00:09क्या मेरिक और इस्राइल के सारे दावे सेल हो चुके हैं क्या आखिरकार सूपर पावर यूएस को एरान के सामने
00:16जुकने पर मजबूर होना पड़ रहा है ये वो बड़े सवाल हैं जो अच्पूरी दुनिया की जबान पर है
00:22क्योंकि वेस्ट एशिया की जंग एक ऐसे मोड परा चुकी है जहां आठ महीने की तबाही के बाद अब इरान
00:28ने दुनिया के सबसे बड़े चोप पॉइंट यानि श्रेट ओफ होर्मूस को खोलने का एक आखरी और बेहद शक्ती शाली
00:36मौका अमेरिका को दे दिया है
00:38सवाल ये उठता है कि आखर ये सब अच्छानक क्यों हुआ क्यारान इस जंग में पहले से जादा ताकतवर मजबूत
00:45और आत्म विश्वास से भरा हुआ खड़ा है कि अब वो टाइम लाइन डिसाइड कर रहा है कि कब ये
00:52जंग कैसे चलेगी
00:53आखिर अबास अराक्ची ने बगदाद की जमीन से अमेरिका को क्या ललकार दी है और क्यों तहरान ये कह रहा
01:00है कि अगर यूएस में थोड़ी भी मानदारी बच्ची है तो साथ दिन के अंदर होर्मूस की जील को दुबारा
01:06खोला जा सकता है
01:07आईए इस पूरे जियो पॉलिटिकल खेल इरान की बढ़ती ताकत और अमेरिका की मजबूरियों की असली कहानी को एक एक
01:15करके समझते हैं इसकी सते से तह तक जाते हैं
01:19सबसे पहले ये समझना जुरूरी है कि क्या ये पूरा विवाद कहां से शुरू होता है आज इसकी स्थिती क्या
01:25है पिछले आठ महीनों से एरान और युनाइटिट स्टेट्स के बीच एक भयंकर और खूनी जंग चल रही है
01:31दुनिया ये सोच रही थी कि आर्थिक प्रतिबंदों और लगतार हमलों के बाद इरान घुटने टेक देगा लेकिन ग्राउंड रियालिटी
01:38इसके बिल्कुल विपरीत है
01:39इरान ने ना सिर्फ अपनी सेन्य ताकत का लोहा मनवाया बलकि श्रेट ओफ होर्मूस को बंद करके पूरी दुनिया की
01:46एनरजी सप्लाई और ट्रेड को हिला कर रख दिया
01:49यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का लगभग पांचवा है साओल और एल एंजी ट्रेड गुजरता है
01:54जब यह रास्ता बंद हुआ तो अमेरिका और उसके पच्चिनी साथी देशों की आर्थिक आलत खराब होने लगी
02:00और आखिरकार वाशिंटन को समझा गया कि बिना इरान की शर्तों के इस संकट से निकलना मुश्किल है और इस
02:07जंग को और खीचना तो असंभव है
02:09मिट टर्म इलेक्शन के डर से डॉनल्ड टरंप ने जंग को बीक्ष में रोक दिया लेकिन यहीं पर हतोड़ा मारने
02:16का मौका मिला है इरान को
02:18अब बात करते हैं इस वक्की सबसे बड़ी ख़बर की
02:21Organization of Islamic Corporation यानी OIC की मीटिंग के दौरान इरान के फॉरण मिनिस्टर अबास अराक्ची ने दुनिया के सामने
02:29एक बहुत बड़ा बयान दिया है
02:31उन्होंने साफ तोर पर कहा है कि इरान का वो प्रस्ताव जिसके सहत साथ दिन के अंदर शेट और फोर्मूस
02:36को खोला जा सकता है अभी भी टेबल पर मौझूद है
02:40तहरान ने वाशिंटन के जवाब की समीक्षा की है लेकिन अराक्ची ने बिना किसी लफ्स के अमेरिका की नियत पर
02:46बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है
02:48उनका साफ कहना है कि अगर यूएस में थोड़ी भी मानदारी और सच्चाई है तो रास्ता बिलकुल साफ है
02:53लेकिन इस शांती प्रस्ताफ के पहले इरान के तरफ से कुछ बेहत सक्त और स्पष्ट शर्ते रखी गई है
03:00इरान ने कहा है कि अगर अमेरिका चाहता है कि ये जंग थमें और जहाजरानी फिर से शुरू हो तो
03:05सबसे पहले इरान के बंद्रोहों पर लगे यूएस की नाका बंदी यानि ब्लॉकेट को हटाना होगा
03:11इसके अलावा एरानियन ओयल एक्सपोर्स पर से सारे अमेरिकन प्रतिबंद यानि सांक्शन्स तुरंथ अटाने होगे और रीजनल फ्रंस पर चल
03:18रही दुष्मनी को हमेशा के लिए खतम करना होगा
03:21तेहरान कई यतेवर बताते हैं कि अब इरान किसी भी दबाव या इंटिमिडेशन के आगे जुकने वाला नहीं है
