00:07तो मध्यपूर्ण में जो कुछ भी चल रहा है वो अब सिर्फ एक शेत्री मुद्दा नहीं रह गया है।
00:11सच कहूं तो ये एक ऐसा जौला मुखी बन चुका है जिसके फटने की घूंज वैश्विक उर्जा बाजारों से लेकर
00:16हमारे रोजमर्रा के इंटरनेट और अंततहा विश्विशान्ती तक गूंजेगी।
00:20खैर इस गहराई से शोद किये गए एक्स्पिनर में हम इसी तनाओ का एक निश्पक्ष और तथ्यात्मक पिश्डेशन करने वाले
00:26हैं।
00:50स्प्लेनर में हम किन-किन एहम बिंदूों पर बात करेंगे।
01:20इंटरन ने एक बहुती कड़ा रणनीते कदम उठाया है।
01:22उन्होंने अपना रक्षा मंत्री एक ऐसे इंसान को बनाया है जिसे इरान का मिसाइल मयान कहा जाता है।
01:27हम बात कर रहे हैं जनरल महरताद अकलाकी जी की।
01:301957 में जन्मे अखलाकी जी डिफेंस इंडस्री के कोई आम अधिकारी नहीं है।
01:35सोचिए, 2007 में संयुक्त राष्ट ने इन पर ठोस इंधन से चलने वाली बलिस्टिक मिसाइली बनाने के आरोप में प्रतिबंद
01:41लगा दिया था।
01:42ठोस इंधन वाली मिसाइलों का मतलब है, ऐसी मिसाइलीं जने लॉंच करने में बहुत कम समय लगता है, जो सैने
01:48नजरी इसे बेहद खतरनाक होती है।
01:50इसके बावजूद, 2014 में उन्हें इरान के एरोस्पेस सेक्टर का प्रमुग बना दिया गया।
01:55और अब, 2026 में एक प्रतिबंदित अधिकारी को सीधे रक्षामंत्र की कुर्सी पर पैठाना।
02:00ये पश्चिम के लिए कोई छोटा मूटा कूटनीतिक संदेश नहीं है, ये एक बहुत बड़ा एलर्ट है।
02:05और कमाल की बात देखी, पच समभालते ही उन्होंने एलान कर दिया है कि पूरी तरहा इरान में बना एक
02:10नया भारी लड़ा को विमान अगले साल उडान भरने वाला है।
02:14और उनके आते ही बयान बाजी का स्तर भी एकदम चरम पर पहुँच गया है।
02:46जरह इस चतावनी पर गौर कीजी।
02:50अब धमकियों से भार निकल कर अगर हम असल दुनिया की भौगुलिक स्तिती को देखें तो इस तन्याफ का सबसे
02:55सीधा असर हमारे आपके रोजमर्रा के जीवन से जुड़े समुदरी व्यपार पर पढ़ रहा है।
03:18के पास कमोशल जहाजों पर हमले हुए हैं।
03:20और खुद इरान ने बताया है कि होर्मूज के आसपास तीन जहाजों में आग लगी।
03:24जिन में से दो तो सीथे समुदरी बारूदी सुरंगों यानी सी माइन से टकरा गए थे।
03:28ये सब सिर्फ काग्जों पर नहीं हो रहा।
03:30ये वैश्विक व्यापार, उर्जा अपूर्ती और सप्लाई चेन की गर्दन पर शिकंजा कसने की एक भौतिक सच्चाई है।
03:36तीसरा हिस्सा परमानू ठिकानों पर खत्रा जब भी बात मध्यपूर्व की होती है, तो परमानू शब्द आते ही पूरा खेल
03:44बदल जाता है।
03:45ये कूट नीतिक शत्रांच का सबसे खतरनाख हिस्सा है। एक तरफ देखिए, अमेरिकी राश्रपती डॉनल्ड ट्रंप ने इरान के नतांस
03:53और जमीन के बहुत नीचे बने पिकैक्स माउंटेन परमानू ठिकाने पर सैन्नी हमले की सीधी चेतावनी दिये। और इसका ज�
04:12चाहिए। इसे कूट मीति की भाषा में mutually assured destruction कहते हैं। यानि अगर हम डूबेंगे तो तुम्हें भी साथ
