00:04सूदी अरब के पवित्र शहर मक्का में दो बांगला देशी नागरिकों को मौत की सजा दिये जाने का मामला कई
00:10गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
00:30सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर्वकृत्य क्या था? जिसके लिए दोनों को इतनी कठोर सजा मिली? कुछ खबरों और
00:37सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि दोनों मस्जित के अंदर एक दूसरे को चूम रहे थे।
01:00को नहीं जानता था। उन्होंने सुना था कि दोनों एक ही जगे काम करते थे। परिवार के एक सदस्य के
01:06मताबिक नजरुल ने कभी सीती के साथ प्रेम संबंध होने की बात स्विकार की थी। लेकिन इससे यह साबित नहीं
01:12होता कि दोनों शादी शुदा थे या उनके बी�
01:29जीर इसलामी न्याय शास्त्र में सजा की उस श्रेणी को कहा जाता है, जिसमें किसी अपराध के लिए सजा की
01:36निश्चित मात्रा पहले से तै नहीं होती। न्यायाधीश मामले की परिस्थितियों, अपराध की प्रकृती और लागु कानूनी नियमों के आधार
01:45पर सजा न
01:59भाशा में समझे तो ताजीर के तहट अलग-अलग मामलों में अपराध की गंभीरता और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग
02:05सजाएं दी जा सकती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर अपराध के लिए मौत की सजा दी
02:11जा सकती है, किसी खास मामले में मौत की सज
02:14का कानूनी आधार क्या है इसे समझने के लिए संबंधित कानून अदालत के फैसले और मामले में पेश किये गए
02:21सबूतों की जानकारी होना जरूरी है
02:23इसलामी कानून में सजाओं की तीन प्रमुक श्रेणिया बताई जाती है
02:27पहली है कसास जो मुख्य रूप से हत्या और शारीरिक नुकसान जैसे मामलों में बदले के सिध्धान्त से जुड़ी है
02:34दूसरी है हुदूद जिसमें कुछ खास अपराधों के लिए निर्धारित सजाओं का प्रावधान है
02:40तीसरी है ताजीर जिसमें संबंधित कानूनी व्यवस्था के तहट न्यायाधीश को सजा निर्धारित करने का विवेक अधिकार मिलता है
02:48यही वज़ा है कि नजरुल और सीती के मामले में ताजीर का उलेक महत्वपूर्ण हो जाता है
02:54मौत की सजा अपने आप में बेहद गंभीर है
02:57इसलिए यह जानना जरूरी है कि अदालत ने किन सबूतों के आधार पर दोनों को दोशी ठहराया
03:04और इतनी कठोर सजा देने के लिए क्या कानूनी आधार अपनाया
03:07सउधी अधिकारियों ने बताया कि संबंधित न्याएक अधिकारियों ने सजा को बरकरार रखा
03:12और इसके बाद शाही आदेश जारी किया गया
03:1514 अक्टूबर को सजा लागू कर दी गई
03:18लेकिन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में कथित कृत्य का विस्तरित विवरन
03:22अदालत में पेश किये गए सबूत और सुनवाई की पूरी प्रक्रिया सामने नहीं आई है
03:27यही बात बांगलादेश में नाराजगी की बड़ी वजह बनी है
04:00परिवार के मताबिक
04:01उन्हें नजरुल की मौत की जानकारी फोन के जरिये मिली
04:05इस खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया
04:08नजरुल नवंबर 2022 में सौधी अरब गए थे
04:12और मक्का की मस्जिद अलहरम में सफाई कर्मी के रूप में काम करते थे
04:16उनके परिवार के अनुसार करीब आठ महीने बाद उन्हें गिरफतार कर लिया गया था
04:21और वो फांसी दिये जाने तक जेल में रहे
04:24दूसरी ओर सीती के बारे में सार्वजनिक जानकारी सीमित है
04:28उनके और नजरुल के संबंधों को लेकर भी कई सवाल है
04:31जिनके जवाब अभी स्पष्ट नहीं है
04:34सौधी अरब दुनिया के उन देशों में शामिल है
04:36जहां मौत की सजा का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है
04:40नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों सहित विभिन मामलों में भी
04:44वहां मृत्युदंड दिया जाता रहा है
04:46मानवाधिकार संगठनों ने सौधी अरब की न्याईक प्रक्रिया में पार दर्शिता
04:51निश्पक्ष सुनवाई और मृत्युदंड के इस्तिमाल को लेकर लंबे समय से चिंता जताई है
04:56हालांकि इस मामले में किसी निश्कर्ष पर पहुँचने से पहले यह जानना जरूरी है
05:01कि अदालत ने वास्तव में क्या पाया था
05:03केवल सोशल मीडिया पर किये गए चुम्बन के दावे को आधार बना कर
05:08ये कहना सही नहीं होगा कि दोनों को उसी वजह से मौत की सजा दी गई
05:12न तो पति-पत्नी होने की पुष्टी हुई है और नहीं कथि चुम्बन की बात प्रमानित हुई है
05:17इस पूरे मामले में सबसे जरूरी सवाल यही है कि ताजीर के तहट मौत की सजा देने का आधार क्या
05:24था
05:24अदालत में कौन से सबूत पेश किये गए और दोनों को अपना पक्ष रखने का कितना अफसर मिला
05:28इन सवालों के जवाब सामने आने पर ही यह समझा जा सकेगा कि इस मामले में न्याएक प्रक्रिया किस तरह
05:35चली और सजा किन आधारों पर दी गई