बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर पीएम मोदी ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. X पर एक लेख में पीएम मोदी ने लिखा, "चाहे वह बंटवारे के डर का सामना करना हो और नए सिरे से जिंदगी को फिर से बनाना हो, जनसंघ को मजबूत करना और भाजपा को बनाना हो, इमरजेंसी के दौरान डेमोक्रेसी के लिए खड़े होना हो, सोमनाथ से अयोध्या रथ यात्रा को लीड करना हो या सरकार में देश की सेवा करना हो. मैंने आडवाणी जी के दूसरे पहलुओं के बारे में भी लिखा है - एक बहुत ज़्यादा पढ़ने वाले, कल्चर और सिनेमा के लिए उनका प्यार, एक बहुत ज़्यादा लिखने वाले और भी बहुत कुछ." अपने लेख में पीएम मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी के योगदान और सफर को याद किया. उन्होंने कहा, GFX IN ये कितना सुखद संयोग है कि आज ही दीपावली का पावन पर्व भी है. प्रभु श्रीराम और दीपों के इस उत्सव के साथ आडवाणी जी के जीवन का इतना महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ना, इस अवसर को और भी यादगार बनाता है. इसी साल बीजेपी ने जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष, RSS के 100 वर्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मना रही है.लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को देव दीपावली के दिन हुआ था. 1947 में, जब वे युवा थे, तब उनको विभाजन की पीड़ा सहनी पड़ी. सिंध में अपना घर-बार छोड़कर उन्हें भारत आना पड़ा. शून्य से शुरुआत करनी पड़ी. लेकिन इस कठिन अनुभव को लेकर उनके मन में कभी कोई कड़वाहट या पछतावा नहीं रहा.उनका जुझारूपन जनसंघ को मजबूत बनाने और बाद में भाजपा के निर्माण में भी काम आया. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल में देश की राजनीति ने बड़े बदलाव देखे गए. 1989 में कांग्रेस की सीटें 400 से घटकर 200 से भी नीचे आ गईं. वहीं 1996 में बीजेपी पहली बार देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई. उन्होंने कार्यकर्ताओं की कई पीढ़ियों को तैयार किया. उन्होंने नेशन फर्स्ट के सिद्धांत पर पार्टी की मजबूत नींव रखी.