00:00जितनी भी अभी अभिवाहित लड़कियां बैठी है ठीक है मैं कोई नहीं बोल रहा हम इन में पोल करा लेते
00:06हैं तो आपकी भावी सास का कहना है कि दहेज नहीं लेंगी बेटी की तरह रखेंगी आप जॉब करने जाएंगी
00:16तो आपसे घर का कोई काम नहीं कराएंगी क्यों
00:29दुष्मन दिखाई देती है तो उस दुष्मन के घर उसको काई भेज रही है क्योंकि बुगा वो दुष्मन पहले ही
00:37बन चुकी है
00:47मैं मासूम हूँ मैं निर्दोश हूँ मेरा इस पूरी चीज में कोई हाथ नहीं है और गुरुजी ने शादी नहीं
00:54कि नेरे उपर इल्जाम नहीं आना चाहिए
01:04यह बात बताने वाला ना मैं कोई हूँ ना आप कोई है ना भगवान कोई है इसका फैसला उखुद करेगी
01:14बस बात खतम
01:22यह बुबा पती जी मतलो एक टॉपिक ऐसा चेड़ गया कि आप बीच में फजगे हैं देखिए अगर मुझे यह
01:31काले रंकी शर्ट पसंद थी तो मैंने पहनी आपको तो नहीं पहना दी तो माबापको शादी गरना पसंद है तो
01:45जिन चीजों से मेरा कोई लेना देना नहीं मैं वहां फसा हुआ हूँ
01:52लेकिन फिर कह रहा हूँ सुनिये एकदम जीवन जानने वालों ने हमें सिखाया हमारे ही बड़े बुज़र्गों ने सिखाया हमारी
02:02ही उची परमपरा का ज्यान है कि जीवन है मुक्ति के लिए और बोध के लिए ठीक है यह बात
02:10वो बोल गए और यह बात लड़की लड़
02:11के सब पर लागू होती है तो मैं विवाह के ना पक्ष में हूँ ना विरोध में हूँ मैं तो
02:19इतना ही कह रहा हूँ आपको लगता है कि विवाह से मुक्ते और बोध और निकट आ जाते हैं तो
02:26कल नहीं आज विवाह कर लीजिए बस जो कुछ भी आपको मुक्ति की ओर ले �
02:32जाता हो, उसको कल नहीं आज कर लीजिए, आपको फैसला करना है, पर हमारे ही ग्यानियों ने हमें साफ बता
02:39दिया कि जिन्दगी तुम्हें और किसी उद्देश्य के लिए नहीं मिली है, देखो परम उद्देश्य तो यही है, मुक्ति और
02:46बोध, वो अगर विवाह से मिल र