00:00खिलाडी होने का मतलब है कि पूरी दुनिया खुल गई है आपके लिए पहली बात तो जनता आपको जानती है
00:06और दूसरी बात अगर आप अंतरराश्ट्री ये इस तर के एथलीट हैं तो भीतर आपने अपने कुछ जगा लिया होता
00:16है आप संघर्ष करना जानते हैं आप ज�
00:29जूजते देखना चाहता है और अगर आप जूज होगे तो मेडल आ जाएंगे किस मंच पर आहेंगे किस पोडियम पर
00:37मिलेंगे किस तरीके से मिलेंगे उनका रूप रंग बदलता रहता है जूजना जरूरी है सही संघर्ष जरूरी है सही संघर्ष
00:48सही परड़ाम अपने �
00:59बना करके में महनत कर रहा हूं कि मुझे अपने भीतर कोई कमजोरी पता चली है
01:05मैं उस कमजोरी को ओटाओंगा मुझे यह देखना एकि मैंने जो पिछली लडाई
01:10लड़ी थी मैं इस लड़ाई में उससे बहतर हुई कि नहीं हुई तो मेरा बस
01:16नहीं चलेगा ना रफरी ने वहाँ पर कोई निर्णे ले लिया मैं क्या करूँ
01:20सामने वाली खिलाडी उसका कितना वज़न है उसाथ सो ग्राम नीचे निकल गई उस पर तो मेरा बस नहीं चलता
01:39है इन चीजों पर
01:40जो पिछली मैंने पाइट लड़ी थी उसमें मैं कैसी थी ये तो मैं जानती हूं ना मुझे उससे बहतर होना
01:47है
01:47मुझे उससे बहतर होना है और जिंदगी भर मुझे और बहतर बहतर बहतर ही होते चलना है
01:52मुझे अपनी लड़ाई खुद से लड़नी है
01:55और वो लड़ाईयां ऐसी ऐसी जगों पर हमें पहुचा देती है
01:59जिसका आप पुर्वानवान नहीं लगा सकती है