00:02हिंदु धर में पापांग खुशा एकादशी का विशेश महत्व माना जाता है ये वरत अशिनमास के शुकलपक्ष की एकादशी तिथी
00:10को किया जाता है इस अफसर पर भगवान विश्णू के पद्मनाभ स्वरूप की आराधना करने का विधान है धार्मिक मानेताओं
00:17के अन
00:29से दस पीडियों तक के पूर्वजों का उद्धार हो सकता है एकादशी की पूजा के दोरान व्रत कथा का पाठ
00:36करना ये सुनना बहुत ही महत्वपून माना जाता है ऐसे में चली आपको बताते हैं पापांग कुशा एकादशी की व्रत
00:43कथा पुरानिक मानेता के अनुसार
00:45प्राचीन समय में विंद्य परवत पर क्रोधन नामक एक बहेलिया रहता था वो बड़ा कुरूर था उसका सारा जीवन हिंसा
00:53लूटपाट मदपान और गलत संगती पापकर्मों में बिता जब उसका अन्तिम समय आया तब यम्राज के दूत बहेलिये को लेने
01:02आए और यम्
01:14महर्शी अंगीरा के आर्श्रम पहुचा और महर्शी अंगीरा के चड़नों पर गिर कर प्रातना करने लगा हे रिशिवर मैंने जीवन
01:22भर पापकर्मी किये हैं किरपा कर मुझे कोई ऐसा उपाय बताए जिससे मेरे सारे पाप मिट जाए और मोक्ष की
01:29प्राप्ति हो जाए
01:30उसके निवेदन पर महर्शी अंगीरा ने उसे अश्विन शुकलपक्ष की पापांकुशा एकादशी का विधी पूर्वक वरत करने को कहा महर्शी
01:39अंगीरा के कहे अनुसार उस बहेलिये ने ये वरत किया और किये गए सारे पापों से छुटकारा पालिया और इस
01:46वरत प�
01:59पापांकुशा एकादशी की वरत कथा आपको जरूर पसंदाई होगे फिलाल हमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शुरन
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