03:27यहाँ पर एक बहुत बड़ा रोध यानि स्टिकिंग पॉइंट भी सामने आया है
03:30अमेरिका और इसके नेता जैसे यूएस वाइस प्रेजिडेंट जेडी वांस ने पिछले दुनों कहा था कि उनके एरान को अपनी
03:36यूरेनियम इंडिच्मिंट कपासिटी में एक मीनिंगफुल यानि अर्थपून कमी करनी होगी
03:41तब ही बात आगे बढ़ेगी यूएस चाहता है कि शुरुवाद से ही इरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर चर्चा हो लेकिन
03:48इरान इस दाफ को तुरंत खारित कर दीता है
03:50इरान का साफ कहना है कि पहले बाद शेट ओफ ओर्मूस के खोलने और जलमार की सुरक्षा पर होगी ना
03:56कि अमेरिका के शर्तों पर न्यूक्लियर प्रोग्राम को दबाने की
04:00अराक्ची ने OIC के मन से अमेरिका को आड़े हातों लेते हुए कहा कि वाशिंटन ने हमेशा से कूटमीत यानि
04:07डिप्लोमेसी को तोड़ने का काम किया है
04:09उन्होंने कहा कि अमेरिकाने अंतराश्य कानून और यूएन चार्टर की धजियां उड़ाते हुए आक्रमन, धंकियों और हत्याकान साथ-साथ आर्थिक
04:17युद्ध का रास्ता चुना है
04:19इरान के उप्विदेश मंतरी सहीद खातिबाजदे ने भी इस बात पर जोर दिया कि अगर सच में शान्ती चाहिए तो
04:26सभी मोर्चों पर लड़ाई के साथ साथ सब कुछ खतम होना चाहिए
04:30क्योंकि अगर किसी भी एक जगा लड़ाई जारी रही तो पूरा शित्र शान्त बना रहेगा और इससे उनका मतलब लेबिनन
04:37के हिजबुला पर कर रहे हमलों पर था
04:39जब हम इस पूरी स्थित्थी को देखते हैं तो बाद पिल्कुल साफ हो जाती है कि आज का एरान वो
04:44पुराना एरान नहीं है
04:45एक तरफ जहां अमेरिका और उसके साथ ही अपने नए हाल निकालने की कोशिश कर रही है
04:50वहीं दूसरी तरफ एरान ने एक ऐसी मजबूच तित्थी बना ली है जहांसे वो अपनी शर्तों पर बात करने के
04:56लिए पूरी तरह सक्षम है
04:57एरान ने दुनिया को ये दिखा दिया है कि अगर शांती चाहिए तो उसे सम्मान और बराबरी के अधार पर
05:03ही पाना होगा
05:20और इस तरह की कहराई वाली इंटरनाशनल खबरों के लिए ऐसे ही वान इंडिया के साथ बने रही है
05:36इसराइल में चुनाव से ठीक पहले इरान के साथ तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है
05:41प्रधान मंतरी बेंजमिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि इरान और उसके शेत्रिय सहयोगी 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव
05:48से पहले इसराइल को निशाना बनाने या चुनावी महौल को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं
05:54इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंतरी पीट हेगसेत की इसराइल की अगोशित यात्रा ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं
06:01हेगसेत ने नेतन्याहू से मुलाकात की है और दोनों की बीच इरान से जुड़े सुरक्षा खत्रों पर चर्चा हुई है
06:07ऐसे में सवाल है कि क्या इसराइल के चुनाव से पहले पश्चे मेश्या में एक बार फिर सैने टकराव का
06:12खत्रा बढ़ रहा है
06:13दरसल इसराइल के प्रधान मंतरी बेंजमिन नेतन्याहू ने इरान को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई हैं
06:19इसराइली प्रसारक I24 News से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि उनके देश की खूफियो जानकारियों में
06:27ऐसे संकेत मिले हैं जिनके आधार पर चुनाव से पहले इरान या उसके सहयोगियों की तरफ से किसी तरह की
06:33दखल अंदाजी की आशंका जताई ज
06:35रही है नेतन्याहू ने कहा कि चुनाव में हस्तक शेप करने की कोशिश हो सकती है और कम से कम
06:40संकेत इसी और इशारा कर रहे हैं उनका आरोब है कि इरान ऐसा माहूल बनाने की कोशिश कर सकता है
06:46जिससे इसराइल की सुरक्षा व्यवस्था और सरकार की सैन्नी उपलबधियो
