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पूरा वीडियो: सही दीवाली मनानी है? || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2020)
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वीडियो जानकारी: 12.11.2020, बातचीत, राम झूला, ऋषिकेश

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Transcript
00:00गीता में कृष्ण कहते हैं मैं शस्त्रधारियों में श्री राम हूं कुछ बात होगी ना इतने शस्त्रधारी हुए हैं तो
00:07राम में ऐसा क्या है जो कृष्ण राम को ही चुन करके कह रहे हैं कि मैं कौन हूं मैं
00:13शस्त्रधारियों में श्री राम हूं कुछ बात तो होगी ना
00:17कि कबीर जैसा संत बार-बार कहता है कि राम राम और राम कि Bun
00:27कोई वजह होगी ना उस वजह को समझना होगा कोई तो होगी ना कि
00:35राम के संपर्क में आने पर वालमि का सब कुछ बदल गया तुलसी दासलिष मदल गया
00:44कुछ तो खोगी बात में वह बात क्या है वह समझना पड़ेगी शृराम के चरित्रमे व्रत्त में क्या विशेस वह
00:52जानना होगा यहीं डिवाली का सार्थक अर्थ
00:57शृराम को जानो और उनके जीवन से जो कुँछ भी सीख सकते हो अपने जीवन में उतारो और आज के
01:05समय में तो बहुत जरूरी है कि राम से कुछ सीखा जाए मर्यादा पुरुष्टम कहलाते हैं मर्यादा का मतलब जानते
01:18हो क्या होता है मर्यादा का मतलब होता है अहंकार अपनी सीमा में अपनी आउकात में रहे इसको कहते हैं
01:23मर्यादा अपनी सीमा का उलंगन मत करो इसको कहत
01:27मर्यादा वह सीमा तुम्हें समाज ने नहीं दिये वह सीमा तुम्हारे बोध ने दिये तुम समझ गए हो कि मैं
01:35अहम भर हूं और मुझे अपनी सीमा में रहना अपनी सीमा से आगे जाओंगा तो ध्रिश्टता होगी अब राम तो
01:45महापुरुष हैं उसके बाद भी वह मर्या
01:55मिन रहने का मैं सब सीमाएं तोड़ सकता हूं मेरे लिए कोई वर्जनाएं नहीं एक उतना बड़ा व्यक्ति मर्यादाओं का
02:01पालन करता जा रहा है और आज कौन से हमें सुरखाब के पर लग गए कौन से हमें हीरे मोती
02:07जड़ गए हैं कि हम कोई सीमा ही नहीं मानते हम इतन
02:24बहुत जरूरत है क्योंकि आज हमें मर्यादा की बहुत जरूरत है

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