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  • 2 days ago
Reports suggest that Donald Trump may order the deployment of the Massive Ordnance Air Blast (MOAB) against Iran to secure a domestic political victory. Often called the "Mother of All Bombs," this conventional explosive is exceptionally destructive but structurally incapable of damaging deeply buried mountain tunnel systems. Because the device is an air-burst weapon that detonates before impact, it is ineffective against hardened underground nuclear infrastructure like Iran's Natanz facilities. Furthermore, deploying this massive cargo-plane-borne munition presents significant military risks, as slow-moving transport aircraft would be vulnerable to Iranian anti-air defenses. Ultimately, while the explosion would create a spectacular visual display for American voters, military experts emphasize that the strike would offer zero strategic value and fail to achieve any lasting tactical objectives.

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Transcript
00:28इस एक्स्ट्रीनर में स्वागत है।
00:58आईए, शुरू करते हैं।
01:01इस एनेन की रिपोर्ट और इस कथित योजना के बारे में आखिर क्या कहा जा रहा है, इसे समझते हैं।
01:06अंतराश्ट्री मीडिया में जो रिपोर्ट्स आई हैं, उनके अनुसार एक योजना पर काफी चर्चा हो रही है।
01:11कहा जा रहा है कि अमेरिका अपनी ताकत दिखाने और एक नर्नायक राजनीती जीत हासिल करने के लिए एरान पर
01:17अपना सबसे बड़ा पारम पर एक बम यानि
01:19Mother of All Bombs गिरा सकता है। सुनने में ये किसी Hollywood फिल्म के सींज जैसा लगता है।
01:24रिपोर्ट्स बताती हैं कि इसका मकसद घरेलू राजनीती में एक शांदार जीत का दावा करना हो सकता है।
01:30लेकिन जब हम मिलिटरी की असलियत पर नजर डालते हैं तो कहानी कुछ और ही नजर आती है।
01:35और यहीं पर एक बहुत ही दिल्चस्प और बड़ा टकराव देखने को मिलता है।
01:38एक तरफ हैं तमाशा, यानि दोनिया और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए एक विशाल, होफनाक और शांदार दिखने वाला
01:45विस्पोड करना।
01:46और दूसरी तरफ है असली रणनीती, यानि किसी बेहत मस्बूत और सुरक्षित लक्षे के खिलाफ वास्तविक सैन्य और देश्यों को
01:53हासिल करना।
01:54आज हम इसी बड़े अंतर को गहराई से डिकोड करने वाले हैं।
01:58अब बढ़ते हैं हमारे दूसरे हिस्से की तरफ. आखिर ये मुआब बम है क्या? आएए इसके हाड़वेर और इसके पीछे
02:04की तकनीक का विशनेशन करते हैं।
02:06आप बोलचाल में लोग इसे बड़े प्यार से Mother of All Bombs कहते हैं।
02:10लेकिन इसका असली तकनीकी नाम है MOAB यानि Massive Ordnance Air Blast. ये कोई छोटा मोटा हत्यार नहीं है, ये
02:1830 फुट लंबा और 10,000 किलोग्राम का एक विशाल पारंपरिक बम है।
02:23सबसे खास बात ये है कि इसके नाम में जो A है उसका मतलब Air Blast है। इसका सीधा सा
02:28मतलब ये है कि ये बम जमीन के अंदर खुसकर नहीं भड़ता, बलकि सता के ठीक उपर हवा में भड़ता
02:33है। और जब ऐसा होता है तो लगबग एक किलोमीटर के दाइरे में एक भयानक श�
02:38इस भयंकर शॉक वेव की पीछे का राज है इसका केमेकल मिक्शचर। ये बम H6 जिसे ट्राइटरनल भी कहते हैं
02:45नाम के खास कमर्शल विसपोटक का इस्तमाल करता है। ये 80% TNT और 20% अलुमीनियम पाउडर का एक
02:51बेहत घातक कॉक्टेल है। अलुमीनियम पाउडर में ल
03:08अतलब ये हुआ कि इस हतियार को किसी बंकर या पहाड को छेदनी के लिए नहीं बनाये गया है। इसी
03:13केवल और केवल सतह पर अधिक्तम तबाही और शॉक वेव पैदा करनी के लिए ही डिजाइन किया गया है। लेकिन
03:18अगर हम इन आकणों को सही परीप्रेक्षम में रख
03:20कर देखें तो एक अलगी सक्चाई सामने आती है। मोआब की ताकत 11 टन TNT के बराबर है। ये बहुत
03:26जादा है इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन जब हम इसकी तोलना हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणू बं से करते
03:31हैं जिसकी ताकत 15,000 थी तो मोआब उसके सामने बिलक
03:48परमाणू बं को गिराय कैसे जाता है। इसका तरीका काफी अलग है। इसे किसी लडाकू विमान से नहीं बलकि एक
03:54बड़े कार्गू विमान के पिछले हिससे से एक पैलट पर रखकर बाहर दखेला जाता है। तो चलिए अब तीसरे भाग
04:13पर आते हैं। इरान का अभीद
04:15पहाड और इस लक्षे की जमेनी हकीकत.