07:02के लिए कोई अभ्यान शुरू कर दिया है फिलहाल ये इसराइली प्रधानमंत्री की और से जताई गई आशंका है जिसकी
07:08स्वतंत्र पुष्टी होना जरूरी है अब सवाल ये है कि नेतन्याहु चुनाव से ठीक पहले इरान को लेकर इतनी चिंता
07:15क्यूं जता रहे हैं इसकी
07:16एक बड़ी वजह इसराइल और इरान के बीच लंबे समय से जारी संगर्ष है दोनों देशों के बीच टकराव केवल
07:22सीधे सैन्ने हमलों तक सीमित नहीं रहा है परमानू कारिक्रम, शेत्रिय प्रभाव, मिसायल ख्षमता और इरान समर्थित सशस्त्र संगठनों की
07:31गतिव
07:33इसे में इसराइल के चुनाव से पहले किसी भी संभावित सुरक्षा घटना का राजनीतिक और रननीतिक महत्व बढ़ जाता है।
08:02ये संगर्षों से निपटने की क्षमता पर चुनाव के दौरान चर्चा होना स्वाभाविक है। लेकिन किसी संभावित हमले की आशंका
08:09और वास्थव में किसी हमले की तैयारी किये जाने के बीच अंतर करना भी उतना ही जरूरी है। और इसी
08:15बीच नेतन्याहन ने एक और
08:16महत्वपून बात कही है। इरान से संभावित खत्रे की चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने चुनाव से पहले इरान पर पहले
08:23हमला करने के पक्षमे होने से इनकार किया है। पिछले सप्ता जब उनसे चुनाव से पहले इरान पर हमले की
08:29संभावना के बारे में प�
08:43कि अगर इस्राइल पर हमला होता है तो उसका जवाब मजबूती से दिया जाएगा। इसका मतलब ये है कि इस्राइल
08:50की तरफ से एक और संभावित खत्रे को लेकर सतरकता दिखाई जा रही है तो दूसरी और चुनाव से पहले
08:55नए सैन्य अभियान की शुरुआत को लेकर भी
08:58सावधानी बरतने की बात सामने आ रही है लेकिन कहानी में दूसरा बड़ा मोड अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ की इसराइल
09:05यात्रा से आया है
09:06अमेरिकी रक्षामंत्री सोमवार 19 अक्टूबर को इसराइल का अगोशित दौरा किया
09:10समाचार एजनसी रोइटर्स और अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजिमिन नेतन्याहु से मुलाकात
09:19की
09:19ये मुलाकात दक्षणी इसराइल के निगेव शित्र मिस्थित उफदा एर बेस पर हुई
09:24इसराइली प्रधानमंत्री कार्याले के प्रवक्ता ने बाद में बैठक की पुष्टी की
09:28उनके मुताबिक दोनों नेताओं के बीच शेत्रिय खत्रों और इनसे निपटने में अमेरिका और इसराइल की साजेदारी पर चर्चा हुई
09:34इसमें रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह की रणनीतियों से जुड़े मुद्दे शामिल थे
09:39हाला कि इस बैठक में किन विशेश सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई इसका पूरा विवरंड सार्वजनित नहीं किया गया है
09:45इसलिए ये कहना सही नहीं होगा कि दोनों नेताओं ने किसी नए हमले को अंतिम रूप दे दिया है
10:04दोनों देशों ने पहले भी इरान के खिलाफ सैन्य कारिवाई की है और शेत्र में जारी संघर्ष के कारण पश्चे
10:10मेश्या की सुरक्षा स्थिती लगातार समवेदनशील बनी हुई है
10:13इस बैठक में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी का मुद्दा भी महत्वपून रहा
10:17रिपोर्ट के मुताबिक इसराइल में तैनात अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी के लिए हेगस्यत ने इसराइल का आभार जटाया
10:24बैठक के दोरान अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्ब के नेतन्याहू के संबंधों और उनके समर्थन पर भी चर्चा हुई
10:30अब यहां अमेरिका की भूमिका को समझना जरूरी है
10:33अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्ब के सामने इरान को लेकर एक बड़ा रणनीतिक सवाल है
10:38एक तरफ इस्राइल की सुरक्षा और दोनों देशों के बीच सैन्य साजेदारी है
10:42तो दूसरी तरफ किसी नए हमले के व्यापक परिनामों का सवाल है
