00:28।
00:31और इन हमलों के तुरंद बाद एक ऐसा चौकाने वाला कूट नीतिक और सैने कदम उठाये गया है, जिसने वहां
00:38के पूरे रड़ नीतिक नक्षे को ही पलट कर रख दिया है।
01:00इस एतिहासिक मक्का रक्षाकड मंदन को, इसमें पाकिस्तान और तुर्की की अचानक एंट्री को, और अंत में समझेंगे कि क्या
01:07इससे पूरे इलाके में युद्ध पहलने का कोई बहुत बड़ा खत्रा पैदा हो गया है।
01:10चलिए शुरू करते हैं हमारे पहले हिस्से से, रियाद पर हमला।
01:14सबसे पहले उस तातकालिक संकट को समझते हैं जिसने इस पूरे बवाल की शुरुवात की।
01:18देखिए, ये कोई छोटा मोटा छिट पूठ हमला नहीं था। ये एक बेहत सोची समझी और खतरनाक सेन्य चाल थी।
01:25हूती रड़ाकों ने एक साथ साथ साओधी अरब की सबसे सुरक्षित और महत्वपून ठेकानों पर धावा बोल दिया।
01:30जरा सोचीए, रियाद का केंग खालिद इंटरनाशनल एरपोर्ट, अरामकों की विशाल तेल रिफाइनरी और देश की दक्षणी इलाके में मौजूद
01:38एहम फौजी बेस, इन सब पर मिसाईलों और ड्रोन्स की लड़ी लगा दी गई। ये वो जगाएं हैं जो सीधे
01:44तो
02:16अब आते हैं दूसरे हिस्से पर, जवाबी कारवाई, यानि ऑपरेशन यमन डौन, रियाद पर हुए समले के बाद सौधी अरप
02:24चुपतो बैटने वाला था नहीं, इसके जवाब में सौधी गटबंधन और यमन की आधिकारिक सरकार ने अब तक के सबसे
02:30विशाल से विश
02:30अने अभिहानों में से एक की शुरुआत कर दी, और इसका पैमाना देखिए, एक, दो या दस नहीं, सौधी गटबंधन
02:37ने एक साथ सौ से भी ज़ादा फाइटर जेट्स को आस्मान मोतार दिया, ये नमबर अपने आप में चीक चीक
02:42कर कह रहा है कि सौधी अरब इस वार क
03:00अहम रणनीतिक शहरों को वापस अपने कंट्रोल में लेना, और तीसरा जो सबसे बड़ा और महत्वकांची टार्गेट है, यमन की
03:07राजधानी सना को हर हाल में होतियों के चंगुल से आजाद करा, लेकिन देखिए, इस पूरी स्थिती को निश्पक शुरुप
03:13से समझना �
03:14बहुत जलूरी है, हम सिक्य का दूसरा पहलू नजर अंदाज नहीं कर सकते, खुद हूतियों का दावा है कि साउधी
03:19गटबंधन ने सिर्फ और सिर्फ 24 गंटे के छोटे से समय में उनके इलाकों पर 106 से अधिक हवाई हमले
03:26किये हैं, याकड़ा साफ तोर पर बताता है कि �
03:28बंबारी कितनी तीवर्थी और जमीन पर इस संगर्ष का स्वरूप कितना विनाशकारी हो चुका है।
04:00इस समझोधे की सबसे बड़ी शर्थ यही है कि अगर इन तीनों में से किसी भी एक देश पर कोई
04:05हतियार बंध हमला होता है, तो उसे सीधे तोर पर तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। और ये बहुती शांदार
04:11तरीक से दर्शाता है कि ये नया गटबंधन किस तरह स
04:25कानूनी और रनितिक रूप से पाकिस्तान और तुर्की भी इस यूद का हिस्सा बन चुके हैं।
04:55और तुर्की अपने खतरनाग फौजी दस्ते साओधी अरब की जमीन पर उतारने जा रहे हैं।
04:59चलिए, अब चौते हिस्से पराते हैं। इस सब में पाकिस्तान और तुर्की की भूमिका।
05:04इन दो बड़े देशों की सेनाओं का सीथे साओधी अरब की जमीन पर उतरना, ये कोई चोटी बात नहीं है।
05:09खासकर पाकिस्तान के लिए तो ये एक बहुत पड़ा रन्नीतिक यूटन है।
05:12देखिए, हूती विद्रोही इरान समर्थित माने जाते हैं। इससे पहले जब भी हूतीयों ने हमले किये, पाकिस्तान ने मिल्कुल चुपी
05:18साधे रखी थी। जिसके चलते उसके अपने सयोगियों ने ही उसकी काफी आलोशना भी की थी। लेकिन अब, अब उस
05:24खामोशी
05:24को तोड़ते हुए, पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर अपनी सीना भीच कर सौधी अरब के कंधे से कंधा मिला कर खड़ा
05:29हो गया है। लेकिन इसी के साथ एक बहुत बड़ा सवाल भी खड़ा हो जाता है। क्या पाकिस्तानी और तुर्की
05:35सैनेकों का वहाँ जाना सिर्फ �
05:36एक रक्षातमाग ढाल का काम करेगा या फिर ये सीधे युद्ध में उतरने का एलान है। जो मिलिटरी एक्सपर्ट्स हैं
05:42वो भी अभी इस बात पर बटे हुए हैं। किसी को पक्के तोर पर नहीं पता कि क्या ये सैनेक
05:46सीधे हूतियों से लोहा लेंगे या फिर वो सिर्�
05:49साउधी अरब के बॉर्डर और उन जरूरी तेल रिफाइनेरियों की पहरदारी तक ही सीमित रहेंगे। और इसी बीच हूधियों के
05:55तरफ से एक बहुती साफ और सीधी धमकी आ गई है। उन्होंने खुले आम चेताबनी दी है यदि कोई तीसरा
06:00देश साउधी अरब की र
06:19और आखरी हिस्सा इस पूरे युद के विस्तार का खत्रा। आएए आगे बढ़ते हैं और देखते हैं कि ये सब
06:25कैसे एक बहुत बड़े खत्री की तरफ बढ़ रहा है। अब ये महें साउधी अरब और हूतियों के बीच की
06:30लड़ाई नहीं रह गई है। अलग-अलग द
06:49पर हमले का सीधा असर दुनिया भर में तेल की सप्लाई और ग्लोबल एकॉनमी पर पड़ता है। यानि आच पूरी
06:55दुनिया तक आ सकती है। तो इस पूरी भू राजनेतिक पहेली के आखिर में एक बहुत बड़ा सवाल हमारे सामने
07:01आके खड़ा हो जाता है। क्या मक्का
07:17दुनिया की सुरक्षा और एकॉनमी के लिए मेक और ब्रेक साबित होने वाले हैं। इस एक्स्प्लेनर में हमारे साथ जोडने
07:22के लिए बहुत बहुत शुक्रिया। अगली बार फिर मिलेंगे किसी ऐसे ही उल्जेवे मुद्दे की परते खोलने के लिए।