00:03लेकिन स्नेहा भाभी ने उसे फिर से धीरे से हिला कर उठाया
00:08और बोली नहीं, पांच मिनिट नहीं, बस जल्दी करो अरजुन
00:12नमस्ते दोस्तों आपका स्वागत है
00:16रोहन नाम का एक लड़का अपने बड़े भाई और भाभी के साथ मुंबई में रहता था
00:22रोहन की उम्र करीब 25 साल थी
00:25उसकी भाभी की छोटी बहन जिसका नाम काजल था वो भी उनके साथ ही रहती थी
00:31काजल अपने पढ़ाईं के लिए अपनी बहन और जीजा के घर में रह रही थी
00:36उसकी उम्र करीब 20 साल थी और वह दिखने में बेहत खुबसूरत थी
00:42काजल की गोरी रंगत घने काले बाल और उसकी जवान काया उसे और भी आकरशक बना देते थे
00:49इसी माहौल में रोहन काजल की खुबसूरती और जवानी देखकर दीवाना होने लगता है
00:56रोहन के भाई अरजुन की शादी गाव में हुई थी और उसकी पत्मी बहुत पढ़ी लिखी और खुबसूरत थी
01:02उसका नाम सनेहा था
01:05अर्जुन मुंबई में खुद का बिजनिस करता था जिसके कारण उसकी पत्मी भी उसके साथ वही रहने लगी
01:12अर्जुन ने काम के सिलसले में रोहन को भी अपने पास बुला लिया था
01:16काजल मुंबई आकर अपनी ग्रेजुएशन कर रही थी
01:20अर्जुन और स्नेहा अपने कमरे में सोते थे और काजल रोहन के कमरे में एक अलग बिस्तर पर सोती थी
01:28जब अर्जुन बाहर होता था तो काजल अपनी बहन स्नेहा के साथ सोती थी
01:33इस परिवार में चार ही लोग रहते थे और उनमें बहुत हंसीम जाग भी चलता रहता था
01:39रोहन के मन में कभी भी काजल के प्रती कोई गलत भावना नहीं थी सभी बहुत मिलनसार थे
01:46एक दिन सुभा सुभा सुभा सुनेहा सुनेहा धीरे धीरे रोहन के कमरे में आई और उसे जगाने की कोशिश करने लगी
01:53रोहन उस समय गहरी नींद में था
01:56सुनेहा ने कहा रोहन उठो
01:59आज तुम्हें कुछ जरूरी काम के लिए अर्जुन भाया के साथ बाहर जाना है
02:04रोहन आलस भरेस्वर में बोला हाँ भाभी बस पांच मिनिट और
02:09लेकिन स्नेहा ने उसे फिर से धीरे से हिला कर उठाया नहीं पांच मिनिट नहीं
02:15जल्दी करो अर्जुन तयार हो रहा है
02:18रोहन आखिरकार उठ गया और जल्दी जल्दी तयार होने लगा
02:23कमरे से निकलते समय उसने काजल को देखा जो अभी भी सो रही थी
02:28उसके चहरे पर एक मासूमियत थी जिसने रोहन के दिल में एक अलग सी भावना पैदा कर दी
02:35लेकिन उसने उसे नजर अंदाज करने की कोशिश की और बाहर चला गया
02:39दिन भर अर्जुन और रोहन बिजनेस के काम में व्यस्त रहे
02:43जब वे शाम को वापस लोटे तो घर में सामान्य हंसीम जाक का सनेहा और काजल खाना बना रही थी
02:50और अर्जुन अपने काम की बाते रोहन से साजा कर रहा था
02:54रात का खाना खाकर सभी अपने अपने कमरों में चले गए
02:58रोहन बिस्तर पर लेट कर सोचने लगा कि काजल की तरफ उसकी बढ़ती दिलचस्पी सही नहीं है
03:05उसने खुद को समझाने की कोशिश की कि यह सिर्फ एक आकरशन है
03:10लेकिन उसका मन उसे बार-बार काजल की तरफ खीच रहा था
03:14कुछ दिनों बाद एक दिन शाम को अर्जुन को बिजनेस के काम से बाहर जाना पड़ा
03:19और वह दो-तीन दिन तक घर नहीं आने वाला था
03:22सनेहा भी अपनी किसी पुरानी सहेली के घर गई थी
03:26तो घर में सिर्फ रोहन और काजल ही रह गए थे
03:29उस रात रोहन अपने कमरे में किताब पढ़ने की कोशिश कर रहा था
03:34लेकिन उसका ध्यान बार-बार काजल पर जा रहा था जो दूसरे कमरे में थी
