00:00ये राजया की कहानी में आशिक था ये लड़की का पर फिर सारी उर्जा जा करके उसने उसी पर केंद्रित
00:06कर दी और नहीं मिली तो क्या हुआ वो फकीर बन गया क्योंकि अब कुछ बचा ही नहीं चाहने के
00:12लिए अब ये नहीं कर पाएंगे कि ये नहीं तो ये सई अब यही
00:16यही था यही था सौ प्रतिशत सब इसी पर जान लगा दी थी अब यह नहीं है तो फिर अब
00:20कुछ नहीं है वो फकीर हो गया हमारा काम क्या मक्खी वो यह यदे छिछोरे होते हो जब लड़कियों का
00:27जूण जा रहा हूँ छोटे शहरों में होता उनका पीछा करेंगे आट
00:32दस जा रही है उनसे पूछो कौन सी वाली हो कहेंगे कुछ पका नहीं कुछ भी हो जाए कोई भी
00:37एक दो तीन पाँच कहीं से हरी जंडी आ जाए सब कुछ चाहिए और नथिंग इन स्पेसिफिक नोबडी इन पर्टिकुलर
00:44हमारी ये हालत है चिछोरे बंदा वो चाहिए �
00:48जिसको यात और कुछ नहीं चाहिए या फिर जो चाहिए वो न मिले तो तूटी जाए हम तूटते हैं पंदे
00:55तूटने नतला वहांकार का तूटना और किसी का और क्या तूटने घड़ी तूटने की बात हो रही है हम तूटते
01:00नहीं