00:00लेकिन देखो डॉबल इंजिनी सरकार की इंजिन की धीरे-धीरे कमजूरी हम देख रहे हैं डॉबल इंजिनी सरकार से धुआ
00:08निकलना सुरू है देखिए जो भी करे घटना घटने की बाद मैं तो कल भी कहा था कि यह हाथसा
00:17ताला जा सकता थे यह हाथसा टाले जा सकते थे �
00:21अगर सरकार सुरू से ही मतब ये सारे पूजा पंडल को वनुमति देने के पहले ही ये सारे चीजों को
00:31अगर संगान में रखते तो ये भायंकर हथा दरद्रिनाग हथा रिदा विदारक्ष हथा इसको टाला जा सकते हैं यह मैं
00:43मानके चलूगा अभी क्या हो रहा है सब कुछ �
00:46हो गए हैं मौत हो गए है वह इस कितने लोग जक्षमी हालत में अपने में जिन्दगी से जोज रहे
00:57हैं जान बचानी की और जैस करुंसरे जैंडल मौत
01:16तो मुझे सवाल यह है तो जब पहले ये घटना घटी थी तो क्या जूरुबा की हच्चियत से ये सरकार
01:25को और सतरकता बरातना चाहिए था
01:32और सरकार को कड़ी इंतिजाब करना जोरूरी थी अगर करते तो ये घटना को ताला जा सकता है
01:45को है करें कि डेंगे जाहां डाबल इंजिन सरकार उसमें एक है बोंबे दूसरा है कलकत्त मतफ़ मंगाल महरास तो
01:57समस्तों का निश्ची तब भूमते रहो सोते रहो खाते रहो कोई
02:11कि देखो सरकार की इंजिन की दीरे-दीरे कम जूरी हम देख रहे हैं डबल इंजिन सरकार से धुआ निकलना
02:20शुरू हो गया है जी मैं जब यहां पर आई तो विष्टी बारीस हो रही थी हलकाल का बारीस हो
02:26रही थी और बहुत सारे लोग पंडाल में इकटे थे मने बुलिं�
02:43पंडाल के अंदर से कोई भी पंडाल के दर से को UX निकलना चाहरीज थी क्योंकि बाहर में बारीस होного
02:47ही है हम लोग भीज जैंगे बाहर में भी जो पब्लीक लोग अब
02:52लाइन लगाये हुए हैं वो लोग भीज रहे थे उन लोग को लग रहा था कि अगर हम पंदाल के
02:56अंदर में एंट्री करते तो हम लोग भीज़ेंगे नहीं को लोग बोलिंडर को सिक्रेटी को ढखका देकर बेनिकेट को हटा
03:04कर ठाक्ट जोग अंदर में एंट्री किये अप �
03:08भीज़ें तो अंदर में पहले से काफी मित थी और दोनों पब्लिक लोग का जो भागम भाड़ हुआ उस भागम
03:16भाड़ का वज़ें से साथ वज़े के बाद से हैं यह सब साथ साथ वज़ें की बाद से हैं तैना
03:23थी पुलीश शेक्यूरेटी वोडियंटर्ट किसी की को�
03:31पब्लिक लोग सुनने के लिए तैयार नहीं पब्लिक लोग मने एलाउंस हो रही है कि किरपा आप लोग भीड खाली
03:37करिये ने तो दुरगटना इस भीड के बज़े से हो सकती है
03:43इस सब के पीछे जिम्मेदार पब्लिक है
03:51पब्लिक लोग सुन का रहे हैं पब्लिक लोग तो सुन नहीं हो लोग तो बोलिंडर लोग वोपर हाथ उठा रहे
04:00हैं
04:02पब्लिक लोग अपने आपको महान समझ रही है तो अच्छे जो बच्चे जो स्टैंपड में जिनकी जिसकी जान गई है
04:09वो जायतर बच्चे थे महिलाएं तो कौन थे वो अपने क्या देखा देखी हम तो ज्यादा तर माने हमने बहुत
04:18सारी लेडिसों का माने जो घाल लेड
04:34जोती हैं लोगो फास्टट दिये वह कपड़े फट गयते बहुत बुरी तेटी के कपड़े फट गयते इंसलिद्ध को फिर चेंज
