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SIR Controversy के बीच विपक्षी एकता पर भी सवाल उठने लगे हैं। Rahul Gandhi के नेतृत्व में Congress लगातार SIR और Election Commission के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही है, लेकिन CJP और AAP के रुख ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। SIR Protest को लेकर विपक्षी दलों के बीच मतभेद की चर्चा तेज है। इस वीडियो में जानिए Rahul Gandhi, Congress, AAP, CJP और SIR Controversy से जुड़ा पूरा विवाद। Gyanesh Kumar, Election Commission, Vote Chori और Opposition Unity का मुद्दा इस राजनीतिक लड़ाई को और बड़ा बना रहा है। दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच INDIA Bloc की रणनीति और विपक्षी दलों के अलग-अलग रुख को भी समझिए।

The SIR controversy has triggered fresh tension within the Opposition. While Rahul Gandhi and Congress continue their protest against the Election Commission and Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, the position of parties like AAP and CJP has added another layer to the political battle. The SIR issue is now being discussed not only as an election-related controversy but also as a test of Opposition unity. In this video, we explain the growing differences, Rahul Gandhi’s strategy, Congress’s position, AAP’s stand, Gyanesh Kumar, the Election Commission and the larger political fight surrounding SIR and Vote Chori allegations.

#SIRControversy #RahulGandhi #SIRProtest #Congress #AAP #CJP #GyaneshKumar #ElectionCommission #VoteChori #OppositionUnity

~PR.540~HT.408~ED.108~GR.508~VG.HM~

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00:00अनिल जी विपक्ष की एक्ता को लेकर भी बात हो रही है, आम आदनी पार्टी के बहुत सारे नेता राहुल
00:06गांधी के इस फैसले से खुश नहीं है कि वो और उनकी पार्टी खुद को ही केंद्र में रख रहे
00:12हैं हर मुद्डे के, उनका कहना है कि जब कोई मुद्दा सीजे
00:29उनको मिले, लेकिन सरकार ने आधिकारिक तोर पर बात तो सीजेपी के परोक्ताओं से ही की थी, इस वाले मामले
00:36में भी सीजेपी का कहना है कि दस स्तारिक को हम करने जा रहे हैं, बड़ा विरोध प्रदर्शन मुंबई में
00:42हमने कर भी दिया है पहले, अब राहुल गांधी
00:57उनको हटा देते हैं, दबा देते हैं या उन्हें कमतर करने की कोशिश करते हैं।
01:48तो फिर आनिल जी, आपकी मांग, गैनिश कुमार का स्तीफा है, आपकी मांग है के साई यार जो भी जिन
01:56डाज्यों में हुआए,
01:57उन्हें रद किया जाए, इसकी जहाँ छो की किस तरह से किया गया था, नाम क्यों काटे गए।
02:01यही मुद्दा यही मांग, सीजेपी का भी है, सीजेपी को अकरो जन्ता पार्टी की भी यही मांगे हैं।