03:38थोड़ी देर बाद काजल चाय लेकर रोहन के कमरे में आई और बोली रोहन भया ये लो चाय
03:45रोहन ने उसकी तरफ मुस्कराते हुए देखा और चाय ली
03:49काजल की आखों में एक चमक थी लेकिन दोनों के बीच एक अग्रिश्य दीवार भी थी जिसे कोई तोड़ने की हिम्मत नहीं कर रहा था
03:58रोहन ने खुद पर काबू रखते हुए कहा थैंक्यू काजल
04:02तुम भी आराम कर लू
04:04काजल मुस्कराई और वापस चली गई
04:08लेकिन उस रात रोहन देड़ तक सो नहीं पाया
04:11उसे बार-बार काजल की मासूमियत और उसकी सुन्दरता याद आती रही
04:17अगले दिन जब स्नेहा और अरजुन दोनों घर पर नहीं थे तो घर का माहौल कुछ अजीब सा लग रहा था
04:24रोहन ने खुद को सामान्य रखने की कोशिश की लेकिन उसके दिल में कहीं न कहीं एक बेचे नी थी
04:30काजल भी कुछ अलग महसूस कर रही थी लेकिन उसने इसे अन्देखा कर दिया
04:36रात के समय काजल फिर से रोहन के कमरे में आई
04:40दोनों ने कुछ देर इधर उधर की बाते की
04:43बातों बातों में रोहन ने काजल से पूछा तुम्हें कभी ऐसा लगता है
04:49कि हमारे बीच कुछ बदल रहा है काजल थोड़ा चौकी फिर धीमे स्वर में बोली शायद पर मुझे नहीं पता ये सही है या नहीं
04:56रोहन ने उसकी आंखों में देखा और कहा शायद ये सिर्फ हमारा मन है जो हमें गलत दिशा में ले जा रहा है
05:04हमें इस भावना पर काबू पाना चाहिए
05:07काजल ने सहमती में सिरहिलाया और कहा हा शायद आप सही कह रही है
05:12हमें अपने रिष्टे को ऐसे ही पवित्र रखना चाहिए
05:17उसके बाद दोनों ने एक दूसरे को समझा और फिर अपनी अपनी जगा पर सो गए
05:22उस रात के बाद रोहन और काजल के बीच की भावनाएं भले ही कुछ समय के लिए जगी थी
05:29लेकिन उन्होंने मिलकर सही फैसला लिया और अपने रिष्टे को सुरक्षित रखा
05:34अर्जुन और स्नेहा के लोटने के बाद घर का माहौल फिर से सामान्य हो गया
05:39रोहन और काजल के बीच का रिष्टा फिर से वही साधगी और मासुमियत से भरा हुआ था जैसा पहले था
05:47कुछ समय बीट गया और रोहन और काजल के बीच का रिष्टा पहले से भी ज्यादा सशक और समझदार हो गया था
05:54दोनों ने एक दूसरे के प्रती अपनी भावनाओं को समझते हुए खुद को एक सीमित दाइरे में रखा
06:01दोनों के बीच अब वही भाई भैन जैसा सनेह था जिसमें किसी तरह की कोई उल्जन या संकोच नहीं था
06:09अरजुन और सनेहा को इस बात की भनक तक नहीं थी कि रोहन और काजल के बीच कभी ऐसी कोई भावना आई थी क्योंकि अब दोनों बहुत ही सहज और मिलनसार तरीके से एक दूसरे से पेश आते थे
06:22काजल अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने लगी और रोहन ने अपने काम और भविशे की और पूरी तरह ध्यान केंद्रित किया
06:30कुछ महीनों के बाद काजल की पढ़ाई पूरी हो गई
06:33उसने एक अच्छे कॉलेज से डिग्री हासल की और उसे नौकरी के कई अच्छे ओफर भी मिलने लगे
06:41स्नेहा और अरजुन भी काजल की उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहे थे
06:46एक दिन अरजुन ने सुझाव दिया कि काजल अब अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकती है
06:51और चाहे तो बाहर जाकर भी काम कर सकती है
06:54इस बीच रोहन के लिए भी एक नया मोड आया
06:58उसके माता पिता ने उसकी शादी की बात शुरू कर दी
07:02अरजुन और स्नेहा ने भी रोहन से कहा कि अब उसके लिए सही समय है कि वहाँ अपना घर बसाए