10:45इरान की खिलाफ फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू होने की स्थिती में संगहश और फैल सकता है
10:51जिसका असर पूरे शेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थ विवस्था पर पढ़ सकता है
10:55इसी वजह से हेगसित की यात्रा पर भी नजर रखी जा रही है
10:59हाला कि बैठक के सभी विवरंड सार्विजनिक नहीं है
11:01लेकिन इसकी पुष्टी और इरान पर चर्चा की जानकारी ये बताती है
11:05कि दोनों देशों के लिए शेत्रिय सुरक्षा अभी भी प्रात्मिक मुद्दा बनी हुई है
11:10इरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच
11:13हॉर्मुस जल्डमरू मध्य को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है
11:17इरान ने रणनीतिक रूप से बेहत महत्वकोन इस समुद्री रास्ते को खोलने के लिए अपना साथ दिन का प्रस्ताफ फिर
11:24सामने रखा है
11:25हालाकि तहरान ने साफ कर दिया है कि इसके लिए अमेरिका को उसकी शर्ते माननी होंगी
11:30इरान ने एक तरफ बातचीत का रास्ता खुला रखा है तो दूसरी तरफ किसी भी नए हमले का पहले से
11:36ज्याधा विनाशकारी जवाब देने की चेतावनी भी दी है
11:38इरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग्ची ने रविवार को कहा कि हॉर्मुस जल्डमरू मध्य को दुबारा खूलने का प्रस्ताव
11:46अब भी मौजूद है
11:47बगदाद में इसलामिक सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान इरान की सरकारी समाचार एजनसी आया रहने से
11:54बादचीत में उन्होंने बताया कि अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखा है जिसकी समीक्षा तहरान कर रहा है
12:01इरान की योजना के मुताबिक अगर अमेरिका उसकी शर्ते मान लेता है तो छटे दिन हॉर्मुस जलडमरू मध्य को फिर
12:07से खोला जा सकता है
12:08इसके बाद साथवे दिन बादचीत दुबारा शुरू करने का प्रस्ताव है ताकि संघर्ष खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ा
12:14जा सके
12:15अराक्ची ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए इरान की मांगे स्पष्ट है उनके मुताबिक ये कोई असाधारन शर्ते
12:21नहीं है बलकि पिछली बादचीत और समझोता ग्यापन के दौरान अमेरिका की ओर से की गई प्रतिबधताओं से जुड़ी है
12:28उन्होंने ये भी
12:29इस पष्ट किया कि इरान धमकियों के आगे जुटने वाला नहीं है लेकिन कूटनीती के जरिये समधान निकालने के लिए
12:34तयार है हाला कि दोनों देशों की बीच स्थाई समझोते की रहा आसान नहीं दिख रही 28 फरवरी को अमेरिका
12:41और इसराइल की ओर से इरान पर हमले क
12:56को युद्ध विराम हुआ इसके बाद 18 जून को इरान और अमेरिका की बीच युद्ध समाप्त करने की दिशा में
13:02समझोता ग्यापन पर हस्ताक्षर किये जाने की बात सामने आई परमानुकारिक्रम और प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्धों पर अंतिम समझोते
13:09के ल
13:25ज्यादा विनाशकारी योजना तयार की है उनका संदेश साफ था कि अगर नया टकराव शुरू हुआ तो उसका स्वरूप पहले
13:31से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता है वहीं इरानी संसत के स्पीकर मुहमद बाकिर कालिबाफ ने पश्चिमी देशों की सरकारों
13:38निवेश फं
13:53नामक एक नए इक्षेत्रिय निकाय की योजना भी घोशित की यानि इरान और अमेरिका के बीच टकराव अब केवल मिजाईलों
13:59सैन्य ठिकानों और समुदरी रास्तों तक सीमित नहीं है परमाणू कारिक्रम आर्थिक प्रतिबंद और डिजिटल तक्नीक भी संगर्ष का ह
14:06इस्सा बनते जा रहे हैं अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका इरान की शर्तों पर विचार करके
14:12बाचीत का रास्ता खोलेगा और हॉर्मस जल्डमरू मध्य को फिर से सामान्य बनाने में मदद करेगा या दोनों देशों की
14:18सख्त चेतावनिया पश्ची मेशि
14:35है