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Papankusha Ekadashi Puja Vidhi 2026: हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पावन दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान विष्णु की आराधना करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस वीडियो में जानिए पापांकुशा एकादशी की पूजा विधि, शुभ पूजा मुहूर्त, व्रत के नियम और भगवान विष्णु की पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। पापांकुशा एकादशी पर पूजा कैसे करें और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है? जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।

Papankusha Ekadashi Puja Vidhi 2026: Papankusha Ekadashi holds great religious significance in Hinduism. This auspicious day is dedicated to Lord Vishnu and Goddess Lakshmi. According to Hindu beliefs, observing the Ekadashi fast and worshipping Lord Vishnu with devotion can help devotees seek forgiveness for their sins and blessings for happiness, prosperity, and peace.In this video, learn about the Papankusha Ekadashi puja vidhi, auspicious puja muhurat, fasting rules, and important things to keep in mind while performing the rituals. Discover how to worship Lord Vishnu on Papankusha Ekadashi and understand the religious significance of this sacred occasion.

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Transcript
00:03हिंदुधर में एकादशी का विशेश धार्मिक महत माना जाता है।
00:30मानिता है कि इस दिन वरत, दानपुन और भगवान विश्नु के नाम का इस्मरन करने से भगतों को विशेश पुर्नेफल
00:37प्राप्त होता है।
01:00उद्या तिथी के अधार पर 25 अक्टूबर को एकादशी कवरत रखा जाएगा।
01:04मैं बात करें शुब महुरत की तो ब्रह्म महुरत सुभा चार बच कर पचास मिनट से लेकर पाच बच कर
01:10अरतिस मिनट तक है।
01:11मैं अभिजीत महुरत सुभा 11 बच कर 42 मिनट से लेकर तो पहर 12 बच कर 28 मिनट तक है।
01:17बात करें पूजा विधी की तो एकादशी तिथी के दिन सुभा जल्दी उठकर स्नान करें और नहाने के पानी में
01:23थोड़ा सा गंगा जल मिला कर ही स्नान करें।
01:26साफ वस्त्र पहनें इसके बाद भगवान विश्नु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल प्लें।
01:32पूजा स्थान के साफ सफाई कर भगवान विश्नु की तस्वीर या मूर्ती को इस्थापित करें।
01:37उन्हें पंचाम्रित से अभिशेक कराएं। इसके बाद पीले वस्त्र पहनाएं।
01:41चंदन हल्दी का तिलक लगाएं और पीले फूलों की माला अर्पित करें।
01:45भगवान विश्नु को पंजीरे खेर पंचाम्रित का भोग लगा सकते हैं।
01:50भोग में तुलसी दल जरूर डाले।
01:52पूजा की दोरान ओम नमो भगवते वासु दिवाय मंत्र का जाप करें।
01:56इसके बाद विश्नु सहस्त्र नाम का पार्ट करें और अंध में दीपक जलाकर आरती जरूर करें।
02:01वहीं शाम के समय भी दीपक जलाकर भगवान विश्नु की पूजा करें आरती करें।
02:07और अगले दिन यानि की 23 ओक्टूबर को 12 शिती थी में पंचांग के अनुसार तैस समय पर पारण करें।
02:13उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी। फिलहल हमारी इस वीडियो में इतना ही। वीडियो को लाइक शेरेंट चैनल
02:19को सब्सक्राइब करें ना भूले।

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