02:06तो क्यों नहीं आप सब एक साथ आ जाते, जैसे आपके साथ 19-20 विपक्ष के दल हैं, वैसे सीजेपी
02:12को लोग भी आ जाएं।
02:13सब एक जूट रहेंगे, तो मुद्दे को जादा प्रभावी धंग से रख पाएंगे, सरकार पर अधिक दबाव बना पाएंगे।
02:18अलग-अलग क्यों है राहें।
02:20बिल्कुल गोलग से।
02:22दिखिए, हर व्यक्ति का प्रोटेस्ट करने का अपना तरीक है।
02:35तो नहीं बात है, साथ और आख नंबर के फॉरम भरी जाते हैं, यह सामा ने प्रक्रिया है, यह नहीं
02:45आपना जर्णपद में रहते हो, जर्णपद को छोड़के दूसरी जर्णपद में चले गए, यह उनका बाट बलाव बगल गया, उन
02:51जगे से उनका वोट कटके दूसर
02:56जाएगा, जो महिला साधी सुदा है, साधी जिसकी हो जाती हुआरे पर प्रक्रिया है, यह सामाने प्रक्रिया है, लेकिन 2003
03:08से पुरानी ऐसा आई यार से मैपिंग करने का फुल कोलम राती संविदान में नहीं है, यह जब आए, आपके
03:17आमादी पालिटी के ही बेक्ती ने �
03:19जब आए, आटियर जालकर मांगा गया तो तो आपके ग्यानेश कुमार जी के प्रमुक जो उनके बेवस्ता देखने वालों ने
03:30वो साथ यह जवाब यह हमको पता ही है, यह कहां से हो तो निर्वाचन आयों क्या आख मूंद कर
03:35बैठा, क्या बेवस्ता की, जब उनके साथ क
03:41दो चुनावाइक के और सवाल अगर ख़ड़ा करते हैं तो मुक्त चुनावाइक के आख में इतनी श्वर्म नहीं है कि
03:48वो सहीं जवाब देपाए, आकेले फैसरे लेने का हिस्तियत कहां से है, जब तीन की कमेटी होती है, तो तीन
03:53लोगों के सहमती होती है, या दो लोगों
04:09करते हैं जो पुरानी है साइया के हिसाब से तुब आपने इलक्शन कर रहा है, रंद कर गिये ना उने
04:13लेक्शन को, रंद कर दिये, दो जब चौबीस के चुनावाइक को, अगर सही माने में साथ में राउन तक, नरिल
04:22मोदी जी का इलक्शन की सो होता गया, कि साथ में रा�
04:39उनके ही लोग सबा छेत्र में ये कारकम चल रहा है, और उस कारकम में नितिन नवीन जी पच्चीस में
04:49भर्स की, जो भर्सगांट मना रहे हैं, वह पबलिक नहीं है, पबलिक नहीं है, इनको छोड़ दिया, कुसिया खाली पड़ी
04:57है, मंच पर नेता लोग नहीं है, यूप
05:09आपको लगता है कि 2024 के बाद से एक बड़ा बदला उनके अंदर आया है, 19 में वह मेठी हार
05:15गए थे, इसलिए हो सकता है, आत्म विश्वास में उनके कमी आई हो, लेकिन 2024 में तो दो जगह से
05:18जीत गए, वाइनाड और राइबरेली, दोनों जगह से बड़े अंतर से जीते ह
05:22हैं, और उसके बाद से अब हम देख रहे हैं कि राहूल गांधी किसी भी मुद्दे को उठाते हैं, तो
05:27रुकते नहीं हैं, जैसे पहले हमने देखा कि एक मुद्दे को कुछ समय तक उठाते थे, फिर छोड़ देते थे,
05:31राफिल वाला मामला खूब उठाया, चुनाओ खत
05:48आ रहेंगे, विपक्ष का हमासानी सुनाव जीच जाएंगे, वही राहूल अब मुसीबत बन गए हैं, क्या आपको नहीं लगता, राहूल
05:55के अंदर ये बदलाव आने की वजहें आपको क्या-क्या नजर आ रही हैं, और क्या सरकार की गले की
05:59फास बनते जा रहें, और दू
06:18क्योंकि मांग सबकी एक ही है, तो आपको नहीं रहता है ये अंदलन और बड़ा हो जाएगा?
