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  • 7 minutes ago
ओडिशा के भुवनेश्वर की रहने वाली सिली बेहरा की कहानी संघर्ष और हौसले की एक मिसाल है। बचपन की गरीबी और कम उम्र में शादी की मुश्किलों के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए खुद अपनी जिंदगी की कमान संभाली। आज वह Blinkit में डिलीवरी वर्कर के रूप में काम करती हैं, बच्चों को स्कूल भेजने के बाद रोजाना करीब 30 ऑर्डर डिलीवर कर लगभग 1500 रुपये कमाती हैं। सिली यहीं नहीं रुकना चाहतीं, बल्कि बचत और लोन की मदद से कार खरीदकर ओला-उबर में ड्राइवर के तौर पर काम करने का सपना देखती हैं। उनकी यह कहानी साबित करती है कि महिलाओं को सहारे की नहीं, बल्कि सिर्फ एक सही अवसर की जरूरत होती है।

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00:27।
00:29हम बात कर रहे हैं ओडिशा के भोवनेश्वर की सिली बहरा की जो ब्लिंकिट के लिए डिलिवरी वरकर के तौर
00:36पर काम करती है।
01:10हम बारा साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था।
01:56हम सवारने का मौका लगा।
01:59रुक जाने का नहीं है।
02:00वो अपनी बचत और लोन की मदद से कार खरीदना चाहती है।
02:05उनका इरादा उबर या ओला के साथ ड्राइवर के तौर पर काम शुरू करने का है।
02:10ताकि कामाई बढ़ सके और बच्चों को बहतर सिक्षा मिल सके।
02:14सिली की कहानी एक संदेश देती है।
02:17महिलाओं को सिर्फ सहारे की नहीं अवसर की जरूरत होती है।
02:21क्योंकि जब होसला मजबूत हो तो रास्ते खुद बनने लगते हैं।
02:25उडिशा की भुवनेश्वर से बिकाश कुमार दास की रिपोर्ट।

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