Pahalgam Attack 2025: पाकिस्तान की नई साज़िश या रणनीतिक ब्लंडर? 😱 | True Investigation
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे भारत को झकझोर दिया। इस भयावह हमले में 26 से अधिक निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, और जिम्मेदारी ली 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा संगठन है। भारत सरकार ने इस घटना को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का उदाहरण बताया है।
लेकिन सवाल उठता है — क्या यह हमला महज़ एक आतंकी घटना थी, या इसके पीछे बड़ी रणनीतिक साज़िश छुपी है? 🕵️♂️
इस वीडियो में हम गहराई से विश्लेषण करेंगे:
✅ पहलगाम हमले की पूरी सच्चाई: खुफिया रिपोर्ट और आतंकियों का नेटवर्क
✅ बलूचिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान की आंतरिक कमजोरी कैसे भारत के लिए अवसर बन सकती है
✅ अमेरिका और भारत के रणनीतिक फायदे: चीन और पाकिस्तान पर दबाव बनाने की नई योजना
✅ ग्वादर पोर्ट, CPEC और चीन की निवेश नीति पर हमले के संभावित असर
✅ भारत की नौसैनिक रणनीति: INS विक्रांत और INS कोलकाता की तैनाती का गुप्त अर्थ
✅ पाकिस्तान में आंतरिक विद्रोह: बलूचिस्तान और TTP का बढ़ता प्रभाव
👉 इस वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें और कमेंट करें – क्या आप भी मानते हैं कि पहलगाम हमला पाकिस्तान के लिए एक बड़ी रणनीतिक भूल साबित हो सकता है?
🔔 LIKE | SHARE | SUBSCRIBE अगर आपको ऐसी खोजी और रहस्यमयी कहानियाँ पसंद हैं! 🔥
00:00बाइस अप्रेल दो हजार पच्टीस को जम्मु कश्मीर के पहल गाम में एक दिल दहला देने वाला आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 से ज्यादा निर्दोश नागरिक मारे गए।
00:18इस हमले की जिम्मेदारी, The Resistance Front, नामक आतंकी संगठन ने ली, जो लशकरे तैबा से जुड़ा हुआ है।
00:27भारत सरकार ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा बताया है और इसके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है।
00:36विकिपीडिया के अनुसार, यह हमला 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत की नागरिक आबादी पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।
00:46बलूचिस्तान, पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांथ है, जो अफगानस्तान और इरान की सीमाओं से सटा हुआ है।
00:54यह क्षेत्र प्राकृतिक गैस, कोईला और खनिजों से भरपूर है, लेकिन स्थानिय बलूच जनजातिया दशकों से पाकिस्तान सरकार से खुद को उपेक्षित मानती रही है।
01:07विकिपीडिया के अनुसार, बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन सक्रिया हैं, जो स्वतंत्र बलूच राष्ट्र की मांग करते हैं।
01:17बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी यानी BLA एक प्रमुक अलगाववादी संगठन है, जो बलूच लोगों की स्वतंत्रता के लिए सशस्त्र संघर्ष कर रहा है।
01:27यह संगठन पाकिस्तान सेना, ग्वादर पोर्ट और चीनी निवेश के खिलाफ लगातार हमले कर रहा है।
01:36इंडिया टुडे की मार्च दो हजार पचीस की रिपोर्ट के अनुसार, BLA ने पिछले महीने पाकिस्तान के नौशकी और केच जिलों में सत्तावन हमलों की जिम्मेदारी ली थी।