07:09रोहन ने थोड़ी देर सोचा और फिर अपने माता-पिता और भाई-भाभी की राय से सहमत हो गया
07:16कुछ महीनों बाद रोहन की शादी तै हो गई
07:19उसकी दुलहन प्रिया एक सुलजी हुई और समझदार लड़की थी
07:24जब रोहन की शादी की तारीख नजदीक आई तो घर में उत्सव का माहौल बन गया
07:30काजल भी इस खुशी में शामिल थी और वह रोहन के लिए बहुत खुश थी
07:35शादी के दिन काजल ने रोहन से कहां भीया मुझे खुशी है कि आप अपनी नई जिन्दगी शुरू कर रहे हो
07:43आपने हमेशा मुझे एक सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया है
07:48रोहन ने मुस्कराते हुए कहां काजल तुम हमेशा मेरी छोटी बहन रहोगी
08:05रोहन और प्रिया की शादी धूमधाम से हुई और पूरा परिवार एक बार फिर खुशियों से भर गया
08:12काजल भी कुछ समय बाद एक बड़ी कंपनी में नौकरी करने लगी और अपनी जिन्दगी में आगे बढ़ गई
08:19समय के साथ रोहन और काजल दोनों अपने अपने जीवन में सफल और संतुलित हो गए
08:25उनके बीच का रिष्टा हमेशा सम्मान और स्नेह से भरा रहा और उन्होंने अपनी भावनाओं को सही दिशा में मोडते हुए जीवन में सही फैसले लिए
08:35इस तरह वे सभी खुशाल जीवन जीने लगे जहां रिष्टों की पवित्रता और समझदारी ने उन्हें सही रास्ता दिखाया
08:43कुछ वर्षों के बाद रोहन और प्रिया के घर में खुशियों की एक और नई लहर आई जब उनका पहला बच्चा हुआ
08:50परिवार में इस नए सदस्य का स्वागत बड़े उच्सा और प्यार के साथ हुआ
08:55अरजुन सनेहा और काजल भी इस खुशी में शामिल थे और घर का माहौल फिर से जीवन तो उठा
09:02काजल इस दौरान अपने करियर में बहुत तरक्की कर चुकी थी
09:07वह एक सफल प्रोफेशन बन गई थी और अपने काम से परिवार को गर्व महसूस करवा रही थी
09:14हाला कि उसकी नीजी जिन्दगी में अब एक और बदलाव आने वाला था
09:19उसके लिए भी कई रिष्टे आने लगे और स्नेहा ने उसे शादी के लिए तयार होने का सुझाव दिया
09:26काजल ने शुरू में थोड़ा हिचकिचाया क्योंकि वह अपने करियर पर पूरी तरह ध्यान देना चाहती थी
09:32लेकिन जब उसे एक ऐसा रिष्टा मिला जिसमें उसकी सोच मूल्य और जीवन के प्रती द्रिष्टिकोण मेल खाते थे तो उसने भी शादी के लिए हां कर दी
09:43उसके लिए एक समझदार और शान्स्वभावाला लड़का विक्रम चुना गया जो खुद भी एक सफल प्रोफेशन था
09:51काजल और विक्रम की शादी भी धूमधाम से हुई और यहां एक ऐसा अवसर था जब पूरा परिवार एक बार फिर एक जुट हुआ
09:59रोहन प्रिया और उनका बच्चा भी इस खुशी में शामिल थे
10:04काजल के दिल में एक सुकून था कि उसने अपने जीवन के हर मोड पर सही फैसले लिए और अब वह एक नई शुरुआत के लिए तयार थी
10:12शादी के बाद काजल और विक्रम अपने नए जीवन में यस्थ हो गए लेकिन परिवार के साथ उनका संबंध हमेशा गहरा और स्नेहपूर्ण बना रहा
10:23रोहन और काजल के बीच का रिष्टा भी हमेशा मजबूत और विशेश रहा
10:28दोनों ने अपनी पुरानी भावनाओं को पीछे छोड़ कर एक दूसरे के प्रती सचा स्नेह और समान बनाये रखा
10:36वक्त बीता गया और दोनों परिवारों ने अपनी अपनी जिन्दगी में संतुलन और खुशी पाली
10:41अर्जुन और स्नेहा ने अपने बच्चों को बढ़ते हुए देखा और वे भी अपने जीवन के इस नए अध्याय को पूरे दिल से जीने लगे
