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Indonesia’s stock market crashed on October 16, with the Jakarta Composite Index plunging 11.4% intraday, its biggest single-day fall since January 1998. Shares of major banks also fell sharply after global index provider MSCI proposed considering a downgrade of Indonesia from Emerging Market to Standalone Market status. But what triggered the sell-off? Why is MSCI raising concerns over share ownership transparency, suspicious coordinated trading and market regulations? Veteran banker Uday Kotak has called the episode a lesson for all emerging markets. Does this mean India’s stock market could face a similar risk?

16 अक्टूबर को इंडोनेशिया का शेयर बाजार 11% से ज्यादा टूट गया। Jakarta Composite Index में आई इस ऐतिहासिक गिरावट के बीच बड़े बैंकों के शेयर भी करीब 15% तक गिर गए। इस बिकवाली की बड़ी वजह ग्लोबल इंडेक्स प्रोवाइडर MSCI का वह प्रस्ताव है, जिसमें इंडोनेशिया को Emerging Market से Standalone Market में बदलने पर विचार किया जा रहा है। लेकिन MSCI के इस कदम का मतलब क्या है? शेयरों की वास्तविक Ownership, Free Float और Market Transparency पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? दिग्गज बैंकर उदय कोटक ने सभी Emerging Markets को इससे सीख लेने की सलाह क्यों दी?

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00:00एक देश का शेयर बाजार खुलते ही 8% गिर जाए, ट्रेडिंग रोकनी पड़े, कारोबार दोबारा शुरू हो तो गिरावट
00:0711% से भी आगे निकल जाए, और देश के बड़े-बड़े बैंकों के शेयर करी 15% तूप जाए,
00:14सुनकर एक निवेशक का दिल तो देहल जाएग
00:28जिसने वहां के शेयर बाजार की विश्वसनियता पर सवाल खड़े कर दिये
00:33लेकिन इसका भारत से क्या लेना देना है और हम ये वीडियो आपके लिए क्यू बना रहे हैं
00:38दिकज बैंकर उदे कोटक ने इस ख़बर को शेयर करते हुए सब ही emerging markets को इससे सीख लेने की
00:44सलाह क्यू दे दी है
00:45क्या भारत के शेयर बाजार पर भी खत्रा मंड़ा रहा है ये सब कुछ आज आपको इस वीडियो में बताएंगे
00:52सबसे पहले इंडोनेशिया की स्थिती देख लीजे क्या हुआ है वहाँ के शेयर बाजार में
00:57रॉइटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 16 अक्टूबर को इंडोनेशिया का जकार्टा Composite Index कारोबार के दोरान 11.4 फीसदी तक
01:06गिर गया
01:06यह जन्वरी 1998 के बाद सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट रही है
01:12बाजार खुलते ही करीब 8 फीसदी तूटा जिसके बाद 30 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी
01:17कारोबार दोबारा शुरू हुआ लेकिन बिक्वाली नहीं धमी
01:21बैंक सेंट्रलेशिया, बैंक राक्यात इंडोनेशिया और बैंक मंदिरी जैसे बड़े बैंकों के शेयर भी करीब 15 फीसदी तक तूट गए
01:29इंडोनेशिया की करिंसी रूपिया भी दबाफ में दिखा
01:33ये कमजोर होकर एक डॉलर के मुकाबले 18,070 रुपे तक पहुँच गया
01:38अब द्यान देने वाली बात ये है कि ये गिरावट ऐसे समय आई जब इंडोनेशिया का शेयर बाजार पहले से
01:44ही दबाफ में था
01:45रिपोर्ट के मुताबिक उस समय तक बाजार इस साल करीब 40 स्वीसिदी तक गिर चुका था
