00:03हिंदुधर में एकादशी का विशेश धार्मिक महत माना जाता है।
00:30मानिता है कि इस दिन वरत, दानपुन और भगवान विश्नु के नाम का इस्मरन करने से भगतों को विशेश पुर्नेफल
00:37प्राप्त होता है।
01:00उद्या तिथी के अधार पर 25 अक्टूबर को एकादशी कवरत रखा जाएगा।
01:04मैं बात करें शुब महुरत की तो ब्रह्म महुरत सुभा चार बच कर पचास मिनट से लेकर पाच बच कर
01:10अरतिस मिनट तक है।
01:11मैं अभिजीत महुरत सुभा 11 बच कर 42 मिनट से लेकर तो पहर 12 बच कर 28 मिनट तक है।
01:17बात करें पूजा विधी की तो एकादशी तिथी के दिन सुभा जल्दी उठकर स्नान करें और नहाने के पानी में
01:23थोड़ा सा गंगा जल मिला कर ही स्नान करें।
01:26साफ वस्त्र पहनें इसके बाद भगवान विश्नु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल प्लें।
01:32पूजा स्थान के साफ सफाई कर भगवान विश्नु की तस्वीर या मूर्ती को इस्थापित करें।
01:37उन्हें पंचाम्रित से अभिशेक कराएं। इसके बाद पीले वस्त्र पहनाएं।
01:41चंदन हल्दी का तिलक लगाएं और पीले फूलों की माला अर्पित करें।
01:45भगवान विश्नु को पंजीरे खेर पंचाम्रित का भोग लगा सकते हैं।
01:50भोग में तुलसी दल जरूर डाले।
01:52पूजा की दोरान ओम नमो भगवते वासु दिवाय मंत्र का जाप करें।
01:56इसके बाद विश्नु सहस्त्र नाम का पार्ट करें और अंध में दीपक जलाकर आरती जरूर करें।
02:01वहीं शाम के समय भी दीपक जलाकर भगवान विश्नु की पूजा करें आरती करें।
02:07और अगले दिन यानि की 23 ओक्टूबर को 12 शिती थी में पंचांग के अनुसार तैस समय पर पारण करें।
02:13उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी। फिलहल हमारी इस वीडियो में इतना ही। वीडियो को लाइक शेरेंट चैनल
02:19को सब्सक्राइब करें ना भूले।