00:00नमस्कार और स्वागत है आपका Beyond the Vale चैनल पर
00:08आज हम जानेंगे कि इरान कैसे हमास, हिजबल्ला, हूती और इराकी ग्रूप्स को पैसा, हथियार और ट्रेनिंग देता है
00:18साथ ही चीन की भूमिका और अमेरिका की रणनीती पर भी नजर डालेंगे
00:25सारी जानकारी भरोसेमन इंटरनेशनल रिपोर्ट्स और सरकारी स्रोतों से ली गई है
00:31जिनका जिक्र हम हर पॉइंट पर करेंगे
00:34इरान ने Middle East में हमास, हिजबल्ला, हूती और इराकी मिलिशिया जैसे ग्रूप्स का एक नेटवर्क बना रखा है
00:43अमेरिका की वाशिंग्टन इंस्टीट्यूट और विल्सन सेंटर की रिपोर्ट्स के मताबिक
00:48इरान इन सभी को पैसा, हथियार और ट्रेनिंग देता है
00:53ताकि वो अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ अपनी ताकत दिखा सके
00:57इरान का सबसे बड़ा फंडिंग सोस है, तेल की बिक्री
01:02Forbes और The Insider की रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2024 में इरान ने करीब 75 अरब डॉलर सिर्फ तेल बेचकर कमाएं
01:13जिसमें चीन सबसे बड़ा खरीदार है
01:15यही पैसा इन ग्रूप्स तक पहुँचता है
01:19हमास को इरान से हर साल 100 से 350 मिलियन डॉलर मिलते हैं
01:26Wikipedia और American State Department की रिपोर्ट के मताबिक
01:30यह पैसा कैश, हथियार और सुरंग बनाने के लिए दिया जाता है
01:35इसी मदद से हमास इसराइल पर दबाव बनाता है
01:39Hezbollah, इरान का सबसे भरोसेमंद पार्टनर है
01:44Wilson Center और The Insider के अनुसार, इसे हर साल लगभग 700 मिलियन डॉलर मिसाइल और ट्रेनिंग मिलती है
01:53इससे Hezbollah, इसराइल और अन्य दुश्मनों के खिलाफ मजबूत रहता है
01:59यमन के हूती विद्रोहियों को भी इरान मिसाइल, ड्रोन और पैसा देता है
02:05Forbes और American University Reports के मताबिक, इसी मदद से हूती, साउधी, अरब और खाड़ी देशों पर हमले कर पाते है
02:15इरान की कुछ फोर्स, इराग के बदर संगठन और कताइब हिजबुल्ला, जैसे ग्रूप्स को ट्रेनिंग, हतियार और लाखो डॉलर देती है
02:25Wilson Center और The Insider की रिपोर्ट्स में इसका विस्तार से जिक्र है
02:31चीन, इरान से सबसे ज्यादा तेल खरीदता है, जिससे इरान के पास ग्रूप्स को फंडिंग के लिए पैसा आता है
02:40The Insider और Forbes के मताबिक, चीन की भूमी का अप्रत्यक्ष है, वो सीधे ग्रूप्स को पैसा नहीं देता, बलकि तेल खरीद कर इरान की जेब भरता है
02:52American University और Wilson Center की रिपोर्ट्स बताती है कि सरकार बदलने का कोई थोस प्लान सामने नहीं आया है
03:07अमेरिका का मकसद इरान की ताकत को सीमित करना है
03:11तो दोस्तों, आपने देखा कि इरान अपने तेल के पैसो से हमास, हिजबुल्ला, हूती और इराकी ग्रूप्स को सपोर्ट करता है
03:21चीन का व्यापार इसमें अप्रत्यक्ष रूप से मदद करता है और अमेरिका पाबंदी पर फोकस कर रहा है
03:29ये सारी बाते इंटरनेशनल रिपोर्ट्स और सरकारी आंकडों पर आधारित है
03:35ऐसी और जानकारी के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और कमेंट में बताएं कि आपको वीडियो कैसा लगा
03:43अगले वीडियो में फिर मिलेंगे
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