00:00अरे बस मैं ही लगी रहूं दिन भर किसी को कुछ दिखाई नहीं देता
00:30जनजीर्य तोड़े बिना शांत मत हो जाना यह जो हमने एक स्टीडियो टाइप भी बना रखा न तोकेटे फीमेल कि
00:41महिलाए बोलती जाता है वो इसलिए जाता बोलती है क्योंकि बोलने के लाव उनके पास कुछ है नहीं तो उनके
00:48जितनी कुंठा है उनके भीदर जितना आक
00:59परोश व्यक्त किया जाए और अपना स्थान हासिल किया जाए अजय अजय को एक है