01:48यदि बलूचिस्तान स्वतंत्र हो जाता है, तो भारत को पाकिस्तान से सीधा सैन्य टक्राफ करने की आवशक्ता नहीं रहेगी।
01:58बलूच और अन्य गुट पाकिस्तान को आंतरिक रूप से ही कमजोर कर सकते हैं।
02:03NDTV के अनुसार, भारत ने 2016 में भी बलूचिस्तान में मानवा धिकार हनन को सन्युक्त राष्ट्र में उठाया था और बलूच आंदोलन को नैतिक समर्थन देने के संकेत दिये थे।
02:16बलूचिस्तान की स्वतंत्रता अमेरिका को इरान और मध्य एशिया में निग्रानी और सैन्य कारवाई के लिए एक नया आधार दे सकती है।
02:40ग्वादर पोर्ट चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशियेटिव का एक एहम हिस्सा है।
02:46यह पोर्ट पाकिस्तान की दक्षन पश्चमी तट पर स्थित है और चीन को खाडी देशों से जोडता है।
02:53साउथ चाइना मौर्निंग पोस्ट के अनुसार बलूच अलगाव वादियों द्वारा ग्वादर में बार-बार किये गए हमले चीन की निवेश योजनाओं को बाधित कर रही है।
03:03चीन-पाकिस्तान एकोनॉमिक कॉरिडोर, CPEC, ग्वादर को चीन के शिंजियांग प्रांच से जोडता है।
03:12बलूचिस्तान में उठी आजादी की मांग इस पूरे प्रोजेक्ट को खत्रे में डाल सकती है।
03:18विकिपीडिया के अनुसार, CPEC में 60 अरब डॉलर से अधिक का चीनी निवेश है और इसकी असफलता चीन की आर्थिक रणनीती के लिए बड़ा जटका होगा।
03:30बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का अंतराश्ट्रिय समर्थन भारत और अमेरिका के लिए जरूरी होगा।
03:38लेकिन चीन, पाकिस्तान और उनके सहयोगी इसका कड़ा विरोध कर सकते हैं।
03:43AP News के अनुसार, सन्युक्त राश्ट्र ने भारत और पाकिस्तान दोनों से सन्यम बरतने की अपील की है और बलूच शेत्र को समवेधन शील अंतराश्ट्रिय मुद्दा माना है।
03:57पहलगाम हमले के बाद भारत की नौसेना ने पाकिस्तान की दक्षणी सीमा पर अपनी गतिविधिया तेज कर दी है।
04:18आमी, recognition.com के मुताबिक, पाकिस्तान की नौसेना के पास केवल दो ओपरेशनल पंडुब्बिया है और उनकी सर्फिस फ्लीट कमजोर है।
04:30इसका मतलब, अगर भारत सिर्फ नौसेना के जरिये प्रेशर बनाता है और जमीन पर बलूच लिब्रेशन आर्मी आगे बढ़ती है, तो भारत सीधे युद्ध में शामिल हुए बिना पाकिस्तान को गंभीर नुकसान पहुचा सकता है।
04:45इस प्रकार का फ्रॉक्सी प्रेशर पाकिस्तान की सैन्य रणनीती को बाधित कर सकता है और यह अंतराश्ट्रिय मंच पर भारत के खिलाफ कोई ठोज सबूत भी नहीं छोड़ता।
04:57अगर भारत दक्षन पाकिस्तान पर सीमित नौसैनिक दबाव बनाता है और बलूच विद्रोहियों को अप्रत्यक्ष समर्थन मिलता है, तो पाकिस्तान पर दोतर्फा दबाव बन सकता है, एक बाहरी सैन्य दबाव और दूसरा आंतरिक विद्रोह।
05:13The Diplomat के अनुसार बलूचिस्तान और TTP जैसे संगठन पहले से ही पाकिस्तान के खिलाफ सक्रिया है।
05:43The Diplomat के अनुसार बलूचिस्तान की सैन्य और राजनीतिक नीम को कमजोर कर सकता है।
05:47और अगर अमेरिका कूटनीतिक समर्थन देता है, जैसा की Foreign Policy और CSIS.org जैसी Think Tank Reports इशारा करती हैं, तो चीन की ग्वादर पोर्ट योजना को भी बड़ा जटका लग सकता है।
Be the first to comment