06:49नहीं रहें पूरा के फूरा एकसं बैठाला और उसकउंबींेसिन के साथ जोरो याथ की हो 15 अजरो एक बार्र दोमेंर
07:09प्रोग्मांडी के अच्छे रहे
07:12successful रहे लोगों को जुड़ाओ बड़ा और लोग जुड़े कॉंग्रेश के साथ ये बड़ी चीज़ है और अगर नहीं चुड़े
07:18होते है तो आप एक चीज़ देखे
07:42और यह सब इस्ट्रुएंट यूनियन वगरे जुड़ेंगे और मैं गारंटी के साथ कह रहा हूं कि जब यह आंदोलन कीज़ेपी
07:48का होगा तो इसमें एबी बीपी के लोग भी आपको देखने को मिलेंगे क्योंकि देखिए ऐसा है चात्र जो होता
07:54है हम लोग भी चात्र ने
08:12अच्छी बात कही कि अगर यह सारे एक साथ आ जाएं तो आंदोलन को धार मिल जाएगी लेकिन आप एक
08:17चीज़ देखिएगा कि सीजेपी ने अपना जो आंदोलन किया वह सांदोलन में पॉलिटिकल लीडर से आई इन्वाल्व हुए लोग राज्जितिक
08:25दलों के लेकिन �
08:27लीडर से वो ड्राइविंग सीट पर सीजेपी के लोग रहे और वो सक्सेज हुए तो मुझे लगता है कि अगर
08:33युगाओं के हाथ में बांग दोर रहेगी तो उसका मैसेज देस्ट में दूर तक ज्यादे प्रवावसाली तरीके जाएगा बजाए इसके
08:40कि कोई पॉलिट
08:57कालखंड में जबसे प्रधानमंत्री हमारे मोदी जी बने हैं और उनके बनने के वास्ति ये सितिया देखी है देश में
09:04कि सरकारें भंग की जाती थी 356 का प्रयोग होता तो खूब हुआ ठीक है लेकिन ये कभी नहीं देखा
09:11कि सब सत्ताधारी दल सरकार चला रहा है गठब
09:27सब्किर्णड के सांसर कार बनाई महारस की आपने रातो रात अनके विदयाइक तोड़ने के बाद उनको वांते सूरत ले जा
09:34रहा है सूरस ते गौहाती ले जा रहे है
09:36ये सब प्रिक्रियाएं कहीं भी जाए कोई भी दल करे लोकतंत्र की शकल को विक्रत करने का काम करती है
09:43और ये नहीं होना चाहिए इसी तरीके से हम लोगों ने मत्रदेश में देखा यही हालात करनाटक में भी बनाएगे
09:50थे तो ये जो चीजें चल फिर आप देखें तो चं�
10:05पर प्रहार था और बाबजुद इसके उस सुनाव अधिकारी को कोई सजा नहीं मिली तो इससे क्या होता है कि
10:11जब आप दंडित नहीं करते अपराद में दंड का प्राबधान क्यों है इसलिए है कि जो आदमी अपराद कर रहा
10:17है इसको जब हम दंड देंगे तो बाकी लो�
10:34चिने होगा इस प्राबधान को लाने की जरूत भारती जंता पाटी को क्यों पड़ी ये मैं आज तक समझी नहीं
10:40पा रहा हूँ तमाम देगे इसेपर हम लोगों कि छर्चा मuana के सरकार के लोग ये नहीं बता पा रहे
10:48हैं कि आकिर इस इमिल्टी देने कि पीछे मंसा क्या इ
10:52क्यों दी गई है इमुनिटी क्या कारण है यह बड़ा एक प्रस्ट नहीं जिसका जवाब आज तक कहीं नहीं किसी
10:59बंज़ पर नहीं मिल पा रहा है
11:00मैं समझता हूँ साइद हमारे भाई अविरल मलिक जी जवाब दे दें कि क्या जरूत पड़ी थी कि क्यों इमुनिटी
11:06जी गई है क्या निसको मार पास
11:08उनी के पास सलते हैं डॉक्टर अविरल मलिक जी के पास मलिक जी पहला तो नविन दूबे जी ने जो
11:13आप से सवाल किया उसका जवाब देजिए और मेरा एक आखरी सवाल होगा वो ये कि यूपी चुनाओं में भी
11:19कहा जा रहा है कि असर देखने को मिल सकता है
11:2124 वाली जो एक तसवीर देखने को मिली थी हमें उसका एक बड़ा रूप 27 में भी देखने को मिल
11:27सकता है 24 में तो सिर्फ एक नाराचला था समिधान बचाओ का और आप लोग तैती सीटों पर आ गए
11:32थे इस बार तो बहुत सारे मुद्दे हैं उत्तर प्रदेश के अपने अ