04:43कर वाए बहुत दैरी तो को लोग बैठी हुई थी माने उनंसों मने भूस में नहीं थी उन लोग लग
04:49रहा था कि जैसे हम कैसे बचकर नि
05:00कि इंदर से घायलोगों को निकाला जा रहा था इस गेट से अउ दर से साइट जो मुनितक थे उदूसरे
05:10गेट से निकाले जा रहे थे इसलिए सुनने में तो हम साइट 15 लोग सूने थे घायल तो थे हम
05:19तो हाइल को देखे हैं 15 दो के बाद फिर तुरंद पंडाल को बंद कर �
05:26लिए गया था और फिर हम तो चले गए थे ना घायलों को देखने के लिए इस जगह से चले
05:31गए थे वह भीग जाएंगे इसलिए वॉलेंटियोर और रसी तोड के उलोग भीतर हुसे वॉलेंटियोर को उसका बात मी नहीं
05:38माने और रसी जो बैरिकेट दिया हुआ था वो तो�
05:56वॉलेंटियोर भीतर वॉलेंटियोर बहुत सारे थे पुलिस वैवस्ता वॉलेंटियोर प्रशाशान बहुत सकते लेकिन ये बारिस के बज़े से घटनाटों घटे
06:07और पब्लिक लोग बहुत चराव होगी है
06:10कितने लोग ये तो हम घायल हुए बीस से ज्यादा डेथ हुआ घायल करिबन सोज लिजे ना 35-45 आप
06:27लोग मदब के लिए आए थे ना आए थे पानी दिये घर में बैठाए किसी का किसी का लेडिस को
06:33तो कपरा भी फार गिया जितना हम लोग कर सकते तक किये वो लोग लोकल
06:39से या खिर कहीं नहीं बाहर से आये हुए थे पोई धूलोगण से कोई शांकदा से बाहर से वहानिंगुल से
06:45ही बहुत खरब लगाए इसे कई envy सकते s abundance की सामने हुआ सामने हुआ
06:53उससे में कैसा लग रहा था हम सोच भी नहीं सके कि हम लोग को पारा में ऐसे हो सके
06:59कभी बहुत खराब लगाता है चोरबगान हमारे लिए गर्प का चीज था चोरबगान है हम लोग का बेंगौली का इतिच्यो
07:07आज पूरा तूट गिया इतिहास काफी पुराना है बहुत प�
07:22पॉबलिक रोग सुनी नहीं रहा था एकदम ही नहीं सुन रहे थे भीतर में जो वॉलिंटियर तो उस लोग निकाल
07:28रहे थे सामने बालों को लेकिन और लोग नहीं सुन रहे थे उनको उपर चरा हो गी है
07:32माइक में बोला जा रहा था कि आप लोग इस तरीका से मत करिये घटना दुर घटना हो जाएगा और
07:38उस तरह में बरसात हो रही थी
07:49वहां से आठमी निकलने नहीं पा रहा था और यहां का आदमी दोर रहा था बरसाते भीजने के वाड़े वह
07:57एकित तोड़ के अंदर ढूग गया
07:59यह बोलेंटर लोग पुलिस लोग जो भी आदमी लोग है वो लोग कह रहे हैं कि अभी इम्मत ऐसे करिए
08:06लेकिन वो लोग कैसे धुके यह हावाज हमने सुना है और उसके बाद वो लोग अंदर धुके हैं उसके बाद
08:15यह सब घटना हुई है
08:20हमको पूरा सोलाना गलती दिखाई दे रहा है पबलिक का बारिस से बचने के लिए लोग इस तरीका से काम
08:30किये हैं अगर बारिस नहीं होती इतना बड़ा घटना इन लोगों का खुब बढ़िया इंतजाम था और चल रहा था
08:36तरीकिल लोग आट के सामने से गए को एक घटना हम धके चार थिन
08:42चार पांच अद्मी को डेके हैं रहा था कितने गया हंगનा य can
08:51हम नचार पांच अद्मी को डेके में थान्च पूछिः हैсти हम उसको खुट सुटन पांच खु़े हैं उसका नबज देके
09:06झाल झाल