00:00इसलामिक कैलेंडर के मुताबिक जिलहिज्जा का महीना शुरू होते ही इदुल अजा और हज का जिक्र शुरू हो जाता है
00:07हर मुसल्मान का दिल चाहता है कि वो एक बार हज पर जरूर जाए
00:10लेकिन हर किसी को ये मौका हर साल नहीं मिलता
00:13तो अगर आप इस साल 2025 में हज पर नहीं जा पा रहे हैं तो क्या करें
00:17क्या आप बस यूँ ही बैठे रहें नहीं
00:20आप घर पर बैठे भी अल्ला की राह में बहुत कुछ कर सकते हैं
00:23आज किस वीडियो में जानेंगे हज 2025 में घर पर रहकर आप क्या कर सकते हैं और क्या नहीं।
00:28साथ ही जानेंगे कि हज की शुरुआत कब से हो रही है।
00:32तो सबसे पहले बात करते हैं हज 2025 कब से शुरू हो रहा है।
00:36आपको बता दें 4 जून यानी 8 जिलहज़ा इस दिन मिना के लिए रवानगी होगी।
00:41फिर 5 जून यानी 9 जिलहज़ा को अरफात का दिन होगा।
00:44इसके लावत 6 जून यानी 10 जिलहज़ा को एदुल अजहा और कुरबानी होगी।
00:49और साथ और नौ जून को तश्रीक के दिन होंगे।
00:52अब आप सोच रहे होंगे कि मैं तो घर पर हूँ, इन दिनों का क्या करें।
00:56अल्ला के पास पहुचने के लिए सिर्फ मक्का जाना जरूरी रही।
00:59आपका दिल साफ होना चाहिए, नियत सची होने चाहिए।
01:02आप रोजा रखें, नौ जिलहिज्ज का दिन यानि अरफात का दिन सबसे फजीलत वाला होता है।
01:06प्रॉफिट मुहंबन ने फर्माया जो नौ जिलहिज्ज्ज का रोजा रखे, उसके पिछले और अगले साल के गुना माफ कर दिये जाते हैं।
01:12जिकरो तजबी में वक्त बिताएं, यानि इन दिनों में बार बार ये पढ़ें।
01:32इन मुबारक दिनों को आम दिनों की तरह ना बिताएं।
01:35अब जान लीजे कि इन दिनों में क्या नहीं करना चाहिए।
01:37इन मुबारक दिनों को आम दिनों की तरह ना बिताएं।
01:40ये दिन आम नहीं होते ये अल्ला की रहमतों से भरपूर होते हैं।
01:44जूट गीबत यानि पीट पीछे बुराई, गुस्सा और टीवी सीरियल्स में ना उलजें।
01:48इन दिनों में दिल और जुबान पर काबू रखना ज़रूरी है।
01:51मुबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बना ले।
01:54कम से कम इन खास पांच दिनों में खुद को अल्ला से जोड़ ले।
01:57याद रखें हज एक सफर है दिल से अल्ला तक पहुँचने का।
02:01अगर आप दिल से चाहते हैं तो आप अपने घर को ही आरफाद बना सकते हैं।
02:05अपने घर में सुकून से बैट कर तौबा करें, अल्ला से अकेले में बात करें, बही तो असली हज है।
02:11दुनिया की चिंता छोड़ें और कुछ वक्त अल्ला के नाम कर दें।
02:14साथ ही ये दुआ करें कि जो हज़ पर जा रहे हैं, अल्ला उनकी खबूलियत फरमाए और जो नहीं जा सके, अल्ला उनकी नियत पर उन्हें सवाब दे।
02:22फिलाल इस वीडियो में इतना ही उमेद है, आपको ये जानकारी पसंद आई होगी, वीडियो को लाइक करें, शर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिलकुल न भूलें।
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