00:02सेंकडों मरी हुई मचलिया पाई गए मुंबई के बाण गंगा में
00:05रिपोर्ट्स का दावा है कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान थाद्य और दूसरी जैविक सामगरी पानी में जाने से
00:10पानी में ऑक्सिजन का स्थर कम होने की बात सामने आई जिससे मचलियों की मौध हुई
00:14आप नदियों की पूजा करते हैं अपनी नदियों का हाल देखिए और यूरोब चले जाएए या किसी और जगह जहां
00:20नदी को बस नदी माना जाता है बहता पानी
00:22वहां ऐसा है कि आप नदी में से पानी पी लिजिए तो यहां ऐसा है कि आप वो छूबी दें
00:26तो आपको चर्म रोग हो जाए जो इस तरीके से प्रदर्शित करके पूजा नहीं करते
00:31वो प्रक्रतिक के प्रतिक कहीं ज्यादा समवेदनशील है लोग
00:34हम पूज रहे हैं बिना समझे जो हमारी धार्मिक्ता है पूरी उसमें ज्यान कहीं नहीं है उसमें समझदारी कहीं नहीं
00:41है भारत में नदीयों के विशेशकर प्रदूशन का एक बहुत बड़ा जो कारण है वो रिलिजियस है
00:46पूजने से पहले पूछना पड़ता है कि बात क्या है हम भीतर से बिलकुल मैले हो चुके हैं इसलिए बाहर
00:51कुछ भी मैला करने में हमें कोई संकोच नहीं होता मैला देख के हमें कोई दुख नहीं होता