्रिमती सुरुमित्रा आरे जी के ससुर उस समय माननिये जिला संगहचालक के दाईट उपर थे और पूरा पड़िवार इमर्जेंसी की यातनाओं में लंबे समय
00:28उस तहीं सविधान की हत्या की जा रही थी अपनी मनमाननी कर रही थी कि जो मैं कहती हूं वो सचाहिए है
00:35चाहिए कोई मर जाए पिट जाए जो बच्चा मूह नहीं कोल सकते थे कि हमारे साथ क्या-क्या जुलम हो रहे हैं
00:45इसने देखा कि आप तो देखन कि आप तो मैं जाने वाली हूं तब इसने रात तो रात ये पैसलता है कर लिया कि इनको तो छोड़ने पड़ेगी जेले ही भड़ते जा रहे है
00:59इसके पास तो खाना भी खतम हो रहा था इस टेम जो में डाल मिलती थी तरी गंदी डाल सबजियां ये राज मातासिंदिया जी गैटे हुए हैं ये हमारे को लेके गए अपने रूम में कहते रात को बच्चे तुम चुट्चे बच्चे को लेके कैसे आ गए
01:16तो हमने का जी हम मारे को पीछे सब्भालने वाला सारे 11 मेंबर ही चले गे जेल में तो बच्चों को कहा चोड़ के जाएं तो इन्होंने हमारे बड़ी वैलकम की जदकिरी और कहते हैं दूज ले जाओ दई ले जाओ बड़ी प्यार दिया दे
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