01:50लेकिन आखिरकार ऐसा हुआ क्या कि बाजार में इतनी बड़ी बिक्वाली शुरू हो गई
01:55अब इसके पीछे का एक मेजर रीजन MSCI का एक प्रिस्ताव दिखाई दे रहा है
02:16हाला कि अभी इंडोनेशिया गो फाइनली बाहर नहीं किया गया है
02:20MSCI ने इस पर सुझाव मांगे है
02:22फीड़बाक देने की लास्टेट 30 अपरेल 2027 है और फाइनल फैसला आएगा 30 जून 2027 तक
02:29लेकिन MSCI ने जो चुनताय जताएं वो काफी गंभीर है
02:33उसके मताबिक इंडोनेशिया के बाजार में शेयरों की actual ownership को लेकर अभी clarity नहीं है
02:40संदिक्ट, coordinate, trading और नियमों के प्रभावी प्रवर्तन को लेकर भी सवाल है
02:45यानि global investors के सामने सवाल है कि किसी company के stocks के असली मालिक है कौन
02:50बाजार में दिख रही trading कितनी transparent है और शेयरों की कीमत कितनी भरोसे मनतरीके से तै हो रही है
02:57यहाँ free float को भी समझना जरूरी है
02:59किसी company के सभी share खुले बाजार में खरीदने बेचने के लिए available नहीं होते
03:04प्रमोटर और कुछ permanent investors की हिस्तिदारी हटने के बाज जो share आम निविशकों के लिए available होते है
03:11उन्हें free float समझा जाता है
03:13अब global fund के लिए सिफ company का बड़ा market cap होना काफी नहीं है
03:17उसे ये भी भरोसा चाहिए कि actually sufficient share खरीदने और जरूरत पढ़ने पर बेचने के लिए available होंगे
03:25इंडोनेशिया ने share holding के जानकारी बहतर बनाने और minimum free float 15% करने जैसे सुधारों का road map
03:32गोशत किया है
03:32लेकिन MSCI का कहना है कि सिर्फ announcement काफी नहीं है
03:37बाजार में actually सुधार और उनके प्रफाव का result भी दिखना चाहिए
03:42अब सवाल ये कि MSCI के फैसले से इंडोनेशिया का बाजार क्यों हिला
03:47तो देखिए MSCI
03:48पैच
03:48अब सवाल ये कि MSCI के फैसले से इंडोनेशिया का या किसी भी emerging market का आखिर index कैसे हिल
03:56जाता है
03:57क्यों ये बाजार हिल जाते है
03:59MSCI ऐसे index बनाता है जोना दुनिया भर के निवेशक benchmark की तरह इस्तमाल करते हैं
04:04कई passive fund और ETF इन ही index को track करते हैं
04:08मान लीजिए कोई fund MSCI के emerging market index के मताबिक निवेश करता है
04:12अगर इंडोनेशिया उस index से बाहर हो गया है
04:15तो fund को भी अपने portfolio में बदलाफ करना पड़ेगा
04:18ये किसी भी emerging market पर apply होता है
04:21या किसी भी तरीके की market पर apply होता है जो MSCI index में है
04:25अब इससे MSCI में invest करने वाले किसी भी fund के portfolio में आने वाले विदेशी निवेश घटने के आशंका
04:33पैता होती है
04:34बाजार possible बिक्वाली का अनुमान पहले ही लगाने लगता है
04:37इसी वजह से final फैसला आने से भी पहले बड़ी गिरावट देखने को मिल जाती है
04:42और यही कारण है कि भारत के दिगज बिजनसमान उदय कोटक भी इस पूरे सेनारियो को
04:49emerging markets के लिए एक lesson बता रहे हैं
04:52सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके उन्होंने भारत को भी चितावनी दे दी है
04:57यह सोशल मीडिया पोस्ट काफी वाइरल हो रहा है