10:50इस तरह जीवन ने उन सभी को अनेक मोड और चुनोतियों के बावजूत सही दिशा दिखाई और उन्होंने अपने रिष्टों में सम्मान प्रेम और समझदारी को हमेशा प्रात्मिक्ता दी
11:02समय अपनी गती से चलता रहा और रोहन प्रिया काजल और विक्रम ने अपने जीवन में नए आयाम स्थापित किये
11:10रोहन और प्रिया का बच्चा अब बड़ा हो रहा था और वह परिवार का चहेता बन चुका था
11:16अर्जुन और स्नेहा भी अब अपने जीवन के नए चरण में प्रवेश कर चुके थे जहां उन्होंने अपने काम से थोड़ा विराम लिया और अपने बच्चों और घर परिवार पर ध्यान देना शुरू किया
11:27काजल और विक्रम ने भी शादी के कुछ साल बाद अपने करियर में बड़ी उपलब्धिया हासिल की
11:34उनके जीवन में भी जल्द ही एक और खुशी आई जब काजल ने अपने पहले बच्चे को जन दिया
11:40यहाँ खबर पूरे परिवार के लिए बेहत खास थी क्योंकि अब दोनों भाईभेन रोहन और काजल अपने अपने परिवारों के साथ एक नई पीड़ी की परवरिश कर रहे थे
11:50विक्रम और काजल अपने बच्चे की परवरिश में बहुत ध्यान देने लगे
11:55वे चाहते थे कि उनका बच्चा भी उसी साथगी संस्कार और मूल्य के साथ बड़ा हो जैसा कि काजल ने अपने परिवार में देखा था
12:04दूसरी और रोहन और प्रिया भी अपने बच्चे की परवरिश को लेकर उतने ही जिम्मेदार थे
12:10दोनों परिवार अब एक दूसरे के साथ और भी गहरे जोड़ गए थे क्योंकि बच्चों ने उनकी जिन्दगी में एक नया और गहरा रिष्टा जोड़ दिया था
12:20एक दिन जब पूरा परिवार अरजुन और स्नेहा के घर पर इकठा हुआ था तो स्नेहा ने हनसीम जाक के बीच कहां देखो कैसे वक्त बदल गया है
12:30पहले हम सब यहां अकेले थे और अब हमारे बच्चे हमारे साथ हैं
12:34परिवार बढ़ता जा रहा है और हम सब इतने खुश हैं
12:39अरजुन ने मुस्कुराते हुए कहां हां वक्त वाकई बदल गया है
12:43लेकिन हमारे रिष्टों की मजबूती और समझदारी ने हमें यहां तक पहुँचाया है
12:48रोहन और काजल ने एक दूसरे की ओर देखा और उन दिनों को याद किया जब उनके जीवन में भावनाओं का तूफान था
12:56अब उन भावनाओं की जगह परिपकवता और एक समझदारी भरा रिष्टा आ गया था
13:01दोनों ने महसूस किया कि जीवन में रिष्टों का महत्व केवल भावनाओं पर नहीं
13:07बलकि समझदारी परिपकवता और सचे सम्मान पर आधारित होता है
13:12कुछ समय बाद रोहन और काजल ने अपने बच्चों के साथ मिलकर अर्जुन और स्नेहा के लिए एक खास दिन मनाने का प्लान किया
13:20उन्होंने अपने माता-पिता की शादी की सालगिरा को बड़े ही धूमधाम से मनाया
13:26यह एक ऐसा मौका था जब पूरा परिवार एक जुठ हुआ और उन सभी ने एक दूसरे के प्रती अपनी भावनाओं और समर्पन को महसूस किया
13:35उस खास दिन पर अर्जुन ने एक बात कही जो सब के दिल को छुगई परिवार का मतलब सिर्फ साथ रहना नहीं है
13:42बलकि एक दूसरे के साथ हर खुशी और गम को साजा करना एक दूसरे की भावनाओं को समझना और सम्मान देना है
13:50यही वो रिष्टा है जिसने हमें हमेशा एक साथ बांदे रखा है
13:55इस परिवार ने जीवन के हर उतार्च धाव को एक साथ पार किया और अब वे एक जुट होकर अपने भविश्य को देख रहे थे
14:03रोहन और काजल ने सीखा की रिष्टों में सबसे महत्वपूर्ण होता है विश्वा सम्मान और एक दूसरे के प्रती सही भावना बनाए रखना
14:12आखिरकार उनका जीवन आगे बढ़ता गया लेकिन उनके रिष्टों में हमेशा एक सचाई समझदारी और प्रेम बना रहा
