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  • 7 minutes ago
मंडी: हिमाचल प्रदेश की पहली बागवानी मोनो रेल जल्द दौड़ने वाली है. इस प्रोजेक्ट का सफल ट्रायल हो चुका है. मंडी जिले के सुंदरनगर के पलौहटा में बागवानी मोनो रेल का 300 मीटर ट्रैक का काम पूरा हो चुका है. पहले फेज में एक किलोमीटर का ट्रैक बनाया जा रहा है. यह पायलट प्रोजेक्ट बागवानी क्लस्टर में फसलों और कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिए है. एचपी शिवा परियोजना के तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से एक किलोमीटर लंबा पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है. जिसको लेकर बागवानों में खासा उत्साह है. मोनो रेल के जरिए क्लस्टर में तैयार फलों के साथ कृषि उत्पादों को भी आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकेगा. इससे पहाड़ी और ढलानदार बगीचों से फसल को सड़क तक लाने में बागवानों को राहत मिलने की उम्मीद है. क्षेत्र के किसानों-बागवानों में इस प्रोजेक्ट को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. आईआईटी मंडी के मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने इस मोनो रेल की तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की है जिसके बाद ही यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ है. इस प्रोजेक्ट की तर्ज पर अन्य क्लस्टरों में भी मोनो रेल स्थापित होने की उम्मीद की जा रही है. पलौहटा-2 क्लस्टर फल उत्पादक एवं विपणन संघ के अध्यक्ष मुनीश शर्मा ने बताया कि इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने विशेष रूचि दिखाई है. उनका क्लस्टर 21.5 हेक्टेयर में फैला हुआ है. प्रारंभिक तौर पर एक किमी एरिया में मोनो रेल को चलाने पर कार्य किया जा रहा है. लगभग 300 मीटर ट्रैक का काम पूरा हो चुका है और इसका सफल ट्रायल भी किया जा चुका है. इन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस परियोजना के विस्तार को हरी झंडी देगी और इसे पूरे क्लस्टर में लगाया जाएगा.इस मोनो रेल के प्रोजेक्ट को धरातल पर उतार रहे डिस्ट्रिब्यूटर तेजेंद्र सैनी ने बताया कि ऐसा प्रोजेक्ट का काम करना उनके लिए भी एक यूनिक अनुभव है. इसका सामान विभिन्न स्थानों से मंगवाकर इस कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

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00:06Bhool Jaiye Kooli, Bhool Jaiye Majduroh Ka Kharch
00:10Bhool Jaiye Voh Dinn, Jab Peet Ppar 50-50 Kilo Sip
00:14Kinnu Dhotet Dhotet Bagwano Ki Kama Tutoot Jati Thi
00:17Himachal Ke Paharo Par Ab Aek Aisii Rail Chalegi
00:21Jis Nen Bagwani Ki Duniya Me Tahalka Machea Diyah Hai
00:29H.P. Shiva के थूँ, जो ये cluster हमारे गाउं में लगा है
00:33इसमें सबसे बड़ी समस्या जो हमें देख रही थी
00:36वो transportation को लेकर थी
00:38क्योंकि इस पूरे cluster में सब जगा रोड की उपलबता नहीं थी
00:42इसमें input और output के लिए जैसे किसान, खाद और गोबर
00:47जो किसान अपने खेतों तक ले जाना जाएंगे उसकी समस्या थी
00:50बाद में जब produce निकलना शुरू होगा, fruit निकलना शुरू होगा
00:55उसको safely बगीचे से बाहर निकालना एक बहुत बड़ी समस्या हमारे सामने थी
01:00इस मोनोरेल के चलने से किसान अपना तयार माल तुरंत मुखिसरक तक सुरक्षित पहुचा सकेंगे
01:06और उन्हें अपनी फसल के अच्छे दाम मिलेंगे
01:09जरा सोचिए, 45 डिग्री का वो खतरनाक धलान जहां से जरा सपैर फिसला तो सीधे खाई
01:16उसी धलान पर पांच क्विंटल माल लाद कर ये मोनोरेल बिना सासे फुले उपर नीचे माल धोएगी
01:22तो हमने जैसे कोरिया, इंडोनेशिया, चाइना यहां संपर करके इसके बारे में जान करी ली और सरकार को इसके बारे
01:31में आवगत कराया
01:32इसके लिए बागवानी मंतरी शुर्जागा सिंग नेगी का विशेश रूची रही, उन्होंने बहुत इसके उपर फोकस किया और इसको इतने
01:43कम समय में हमारे प्रजेक्ट को पास किया
01:46ये करीब एक नमटर तक का सेंपल लिया कहें पाइलिट प्रजेक्ट है, यदि ये सकसिस्फुल रहता है अपने परपस को
01:54परपस में तो मुझे उमीद है कि इसके एक्स्पेंशन के लिए सरकार हमारे और भी सायता करेगी
01:59इन मोनो रेल को चीन से इंपोर्ट करके मंगवाया गया है, 20 लाग की लागत से एशन डेवलाप्मेंट बैंक, ADB
02:06और HP शिवा प्रोजेक्ट ने हिमाचल के बागवानों को ऐसा हथियार दे दिया है जिसने सदियों पुरानी दुलाई की समस्या
02:14का काम तमाम कर दिया है
02:15इस रेल के आगे 9 होर्स पावर की मोटर है और ये एक साथ 500 किलो का वजंड हो सकती
02:21है और 45 डिगरी की धलान पर भी ऑपरेट कर सकती है
02:47बागवानों को इससे बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि उन्हें तैयार सेथ किन्नू और अन्य फलो की ढुलाई के लिए मजदूरों की
02:54राह नहीं देखनी पड़ेगी
02:56ये मोनो रेल कई दिनों का काम कुछ घंटों में खत्म कर देगी
03:00इसका निश्ची तरो पर खिसानों बागवानों को फाइदा मिल गया क्यूंकि जैसा कि आप देख रहे हैं एक हीली अरिया
03:05है यहां पर अगर हम लोग सड़क निकालने की सोचते भी तो सभी सायदे संभव नहीं हो पाता कि हर
03:11खेट तक सड़क पहुंचे
03:12लेकिन जहां तक मोनोरेल का सबंद है इसको हम कहीं भी ले जा सकते हैं आसानी से और इसमें जो
03:18ट्रांसपोर्टेशन होगी उसमें जैसे हमारी पेटी पैक को करके आएगी जपानी की बिल्कुल सेफली आएगी आराम से आगी किसी किसम
03:24सा इसमें कोई डैमेज नहीं होगा �
03:26अगर डैमेज नहीं होगा तो रेट अच्छा मिल गा रेट अच्छा मिलेगा तो निस्षी तवार किसानों की जेब भरी रही
03:31इस से जो है हमारा प्रशिमन ब्रक्षित तरिके के साथ ट्रांसपोर्टेशन उसरती है इसकी और जितने मेनत और लगन के
03:42साथ किसानों ने किया
04:21अगर यह पाइलिट प्रोजेक्ट सफन रहा तो यह आने वाले समय में में मेल का पत्थर सावेथ होगा तो निस्षी
04:26तरिके के साथ किसानों ने किसानों की किसमत को बदल पाएगी
04:26इटीवी भारत के लिए सुंदर नगर से नितेश सैनी की रिपोर्ट

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