05:00लेकिन उदय कोटक की चितावनी का यह मतलब नहीं है कि भारत को भी MSCI डाउन ग्रेड करने वाला है
05:06फिलाल यह परस्ताव इंडोनेशिया से जुड़ा है भारत से नहीं
05:09फिर भी भारतिय बाजार के लिए इसमें एक बहुत important lesson है
05:13MSCI की जून 2026 की market accessibility analysis में भारत के लिए विदेशी निवेश की सीमाओं और foreign room से
05:21जुड़ी चुनोतियों का जिक्र किया गया है
05:24रिपोर्ट की माने तो सेक्टर के हिसाब से विदेशी निवेश की limit भारतिय एक्विटी बाजार के 10% से जादा
05:30हिस्से को प्रभावित कर रही है
05:32उस पर असर डाल रही है
05:34foreign room का मतलब है कि किसी कंपनी में विदेशी निवेश की ज्यादतर सीमा के मुकाबले अभी कितनी गुणजाईश बची
05:40है
05:40For example, किसी कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 74% है और विदेशी निवेशक पहले ही 72% हिस्सेदारी
05:48रखते है
05:49तो आगे निवेश की गुंजाईश limited रह चाहेगी
05:52हाला कि भारत में ये problem इंडोनेशिया में उठे ownership और संदिक ट्रेडिंग के सवालों से अलग है
05:57दोनों देशों की situation एक जैसी मानना सही नहीं होगा
06:01भारत के लिए फिलाल तीन बातें हैं
06:03पहली शेयर होल्डिंग के आंकडों के साथ actual ownership भी transparent होनी चाहिए
06:08दूसरी भारत में गड़बडियों को रोपने के लिए नियम बनाना काफी नहीं है
06:13उनका प्रभावी तरीके से पालन करना भी important है
06:17तीसरी विदेशी निवेशकों के लिए बाजार में निवेश करना शेयर खरीदना और जरूरत पढ़ने पर पैसा निकालना आसान हो जाना
06:25चाहिए
06:25एक सवाल और क्या इंडोनेशिया से विदेशी निवेश निकलता है तो भारत को फायदा होगा
06:30देखे मुम्किन है नेकिन इसकी कोई guarantee नहीं है इंडेक्स में भारत का सपेक श्वेट बढ़ने का मतलब ये नहीं
06:37है कि उतनी ही रकम भारतिय बाजार में आ जाएगी
06:40यानि MSCI इंडेक्स में अगर भारत का weightage बढ़ जाता है तो ज़रूरी नहीं है कि वो रकम भारत के
06:46बाजार में आती दिखेगी
06:47ये related इंडेक्स और उसे track करने वाले fund के फैसलों पर depend करेगा
06:52आम भारतिय निवेशकों के लिए इस खबर का मतलब घबरा कर share wage देना बिलकुल नहीं है
06:57असली सबक ये है कि बाजार में तेजी, कम्पनियों की कमाई और attractive valuation के साथ-साथ
07:02transparency, free float liquidity और corporate governance भी उतने ही ज़रूरी होते हैं
07:07क्योंकि global निवेशकों के लिए सिर्फ पैसा कमाने का मौका नहीं, बलकि अपने निवेश पर भरोसा और जरूरत पढ़ने पर
07:13उससे बाहर निकल पाने की capability भी माइने रखती है
07:16इंडोनेशा की गिरावट इसी बात का अलर्ट है
07:19तो भारतिय बाजार के सभी निवेशकों के लिए ये lesson जरूर हो सकता है
07:23और इसलिए हम इंडोनेशा के बाजार की इस्थिती आपके सामने इस वीडियो के तहत लाएं है
07:27लेकिन अपने बाजार पर भरोसा रखना बेहद जरूरी है
07:31और बाजार पर भरोसा रखने के साथ साथ
07:33फाइनांशल एडवाईजर की राय के साथ निवेश करना
07:36अपने रिस्क को अनलाईज करना
07:38और अपना डियू डिलिजन्स करना भी उतना ही जरूरी है
07:41क्योंकि आपकी जमापूंजी पर सबसे ज्यादा
07:44सबसे बड़ा हक भी आपका है और जम्मेदारी भी आपकी ही है

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