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🔮 Budh Graha | बुध ग्रह का रहस्य | Vedic Astrology Series by Beyond The Veil
Explore the divine essence and astrological significance of Budh Graha (Mercury) through this cinematic documentary.
Discover how Mercury influences your intellect, communication, career, and karmic path through its strategic role in your Kundali.

🕉️ This video is a part of our Vedic Astrology Explained Series where we decode each planet (Graha) using authentic Jyotish Shastra and bring its story alive with ultra-realistic visuals and spiritually immersive narration.

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Transcript
00:00नमस्कार और स्वागत है आपका हमारे चैनल बियॉंड दवेल पर एक ऐसा मंच जहां हम वैदिक ज्यान को आधुनिक संदर्भ में सरल और सटीक रूप में प्रस्तुत करते हैं।
00:17आज का विशय है बुद्ग्रहर। कौन है बुद्ध? क्या है उनका जन्म रहस्या? और वैदिक जोतिश में उनका कितना गहरा असर है? इस पूरे वीडियो में हम इन सभी पहलूओं को विस्तार से जानेंगे. अंत तक जरूर जुडियेगा और हाँ, किसी भी निजी कुंड
00:47वैदिक शास्त्रों के अनुसार बुद्ध ग्रह का जन्म चंद्रमा और तारा नामक अपसरा के सन्योग से हुआ था. ब्रहमांड पुराण और विश्नो पुराण में इसका स्पष्ट वर्णन है. कहा जाता है कि चंद्रमा ने तारा को बलपूर्वक अपने साथ रखा, �
01:17वैदिक जोतिश में बुधिक, तामरवर्ण, त्रिकुन द्रिष्टी रखने वाला ग्रह माना गया है. यह बुध्धी, समवाद, विशलेशन, लेखन, शिक्षा और व्यापार का प्रतीक है. लगन, पंचम और दशम भाव में स्थित बुध, विशेश फलदायक होता है.
01:47गणितग्य बना देता है. बुध शरीर में तवचा, तंत्रिका तंत्र, जीब, गला और कंधो को प्रभावित करता है. कमजोर या अशुप बुध होने पर व्यक्ति को बोलने में कठिनाई, तवचा रोग, मानसिक तनाव, अनिद्रा और सिरदर जैसी समस्याएं हो सकती ह
02:17जब व्यक्ति जन्म लेता है और उस समय पूर्व दिशा में जो राशी उदित होती है, वहीं उसका लगन कहलाता है. बुध जिस राशी में हो, वह व्यक्ति की वानी, सोच और दैनिक निर्णयों को नियंत्रित करता है. उदाहरन के लिए यदि बुध कन्या राशी में हो
02:47पंचांग और राशी स्थिती इसका निर्धारन करते हैं. बुध, मिथुन और कन्या इन दो राशियों का स्वामी होता है. वहीं नक्षत्रों में अशलेशा, जेश्ठा और रेवती से इसका संबंध माना गया है. इन राशियों और नक्षत्रों में बुध की स्थिती व्
03:17व्यापार में सफलता प्राप्त करता है. बुध, वानी, बुध्धी और व्यापार का ग्रह है. इसलिए बैंकिंग, मार्केटिंग, अकाउंटिंग, आईटी और पत्रकारिता में इसका गहरा प्रभाव है. शुप बुध, विवाह में समझदारी और समवात क्षमता लात
03:47या पढ़ाई के कारण यात्रा संभव होती है. कालपुरुष सिध्धान्त के अनुसार दशम और द्वादश भाव पर बुध की द्रिष्टी, विदेश के संकेत देती है. जब बुध उच्चराशी कन्या में हो, या शुप ग्रहों जैसे गुरू या शुक्र के साथ य�
04:17संचार और समझदारी से जुडे क्षेत्र में तेजी से उन्नती होती है. यदी बुध नीच राशी मीन में हो, पाप ग्रहों जैसे राहु केतू या शनी से ग्रसित हो, तो भ्रम, जूट, धोका, वानी दोश और गलत निरनय के योग बनते हैं. व्रिशब लगन में द्व
04:47शुप दशा में व्यक्ति को व्यवसाइक असफलता, मानसिक अशान्ती और पारिवारिक विग्दन का सामना करना पड़ता है. बुध को प्रसन करने के लिए बुधवार के दिन हरी मून का दान करें, गणपती की उपासना करें और ओम ब्रान, ब्रीं, ब्रॉं, सह, बु�
05:17मित्रों, आशा है आपको यह विडियो ग्यानवर्धक लगा। कृपिया इसे लाइक करें, शेर करें और हमारे चैनल बियोंड दी वेल को सब्सक्राइब करना न भूलें। यदि आप अपनी व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर बुध या अन्य ग्रहों के प्रभाव को स
05:47धन्यवाद
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