11:54सरकार बनी और केंद में 2014 सरकार बनी हमने काम किया हमारे रिपोर्ट काड़े उसके आधार पर जनता के पीछ
12:04गया था
12:04जहां तक विशा है 2024 के प्रकड़ का तो निश्चत रूप से बिल्किल इस पाल्ट है जो नतीचे थे सब
12:10के सामरे थे उसमें कुछ भानवाली बात नहीं है यह लेकिन सचाई है किस मुद्दे के आधार पर विपोप्ष ने
12:18चुनाब लड़ा था और वो कितने फीसाद सत्त
12:26उसमें किसी रूप में कोई लॉजिक नहीं था इन्होंने का सविदान सवाप्त कर दिया जाएगा सविदान की मूलभागा परिवर्तर कर
12:32दिया जाएगा
12:34अगर हम हो गए तो सम्मिधान को बदल देंगे यह कुछ भाजपा के बर स्टेटाओं ने कहा आपने उन पर
12:41कोईटी करते प्रियाक्टी पाटी में नहीं
13:05सवाल किया था सवाल यह किया था कि कानूनी रूप से
13:12क्यों कवच परदान किया गया है ग्यानिश्कुमार को सरकार के द्वारा इसके पीछे की क्या मनिशा थी ग्यानिश्कुमार कुछ भी
13:20गलत करेंगे तो उन्हें दिक्कत नहीं होनी चाहिए बहुत सी बातें
13:37सब्सक्राइब के सब्सक्राइब के सब्सक्राइब करते हैं
13:55अनियर्दी जब जब आपकी सरकार रही वो भी इसी चुझावायों ने इलेक्शन कंड़क्ट कराएं और आपकी सरकार बनी इस चीज़
14:01को आप याद रखें
14:10आपको गलत कराना था जो चंत्र की हाथ्या करानी थी इसलिए आपने प्रोटेस्ट की यहाथ्या जब की गई
14:19उननीस सो पिछत्तर से सब्सक्राइब के मद्दे में आप आप आप आप लग्रार मली जी बहुत ज़्यादा इतिहास लें नहीं
14:24जाते हैं समय की कमी है
14:33आपको क्या लगता है यूपी में आपकी पार्टी जोरो सोरो से त्यारी कर रही है सपा के साथ गरबंधन की
14:38बाते होती है
14:38लेकिन आपसी टकराओ भी देखने को मिल रहा है सारणपूर के सांसर इमरान मसूत लगता रखले शादो पर हमला बोलते
14:44रहते हैं कि जल्दी सीट बटवारा कर दो
14:46राजिन पाल गौतम जो प्रभारी हों कहते हैं कि कम से कम 200 सीट तो मिलनी चाहिए बात बराबरी की
14:50होगी आदे आदे की होगी
14:52तो वहाँ पर आपके अलग मसले हैं सपा के साथ सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है नेताओं के बिज
14:58बयानों से तैसा लग रहा है आपको क्या लगता है राश्टी असकर पर दिल्ली में जो कुछ प्रदशन हो रहा
15:03है जिसमें सपा भी सामिल है खलिश आदो भी कल दिखे थे
15:05उसका असर यूपी की जमीन पर भी दिखेगा क्या यूपी के चुनाओं में भी युवाओं की आबादी बड़ी है वो
15:13रूची लेंगे और उसका असर यूपी के बद्दाताओं पर पड़ेगा आज की मुद्देगा
15:18बैभाग जी देखे मैं आपको पहले बाता दू इंडिया गठवन ने जब से बना है हमने गठवन धर्ण को निभाया
15:27और आपसी भाइचारे के साथ अगरा हमने जुकना दी पड़ा तो हमने जुक कर धर्ण को निभाने का कम कहीं
15:35भी कोई भी किसी तरह की वेमनस्ता हम लो
15:46एक एक कार करता उसको शिरोबहरी करते उसका पूर्ते पालन करता हमने चार्सो तीन विधान समा सीटों पर तैयारी करने
15:57का मतलब बिल्कुल इस पस्ट है कि जहां हमारे गठवन धर्ण के साथ ही अगर प्रत्यासी के रूप में होंगे
16:02तो हमको उनको भी चुनाब लड़ा
16:05प्रत्यासी के तो हमको चुनाब लड़ाना था, यし डाका संदेश बिकास का संदेश और इस जनता के भले का संदेश
16:18लेकर जाना है
16:18और इतके सी तरह से भी सरकार प्माला है.

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