14:21परिवार के सदस्य एक दूसरे के साथ हर अच्छे बुरे समय में खड़े रहे और इस तरह उनका जीवन सचे रिष्टों की नीव पर मजबूत और खुशाल रहा
14:31समय के साथ परिवार और अधिक सम्रिद और खुशाल होता गया
14:36रोहन और काजल के बच्चे बड़े हो रहे थे और घर में हर दिन उनकी हंसी खुशी गूंजती थी
14:42अर्जुन और स्नेहा अब अपने बच्चों और पोते-पोतियों के साथ समय बिताने का आनन ले रहे थे
14:49वे अक्सर अपने पुराने दिनों की बाते करते और हंस्ते जब रोहन और काजल खुद बच्चे थे
14:56एक दिन जब पूरा परिवार एकत्रित थास नेहा ने एक बहुत महत्वपूर्ण बात सब के सामने रखी
15:02उसने कहा अब जब की हम सब एक दूसरे के साथ खुशाल है यह बहुत ज़रूरी है कि हम अपने बच्चों को वो मूल्य दे जो हमने अपनी जिन्दगी में सीखे हैं
15:13वे भले ही नई दुन्या में बड़े हो रहे हों लेकिन हमारे रिष्टों की नीम सदा समझदारी सम्मान और प्रेम पर ही तिकी रही है
15:22रोहन ने इस पर हामी भड़ते हुए कहा बिलकुल भाभी हम जिन रिष्टों को जी रहे हैं वे आज की दुन्या में दुरलब हैं
15:43कि हम सभी ने अपने जीवन में संघर्ष किये हैं
15:46और उन संघर्षों ने ही हमें मजबूत बनाया है
15:49अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों को भी सिखाएं की रिष्टों में
15:54धैर्य और समझदारी का क्या महत्व है
15:57समय बीटता रहा और बच्चों ने भी अपने पड़िवार के मूलियों को आत्मसाथ किया
16:03उन्होंने अपने माता-पिता से सीखा कि कैसे जीवन की हर परिस्थिती में रिष्टों की एहमियत को बनाए रखा जाए
16:11रोहन और काजल ने महसूस किया कि उन्होंने अपने जीवन में जो सबसे बड़ा उपहार पाया था वह उनके बीच का मजबूत और पवित्र रिष्टा था जिसे उन्होंने सही समय पर समझदारी से संभाला
16:24सालों बाद जब अर्जुन और स्नेहा ने अपने जीवन का अंतिम चरण शुरू किया तो परिवार में एक सक्ची संतुष्टी थी
16:32दोनों ने अपनी पूरी जिन्दगी परिवार को समर्पित कर दी और अब वे अपने बच्चों और पोते-पोतियों को देख रहे थे जो उनी मूलियों पर आगे बढ़ रहे थे
16:42अरजुन ने एक दिन रोहन और काजल से कहा हमने जीवन में बहुत कुछ देखा बहुत कुछ सहा लेकिन सबसे बड़ी खुशी हमें इस बात की है कि हमने अपने परिवार को सशक्ट और एक जुट रखा
16:54अब यह जिम्मेदारी तुम सब की है कि इसे आगे बढ़ाओ
16:59काजल ने भावुख होकर कहा भया जो कुछ भी हम आज है वह आप और भाभी की शिक्षा और समर्थन की वज़ा से है
17:07आपने हमें दिखाया कि जीवन में रिष्टों की असली कीमत क्या होती है
17:12अर्जुन और स्नेहा ने संतुष्टी भरी मुस्कान के साथ एक दूसरे की ओड देखा
17:18उनके पास अब न केवल एक खुशाल परिवार था बलकि वे यह भी जानते थे कि उनका जीवन सफल था क्योंकि उन्होंने अपने बच्चों को सही दिशा दिखाई
17:28वर्षों के संघर्ष प्यार और समझदारी से भरा यह सफर अब एक स्थिर और सुखक घविश्य की और अग्रसर था
17:36परिवार की अगली पीडी ने भी उनी मूलियों को अपने जीवन में धाल लिया और रोहन और काजल ने अपनी भूमिका को जिम्मिदारी से निभाते हुए अपने बच्चों को सही राह दिखाई
17:47इस तरह जीवन का यह चक्र चलता रहा और यह परिवार एक आदर्श उदाहरन बन गया की रिष्टों में विश्वास प्रेम और समझदारी कैसे सब को जोड़ कर रखती है
Be the first to comment