00:00नमस्ते, Beyond the Whale में आपका स्वागत है, जहां हम दुनिया को आकार देने वाले छिपे हुए सत्य को उजागर करते हैं।
00:30खास कर भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान हमारे साथ बने रहें क्योंकि हम समाचार लेखों, सरकारी रिपोर्टों और अन्यस रोतों के सबूतों के साथ इसकी पड़ताल करते हैं।
01:00भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद का आरोप लगाया, जबकि पाकिस्तान ने इनकार किया और अंतरराश्ट्रिय जांच की मांग की।
01:09इस घटना ने तनाव बढ़ा दिया है।
01:12भारत ने सिंधु जल संधी को निलंबित कर दिया और पाकिस्तान ने भारतिय एरलाइन्स के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया।
01:21चीन वैश्विक मीडिया पर कैसे प्रभाव डालता है।
01:25रिपोर्ट्स के अनुसार चीन अपनी वित्तिय ताकत का उप्योग नेरेटिव को आकार देने के लिए करता है।
01:332022 की फ्रीडम हाउस रिपोर्ट में बताया गया कि चाइना मीडिया ग्रूप जैसे चीनी राज्य मीडिया ने हिंदी, तमिल, बंगाली और उर्दू में अकाउंट्स बनाएं जिनके भारत में लाखों फॉलोर्ट्स हैं।
01:49उदाहरण के लिए उनके हिंदी फेस्बुक पेज के एक दशमलव एक करोड फॉलोर्ज हैं, जो BBC के बराबर है। ये प्लाटफॉर्म अक्सर चीन समर्थक नेरेटिव को बढ़ावा देते हैं।
02:022023 में News Click एक भारतिय समाचार पोर्टल विवादों में आया जब दिल्ली पुलीस ने दावा किया कि इसे चीनी फंडिंग मिली थी, जिसका उप्योग भारत में सरकार विरोधी नेरेटिव को बढ़ावा देने के लिए किया गया।
02:20New York Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, News Click को कथित तौर पर एक अमेरिकी व्यवसाई नेविल रॉय सिंगम के माध्यम से लाखों डॉलर मिले, जिनके चीनी सरकार से संबंध थे।
02:34यहाँ दर्शाता है कि चीन विदेशी मीडिया के माध्यम से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर सकता है।
03:04चीन भारत के दूर संचार और फार्मा क्षेत्रों पर हावी है, जिससे भारत की निर्भरता बढ़ती है।
03:11यह निर्भरता चीन को भारत की नीतियों को प्रभावित करने की शक्ती देती है।
03:18चीन ने भारत के शैक्षिक संस्थानों में भी निवेश किया है।
03:222021 Gateway House Study में पाया गया कि Confucius Institutes, जो चीनी संस्कृती को बढ़ावा देते हैं, भारत के कई विश्व विद्यालेओं में स्थापित किये गए थे.
03:35हाला कि 2020 में भारत ने सुरक्षा चिन्ताओं के कारण इन में से कई को बंद कर दिया.
03:41फिर भी, चीनी फंडिंग निजी संस्थानों और छात्र वृत्नियों के माध्यम से जारी है, जिससे युवा दिमागों पर प्रभाव पड़ सकता है.
03:53चीन पर भारत में आतंकवाद को वित्य सहायता देने का भी आरोप लगता रहा है.
03:582020 भारत सरकार की रिपोर्ट ने संकेद दिया कि चीनी फंड्स कुछ गैर लापकारी संगठनों के माध्यम से उत्तरपूर्वी भारत में उग्रवादी समुहों तक पहुँचे.
04:12हालांकी थो सबूत सीमित है.
04:15भारत पाकिस्तान तनाव के दौरान कुछ एक्स पोस्ट में दावा किया गया कि चीन ने पाकिस्तान के आतंकी समुहों को हत्यार और धन उपलब्द कराया लेकिन ये दावे सत्यापित नहीं है.
04:29चीन पर भारत में विपक्षी दलों को प्रभावित करने का भी आरोप है.
04:362024 में The Times of India ने एक खोजी लेक प्रकाशित किया, जिसमें दावा किया कि कुछ विपक्षी नेताओं ने चीनी फर्मों से अप्रत्यक्षफ फंडिंग प्राप्त की.
04:49हालां कि ये आरोप विवादास्पद हैं और विपक्ष ने इन्हें खारिज किया.
04:55भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान ऐसी अफवाहें बड़ी की चीन भारत में अस्थिर्ता पैदा करने के लिए विपक्ष का समर्थन करता है, लेकिन इसके पुखता सबूत नहीं है.
05:07उन्नीस सो पैसट और उन्नीस सो इकत्तर के भारत-पाकिस्तान युद्धो के दौरान चीन ने पाकिस्तान का समर्थन किया, जिसमें सैन्य और कूट नीतिक सहायता शामिल थी.
05:20हाल के तनावों में, जैसे की 2025 का पहलगाम हमला, चीन ने सन्युक्त राष्ट्र में पाकिस्तान का समर्थन किया, जैसा की रॉइटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया.
05:34यह दर्शाता है कि चीन भारत के खिलाफ क्षेत्रिय संतुलन बनाए रखने के लिए पाकिस्तान का उप्योग करता है.
05:42तो, क्या चीन वाकई वैश्विक नेरेटिव को नियंत्रित करता है?
05:47इसके मीडिया, व्यापार और शैक्षिक प्रभाव स्पष्ट हैं, लेकिन आतंकवाद और विपक्षी फंडिंग के आरोपों में ठोज सबूतों की कमी है.
05:57आप क्या सोचते हैं? क्या चीन भारत और विश्व में नेरेटिव को आकार दे रहा है?
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