04:18सारी तकनी की बातों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उड़ता है
04:21कि क्या सतह पर तबाही मचाने वाला ये एर ब्लास्ट बम
04:24इरान की गहराई में छिपी परमानु सुविधा का कुछ बिगार सकता है?
04:27जिस जगा को निशाना बनाने की बात हो रही है वो है पिकैक्स माउंटिन.
04:31ये जगा नतान से लगभग डेड़ से दो किलोमेटर दूर है.
04:34ये कोई आम इमारत नहीं है, बलकि ठोस और बेहत कठोर ग्रेनाइट चटानों को काट कर बनाये गया एक टनल
04:40कॉंपलेक्स है.
04:41और सबसे एहम बात, ये सुविधा सतह से 110 से 121 मीटर नीचे स्थित है, जहां बेहत संवेदन शील सेंट्रिफ्यूज
04:48रखे गए हैं.
04:49इसे जान बूचकर भारी बंबारी को बेयसर करने के लिए ही ऐसा बनाये गया है.
04:53अगर हम इतिहास के पन्ने पल्टें, तो एक बहुत ही सठी को धारण मिलता है.
04:56साल 2017 में अफगानिस्थान के इनंगारहार में इस्लामिक स्टीट की गुफाओं पर बिलकुल यही मुआब बं गिराया गया था.
05:03उस समय भी इसकी खूब चर्चा हुई थी, लेकिन 2020 आते आते यह संगठन फिर से खड़ा हो गया, और
05:08अक्टूबर 2026 तक की स्थिती देखें, तो यह संगठन बेहत सकरी है.
05:12जब यह बं गुफाओं में चिपे एक संगठन को पूरी तरह खत नहीं कर पाया, तो एक आधुनिक और 111
05:18मीटर गहरे सैने ग्रेट बंकर के खिलाफ यह कितना कारगर होगा, यह सोचने वाली बात है.
05:22और यही हमें हमारी चौते हिस्से की तरफ ले जाता है, मुवाब बनाम बंकर बस्टर. सैने दिश्टिकोंड से ये एक
05:29बहुत ही बड़ा मिसमयाच है, यानि बेमेल स्थिती है.
05:32इसे गहराई से समझने के लिए इन दो हत्यारों की तुलना करनी होगी. बंकर बस्टर बं, जैसा की नाम से
05:38ही जाहिर है, अपने भारी वजन का इस्तमाल करके जमीन के अंदर गहराई तक गुसता है, और फिर भटता है.
05:43ये बं 13,600 किलो का है, लेकिन इसमें विसफोटक के�
05:4727,600 किलो होता है. बाकी सारा वजन इसे जमीन में धसाने के लिए होता है. इसके बावजूद ये मिटी
05:53में सिर्फ 61 मीटर तक ही अंदर जा सकता है. अब जरा सोचिए, जब बंकर बस्टर भी 61 मीटर तक
05:59ही जा सकता है, तो इरान की 121 मीटर गहरी ठोस गिनाइट सुरंगों क
06:14इसकी डिलिवरी. मौब इतना विशाल है कि इसे B2 या B52 जैसे स्टेल्थ बंब वर्षकों में नहीं रखा जा सकता,
06:21जो रडार से बद सकते हैं. इसके लिए धीमे उड़ने वाले C-130 या C-17 कारगो विमानों की जरुद
06:27होती है. और समस्या ये है कि इरान ने अपनी स्था
06:43इसे पर पहुँच गए हैं. इस पूरे डेटा से क्या निश्कर्ष निकलता है? ये सिर्फिक राजनित एक स्टंट है या
06:49कोई असली सैन्य खत्रा? हमारी विशलेशन का डेटा एक ही बात की तरफ इशारा करता है. जैसा कि एक विशेशग्या
06:55का कहना है, ये विश्फूर्
07:02लेकिन ये 121 मीटर नीचे मौजूद किसी भी चीज को नश्ट नहीं कर पाएगा. ये टेलवेजन स्क्रीन पर तो बहुत
07:08भयानाक और असरदाद लगेगा, लेकिन सामरिक तौर पर इसकी सफलता ना के बराबर होगी. कुल मिलाकर निश्कर्ष ये निकलता है
07:15कि सतह पर होन
07:28चस्प सवाल पर लाकर छोड़ देता है. अगर दुनिया का सबसे बड़ा पारंपरी खत्यार भी आधुनिक सैन्य रक्षा प्रनालियों की
07:34केवल सता को ही खरोच सकता है, तो भविश्य में दुनिया की महाशक्तियां अपने सैन्य गतिरोदों को कैसे सुलजाएंगी? क्या
07:41भारी भरकम बमों का दौर आप खत्म हो रहा है? ये एक ऐसा सवाल है जो कल की सैन्य रणनीतियों
07:46को पूरी तरह से बदल कर रख सकता है. इस एक्स्प्लीनर में हमारे साथ जुड़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.

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