04:19लेकर डूबेंगे। और ध्यान दीजे, ये कोई हवा हवाई बाते नहीं हैं। आसल में इसके पीछे बहुत ठोस सैने तयारियां
04:25चल रही हैं। हालिया सैटलाइ�
04:27तस्वीरों ने खुलासा किया है कि इरान ने नतांस और पिकैक्स पाउंटेन के आसपास मिटी के विशाल टीले खड़े कर
04:33दिया है। ये इसे एक अभेद्य के लिए में बदलने की कोशिश है। और अगर किसी को लगता है कि
04:40इरान की मिसाईलें अपने लक्षे तक नहीं �
04:42पहुच सकती, तो याद कीजे मार्च 2026 का वो संकाश। उस समय इरानी बलिस्टिक मिसाईलों ने इसरायल के उस एर
04:48डिफेंस सिस्टम को भेद दिया था जिसे दुनिया के सबसे एडवांस सिस्टम्स में गिना चाता है। और वो सीधे टिमोना
04:54के समवेदनशील इलाके तक
05:04पहुच कही थी। रणनीतिक तोर पर ये बहुत पड़ा बतलाव है।
05:25लेकिन ठीक उसी समय दूसरी तरफ कायहान जैसा स्टेट कंट्रोल्ड मीडिया पश्चीमी देशों पर अत्यादिक दबाव बनाने के लिए लगातार
05:32हिंसक धमकिया दे रहा है। ये कोई कन्फ्यूजन या गलती नहीं है। ये विरोधी खेमे को उलचा कर कोटनीतिक फाय
05:52करता है या उनसे सहानुबूती रखता है। कायहान अकबार ने इसी भारी भरकम शब्द का इस्तमाल पूर विदेश मंत्री मोहमद
05:59जवाज जरीव जैसे सुधारवादी निताओं के लिए किया है। क्यूंकि इन सुधारवादियों ने देश में इंटरनेट बैंड का वि
06:18बड़ा सवाल दुनिया की दूसरे कोने में बैठे किसी आम इनसान को इस खेतरी तनाव से क्या फर्क करना चाहिए।
06:24मतलब हमें इसकी परवाद क्यूं करनी चाहिए। क्यूंकि बात सरफ तेल या सेना की नहीं है। अगर ये एक फुल
06:30स्केल वार में बतलता है तो निशान
06:45की नीचे बिछे ये केबल्स, पूरे ग्लोबल इंटरनेट और खर्बो डॉलर के वितिये बाजारों की जान है। इन्हें काटने का
06:51मतलब है पूरी दुनिया की एकॉनुमी और कम्मिनिकेशन का ठप पर जाना। आज की डिजिडल दुनिया के लिए इसके नतीजे
06:57इतने भ
07:15पहली, इरान ने परमानु तकनीक में अब तक जो भी प्रगती की है उसे बिल्कुल छुवा नहीं जाएगा। दूसरी, अमेरिका
07:22और इसराइल को बुनियादी धांचे के नुकसान का पूरा हरजाना देना होगा। तीसरी, और शायद सबसे बड़ी शर्थ, पूरे मध्�
07:43समझोता फिलाल एतना मुश्किल क्यों लग रहा है।
08:14अनसार उल्ला, जिने हम हूती विद्रोहियों के नाम से जादा जानते हैं, उन्होंने तैज के पश्चिमी छोर पर अंतरराश्ट्री स्तर
08:20परमानेता प्राप्त प्रेजिदेंशल लीडर्शिप काउंसिल की रक्षा लाइनों को पूरी तरह से भीद दिया है। इन सरकारी
08:40कि भले ही कागजों पर कूटनीती की बाते हो रहे हो, लेकिन असल मैदान में प्रॉक्सी मोर्चे पूरी आकरामक्ता के
08:45साथ आगे बढ़ रहे हैं।
09:10एक ऐसे भयानक शेत्र युद के मुहाने पर खड़ी है जिसे अब शायद टाला नहीं जा सकता। ये वो सवाल
09:15है जिस पर हम सब को विचार करना होगा। क्यूंकि इसका असर सिर्फ उस शेत्र पर नहीं, पूरी दुनिया पर
09:20पड़ेगा। इस गहरे विशलेशर में हमारे
09:22जुड़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।